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मुलायम की छोटी बहू अपर्णा की सीट पर कांग्रेस कर रही दावा, तीन कारणों से रुका है सपा से गठबंधन

रायबरेली और अमेठी की विधानसभा सीटों को लेकर भी कांग्रेस और समाजवादी पार्टी में विवाद है।

Allahabad High Court news, Akhilesh Yadav Govt, Akhilesh Govt Notification, 17 obcs in sc list, Allahabad High Court Akhilesh yadav, Allahabad High Court News, Allahabad High Court latest news, Allahabad High Court hindi newsउत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव। (PTI Photo by Nand Kumar)

कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और अजीत सिंह की आरएलडी पार्टी में सीटों के बंटवारे को लेकर हो रही वार्ता की वजह से गठबंधन की घोषणा में देरी हो रही है। कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के नेताओं ने घोषणा की थी कि वे यूपी विधानसभा चुनाव मिलकर लड़ेंगे। ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी के जनरल सेक्रेट्री गुलाम नबी आजाद जो कि मंगलवार इस बात को लेकर कॉन्फिडेंट थे कि अगल 48 घंटों में सीटों के बंटवारें के मामले को सुलझा लिया जाएगा, लेकिन बुधवार को उन्होंने कहा कि इसमें अभी 100 घंटे और लग सकते हैं।

सूत्रों के मुताबिक पार्टियों ने एक दूसरे को ऐसी सीटों की लिस्ट सौंपी है, जिस पर कोई समझौता नहीं हो सकता। बताया जा रहा है कि समाजवादी पार्टी ने ऐसी 290 सीटों को चुना है। अभी दोनों पार्टियों की लिस्ट में 15 ऐसी सीटों के नाम हैं, जिन पर कोई समझौता नहीं हो सकता। दोनों पार्टियों के सूत्रों ने पुष्टि की है कि समाजवादी पार्टी कांग्रेस के लिए 80-85 सीटें छोड़ने को तैयार थी। वहीं कांग्रेस के सूत्रों के मुताबिक पार्टी इस आंकड़े को 100 तक ले जाना चाहती थी। कांग्रेस के एक सीनियर नेता ने कहा कि ‘हमें हमारी मर्जी से सीटें नहीं मिल रही हैं।’

कांग्रेस सूत्रों ने बताया कि पार्टी को बताया गया है कि पहले और दूसरे चरण में जिन 140 सीटों पर चुनाव होंगे, उनमें से 40 सीटें उन्हें मिलेंगी। ऐसे में पार्टी ने उम्मीदवारों की पहचान करनी शुरू कर दी है। इन 40 सीटों में से कांग्रेस के पास पांच वर्तमान विधायक हैं। कांग्रेस ने लखनऊ कैंट सीट के लिए भी दावा किया है। यह सीट पिछली बार रीता बहुगुणा ने जीती थीं, जो कि अब भारतीय जनता पार्टी के साथ हैं। कुछ महीने पहले समाजवादी पार्टी ने मुलायम सिंह के छोटे बेटे प्रतीक की पत्नी अपर्णा यादव को इस सीट से उम्मीदवार घोषित किया था।

आरएलडी के साथ बातचीत भी सीटों के नंबर को लेकर बात अटकी हुई है। सूत्रों के मुताबिक आरएलडी को 15 सीटें ऑफर की गई हैं, जबकि इसे उम्मीद थी कि यह आंकड़ा दोगुना होगा। वहीं अपना दल के कृष्णा पटेल ने भी इस गठबंधन का हिस्सा होने की इच्छा जाहिर की है, ऐसे में कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पहले खुद का मामला खत्म करना चाहते हैं, उसके बाद वे छोटे साथियों की ओर के मामले को सुलझाएंगे।

सोनिया गांधी और राहुल गांधी की संसदीय सीट अमेठी और रायबरेली की विधानसभा सीटों को लेकर भी विवाद है। रायबरेली और अमेठी की 10 सीटों में से सात सीटों पर सपा विधायक हैं। सपा का कहना है कि वे इन सीटों पर कोई समझौता नहीं करना चाहती हैं, वहीं कांग्रेस इनमें से ज्यादा सीटें चाहती है। दोनों पार्टियां अमेठी विधानसभा सीट और रायबरेली में बच्चारावन सीट को छोड़ने को तैयार नहीं हैं। इसके अलावा उन्नाव, बंगरारमाऊ और भगवंतनगर में कुछ सीटों पर दोनों पार्टियों ने दावा किया है।

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