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योगी आदित्यनाथ पर बीजेपी नेताओं की राय- 2019 के पहले का सबसे बड़ा दांव, चुनाव से पहले अमित शाह के दिमाग में था यह नाम, बहुमत हिंदुत्व के लिए भी है

शनिवार को ही बीजेपी ने लखनऊ में बैठक के बाद योगी आदित्यनाथ का नाम यूपी के मुख्यमंत्री पद के लिए तय किया था।

योगी आदित्यनाथ गोरखपुर से बीजेपी सांसद हैं। उनकी छवि एक हिंदूवादी फायरब्रांड नेता की रही है।

बीजेपी में उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ को मुख्यमंत्री चुने जाने वाले फैसले को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह द्वारा 2019 के लोकसभा चुनावों के लिए सबसे मजबूत सिग्नल माना जा रहा है, ताकि चुनावों से पहले हिंदुओं आबादी को पक्ष में किया जा सके। आदित्यनाथ का नाम तय किए जाने के कुछ घंटों बाद भाजपा के आला नेताओं ने बताया कि चयन को लेकर कुछ मतभेद थे, लेकिन चुनाव से पहले भी अमित शाह के दिमाग में इस पद के लिए आदित्यनाथ के चयन को लेकर कोई भ्रम नहीं था। एक वरिष्ठ पार्टी नेता ने बताया कि योगी आदित्यनाथ के नाम को लेकर हमें कोई शक नहीं था। वह पूरी निष्ठा से भ्रष्टाचार का खात्मा करेंगे और जो पार्टी ने अपने घोषणापत्र में एेलान किए हैं उन्हें पूरा करेंगे। उन्होंने कहा कि किसी और सीएम पद के उम्मीदार के पास सिस्टम संभालने की इच्छा शक्ति नहीं थी।

बीजेपी के एक नेता ने कहा कि 2019 के लोकसभा चुनावों में बीजेपी का ही दबदबा होगा। कई बीजेपी नेताओं का मानना है कि अगले 24 महीनों में हिंदू आबादी को लुभाने के लिए अमित शाह द्वारा खेला गया यह बहुत बड़ा जुआ है। एक नेता ने कहा कि अगर विपक्षी पार्टियों ने योगी आदित्यनाथ की बेबाक आलोचना की तो हिंदू आबादी और ज्यादा बीजेपी के करीब आएगी। वहीं यूपी में ब्यूरोक्रेसी के कामकाज को समझने वाले एक वरिष्ठ नेता कहते हैं कि राज्य में कोई विकास तब तक मुमकिन नहीं है, जब तक पुलिस और शक्तिशाली आईएएस अधिकारियों पर अंकुश नहीं लगाया जाता।

वह कहते हैं कि योगी एक हिंदूवादी नेता हैं और यही उन्हें औरों के मुकाबले अलग करता है। इसी कारण वह पुलिस से बेहतर तरीके से डील कर पाएंगे। बीजेपी के एक अन्य सूत्र ने कहा कि यह बेइमानी होगी अगर आप 2017 के जनादेश को समझ नहीं पाए। यूपी की जनता ने हमें इतना विशाल बहुमत हिंदुत्व और विकास के नाम पर ही दिया है। जो बीजेपी में नहीं हैं, योगी उनके लिए एक बेजान पसंद हो सकते हैं। लेकिन वह शाह और मोदी की पसंद हैं। जब पूछा गया कि एक संन्यासी जो भगवा कपड़े पहनता है, उसे एेसे राज्य को चलाने की जिम्मेदारी क्यों दी गई जहां की 20 करोड़ की आबादी में 20 प्रतिशत मुस्लिम हैं, इस पर वह कहते हैं कि हमारे लिए भगवा वस्त्र कोई लाल टुकड़ा नहीं है। हम क्या कर सकते हैं जब आप हमें गंभीरता से नहीं लेते। हमने कब कहा कि विकास और हिंदुत्व में अंतर्विरोध है। दोनों एक साथ चलेंगे, बस आप देखते जाइए।

यहां देखिए योगी आदित्यनाथ के विवादित बयान:

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