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तीन राज्‍यों में हार के बाद आरएसएस ने भाजपा से कहा- इन मुद्दों पर फोकस करे पार्टी

संघ चाहता है कि भाजपा आगामी चुनाव के मद्देनजर मध्यम वर्ग, किसान, श्रमिक और छोटे उद्यमियों की बेहतरी पर ध्यान केंद्रित करे। साथ ही राम मंदिर निर्माण को लेकर किए गए अपने वादे को पूरा करे।

RSSतस्वीर का इस्तेमाल सिर्फ प्रस्तुतिकरण के लिए किया गया है। (एक्सप्रेस फोटोः गुरमीत सिंह)

राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ तीन राज्यों में हाल में हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा की हार के बाद राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ ने पार्टी को नसीहत दी है। संघ ने आगामी लोकसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए पार्टी से मध्यम वर्ग, किसान, श्रमिक और छोटे उद्यमियों की बेहतरी पर ध्यान केंद्रित करने को कहा है। साथ ही संघ यह चाहता है कि पार्टी अयोध्या में राम मंदिर निर्माण को लेकर किए गए अपने वादे को पूरा करे।

हिंदुस्तान टाइम्स की खबर के मुताबिक, श्रमिक, किसान, अर्थव्यवस्था और शिक्षा से जुड़े संघ से संबंधित संगठनों ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा है कि पिछले साढ़े चार साल में सरकार द्वारा जीएसटी व नोटबंदी जैसे फैसले की वजह से काफी नाराजगी है। साथ ही उन्होंने सबका साथ-सबका विकास सिद्धांत के तहत नीतियां लागू करने में हुई कमियों को भी रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि सरकार ने जनधन योजना, आयुष्मान भारत योजना और उज्जवला योजना को लागू किया। इसके बावजूद काफी संख्या में जरूरत मंदो को इसका लाभ नहीं मिला।

मोदी सरकार द्वारा लागू की गई नोटबंदी योजना को संघ और उससे जुड़े संस्थाओं द्वारा निंदा की गई थी। कहा गया था कि इससे छोटे और मध्यम दर्जे के व्यवसायियों को काफी नुकसान हुआ। संघ प्रमुख मोहन भागवत ने उद्योग, व्यापार, कृषि और पर्यावरण की जरूरतों को पूरा करने के लिए एक नीति बनाने की सलाह दी थी। उन्होंने कहा था कि ऐसी नीति बने जिससे बड़े, मध्यम और छोटे उद्योग से लेकर छोटे खुदरा विक्रेताओं, किसानों और भूमिहीन मजदूरों सभी के हितों की रक्षा हो।

अब अगले कुछ महीनों में देश में आम चुनाव होने वाले हैं। भाजपा वर्ष 2014 की तरह ही अपने प्रदर्शन को दुहराना चाहती है। लेकिन हालिया चुनावी नतीजों के मद्देनजर संघ ने भाजपा को अपनी नीतियों पर पुनर्विचार करने की सलाह दी है। साथ ही कहा है कि ऐसी नीतियां बनाई जाए निम्न व मध्य वर्ग के लोगों को अधिक से अधिक फायदा पहुंचे। उसके बाद मंदिर की भी बात हो। संघ से जुड़े विश्व हिंदू परिषद ने कहा है कि यदि भाजपा 2014 में अपने घोषणा पत्र में राम मंदिर निर्माण के वादे को पूरा नहीं करती है तो वह उसका समर्थन खो देगी।

सबसे अधिक प्रतिक्रिया अर्थव्यवस्था और खेती को लेकर है। भारतीय किसान यूनियन सरकार द्वारा खेती पर ध्यान न दिए जाने की वजह से नाखुश है। यूनियन का मानना है कि सरकार ने ई-बाजार के माध्यम से अनाज खरीद की कीमत बढ़ाने और बाजार के बुनियादी ढ़ाचे को मजबूत करने की घोषणाएं की, लेकिन जमीनी स्तर पर इसका सही तरीके से क्रियान्वयन नहीं किया गया। किसानों की लोन माफी को लेकर होड़ मची हुई है लेकिन इससे असली समस्या दूर होती नहीं दिख रही है। किसानों को उत्तम किस्म के बीच और जैविक खाद की जरूर है। उन्हें जल, उर्जा और अनाजों की सही कीमत की दरकार है।

इसी तरह स्वदेशी जागरण मंच स्वदेशी खासकर छोटे उद्यमियों के लिए ज्याद सुरक्षा चाहती है। संघ की श्रमिक ईकाई भारतीय मजदूर संघ चाहती है कि सरकार न्यूनतम मजदूरी तय करे और उनके सामाजिक सुरक्षा के लिए नियम बनाए। साथ ही श्रमिकों की सुरक्षा के लिए कानून बनाए जांए।

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