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आचार संहिता उल्लंघन पर रेलवे के चार अधिकारी निलंबित

उत्तर प्रदेश में बाराबंकी रेलवे स्टेशन पर यात्रियों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर वाला टिकट जारी किए जाने के मामले में रेलवे के चार अधिकारियों को मंगलवार को निलंबित कर दिया गया।

’ बाराबंकी आरक्षण केंद्र से जारी टिकट पर प्रधानमंत्री आवास योजना के विज्ञापन में प्रधानमंत्री की तस्वीर ’ प्रशासन व चुनाव आयोग ने लिया संज्ञान, रेलवे ने की कार्रवाई

उत्तर प्रदेश में बाराबंकी रेलवे स्टेशन पर यात्रियों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर वाला टिकट जारी किए जाने के मामले में रेलवे के चार अधिकारियों को मंगलवार को निलंबित कर दिया गया। अधिकारियों ने बताया कि लखनऊ खंड रेलवे प्रबंधक ने एक मुख्य आरक्षण पर्यवेक्षक, एक वाणिज्यिक निरीक्षक और दो आरक्षण लिपिकों को निलंबित किया है। उत्तर रेलवे के बाराबंकी स्टेशन से जारी आरक्षित टिकट पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर छपी थी। लोकसभा चुनाव के एलान के बाद आदर्श आचार संहिता लागू है, जिसके तहत रेलवे बोर्ड ने पुराने ऐसे टिकट रोल का इस्तेमाल करने पर भी रोक लगा दी थी। रेलवे टिकट पर छपी प्रधानमंत्री की तस्वीर शहरी विकास मंत्रालय के विज्ञापन अभियान का हिस्सा थी। टिकट के पिछले हिस्से का इस्तेमाल अक्सर विज्ञापनों के लिए किया जाता है।

बाराबंकी आरक्षण केंद्र पर तैनात आरक्षण कर्मी चित्रा कुमारी ने 14 अप्रैल को सुबह 10.34 बजे एक यात्री का टिकट बनाया। यह टिकट पुराने रोल पर 13308 गंगा सतलज एक्सप्रेस में थर्ड एसी का बाराबंकी से वाराणसी के लिए जारी किया गया था। टिकट पर प्रधानमंत्री आवास योजना बाकी पेज 8 पर (ग्रामीण) सबके लिए आवास का विज्ञापन छपा था, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का फोटो भी छपा था। इसको लेकर एक व्यक्ति ने ट्वीट कर दिया।
मामला बाराबंकी जिला प्रशासन व चुनाव आयोग के संज्ञान में आते ही रेलवे हरकत में आ गया। डीआरएम सतीश कुमार ने मंडल वाणिज्य प्रबंधक से रिपोर्ट तलब करने के साथ ही वाणिज्य निरीक्षक तरुण शर्मा, रिजर्वेशन सुपरवाइजर सुरेश कुमार, आरक्षण क्लर्क चित्रा कुमारी और मुख्य आरक्षण पयर्वेक्षक ओंकारनाथ को निलंबित कर दिया। चुनाव आयोग ने पूरे मामले पर जिला प्रशासन से रिपोर्ट तलब की थी।

इसके बाद डीएम ने एडीएम संदीप कुमार गुप्ता को इस मामले की जांच सौंपी। एडीएम की जांच में रेल कर्मचारी प्रथम दृष्टया दोषी पाए गए। रेलवे ने इन कमर्चारियों पर नजर रखने की जिम्मेदारी निभाने वाले सीएमआइ को भी निलंबित कर दिया। आरक्षण क्लर्क चित्रा कुमारी व मुख्य आरक्षण पयर्वेक्षक ओंकारनाथ ने गलती से पुराना टिकट रोल लग जाने की बात कही थी। लेकिन रेलवे ने कोई रियायत देने के बजाए उनके खिलाफ कार्रवाई की। इससे पहले भी रेलवे में चुनावी प्रचार पर विवाद हो चुका था। रेलवे टिकट पर प्रधानमंत्री मोदी की तस्वीर के अलावा ‘मैं भी चौकीदार’ छपे कप में चाय बांटी जा रही थी। जिसको लेकर चुनाव आयोग में शिकायत की गई थी और बाद में कप हटा लिए गए थे।

दरअसल, भारतीय रेलवे ने बुधवार को ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीरों वाले टिकट वापस लेने का फैसला किया था। इस तरह के लगभग एक लाख टिकट छपे थे। रेलवे के अधिकारियों के मुताबिक, सभी मंडलों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीरों वाले टिकटों का इस्तेमाल नहीं करने को लेकर निर्देश दिए गए हैं। एक अधिकारी ने कहा कि यह खुद से लिया गया फैसला है। हमें इस संबंध में चुनाव आयोग की ओर से कोई निर्देश नहीं मिला है।

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