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दिल्ली की तीन सीटों पर आम आदमी पार्टी को बड़ी उम्मीदें

गठबंधन के इंतजार में आखिर तक फंसी आप की रणनीति को कांग्रेस ने बड़ा झटका दियौ। यही वजह कि रणनीति के बाद भी दक्षिणी दिल्ली, नई दिल्ली, पश्चिमी दिल्ली और चांदनी चौक में काफी पीछे है। इन पर ब्रजेश गोयल, राघव चड्डा, पंकज गुप्ता और बीएस जाखड़ मैदान में हैं।

Author Published on: May 9, 2019 2:26 AM
आप संयोजक अरविंद केजरीवाल। (फोटोः पीटीआई)

पंकज रोहिला

लोकसभा चुनाव में दिल्ली की सात सीट में सें तीन सीट पर आम आदमी पार्टी से भाजपा- कांग्रेस को कड़ी चुनौती मिल रही है। ये चुनौती दिल्ली में समीकरण बिगाड़ सकती है। इन सीटों पर आप की निगाह मुसलिम मतदाताओं पर है। इन मतदाताओं के बूते ही उसे विधानसभा चुनाव में 67 सीटें मिली थीं। इन मतदाताओं की कांग्रेस वापसी या एकतरफा मतदान ही हार व जीत तय करेगा।

सबसे नजदीकी मुकाबला उत्तर पूर्व में
आप ने उत्तर पूर्व दिल्ली में दिलीप पांडे को उम्मीदवार बनाया है। जबकि इस सीट पर ही भाजपा से मनोज तिवारी व कांग्रेस से शीला दीक्षित मैदान में हैं। इस वजह से सीट पर त्रिकोणीय घमासान है। इन चेहरोें के साथ पूर्वाचली व पंडित मतदाता बंट रहा है। मुसलिम मतदाताओं का मतदान इस बार अहम होगा। बीते लोकसभा चुनाव में इस सीट पर आप को 4.50 लाख से अधिक वोट मिले थे।

उत्तर पश्चिम में चेहरे से कड़ा हुआ मुकाबला
उत्तर पश्चिम दिल्ली सीट पर आप ने मुकाबले को स्थानीय बनाम बाहर बना दिया है। यह ग्रामीण बहुल सीट है। भाजपा ने इनके सामने हंसराज हंस और कांग्रेस ने राजेश लिलोठिया को उतारा है। गूगन सिंह ग्रामीण क्षेत्र से सीधे जुड़े हैं। इसका लाभ उन्हें चुनावी सभाओं भी मिल रहा है। जबकि भाजपा का चेहरा यहां कार्यकर्ताओं व जनता के लिए नया है। यह बात भाजपा के स्थानीय कैडर को भी नहीं पंसद नहीं आई है, इसलिए इनका मुकाबला और कड़ा हो गया है। यहां बीते लोकसभा चुनाव में आप को करीब सवा पांच लाख वोट मिले थे। टक्कर इन दोनों के बीच है। कांग्रेस का कैडर वापस जाता है तो इससे मुकाबला और दिलचस्प होगा।

पूर्वी सीट पर मतदान प्रतिशत तय करेगा जीत
पूर्वी दिल्ली सीट पर मतदान प्रतिशत तय करेगा कि जीत का सेहरा किसके सिर होगा। दिल्ली में अब तक शिक्षा के क्षेत्र में हुए काम का सेहरा आप ने उम्मीदवार आतिशी के सिर बांधा है। वहीं कांग्रेस ने भी मैदान में पूर्व शिक्षा व परिवहन मंत्री रहे अरविंदर सिंह लवली को उतारा है। ये दोनों ही चेहरे इस सीट के लिए बड़े हैं, जबकि गौतम गंभीर इस बार भाजपा का चेहरा हैं। वे राजनीति व क्षेत्र के लिए नए हैं। बीते लोकसभा चुनाव में यहां आप को 3.81 लाख वोट मिले थे।

चार सीट पर है आप की हालत खराब
गठबंधन के इंतजार में आखिर तक फंसी आप की रणनीति को कांग्रेस ने बड़ा झटका दियौ। यही वजह कि रणनीति के बाद भी दक्षिणी दिल्ली, नई दिल्ली, पश्चिमी दिल्ली और चांदनी चौक में काफी पीछे है। इन पर ब्रजेश गोयल, राघव चड्डा, पंकज गुप्ता और बीएस जाखड़ मैदान में हैं। इन सीटों पर सीधी टक्कर भाजपा व कांग्रेस में है। इस वजह मुसलिम बहुल इलाकों में आप का रूझान अधिक है। इस स्थिति में मुसलिम मतदाता का रुख देखना होगा कि वह किस तरफ जा रहा है।

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