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गजब! खुद को ही दिया जिंदगी का पहला वोट और सिर्फ 22 साल में सबसे बड़ी जीत के साथ बन गईं प्रधान

अमतुल्लाह मेहर की अनोखी किस्मत है। पहली बार वोट दिया वो भी खुद को और बिना सियासी बैकग्राउंड के पंचायत प्रधान बन गईं।

अमतुल्लाह मेहर (फोटोः सोशल मीडिया)

राजस्थान में इन दिनों विधानसभा चुनावों की चर्चा है लेकिन इस बीच पिछले पंचायत चुनाव से एक ऐसी कहानी निकल कर आई है जो आपको अचंभित कर देगी। सियासत में अक्सर पसीना बहाते-बहाते लोगों की जिंदगी निकल जाती है लेकिन हासिल कुछ नहीं होता। इसके उलट जैसलमेर से एक ऐसा उदाहरण सामने आया है जिसे जानकर आप चौंक जाएंगे। यहां की रहने वाली अमतुल्लाह मेहर ने पहली बार जब वोट दिया तभी वे पंचायत समिति की प्रधान बन गईं।

पहली बार मतदान किया और जीत लिया चुनाव
यह मामला जिले की पोकरण विधानसभा क्षेत्र में सांकड़ा पंचायत का है। बड़ी बात यह है कि अमतुल्लाह से पहले उनके परिवार का कोई भी सदस्य राजनीति में नहीं रहा है। 22 साल की अमतुल्लाह अंग्रेजी में एमए कर चुकी हैं। पिछले चुनाव में उन्हें कांग्रेस की तरफ से टिकट मिला। उन्होंने सामान्य सीट वार्ड-4 से चुनाव लड़ा। उन्होंने पहली बार मतदान भी इसी चुनाव में किया।

सबसे बड़ी जीत के साथ हुई शुरुआत
अमतुल्लाह ने अपने पहले चुनाव में पंचायत समिति के सदस्य के रूप में सबसे अधिक 2332 मतों के अंतर से जीत दर्ज की। इसके बाद उन्हें सांकड़ा पंचायत समिति का प्रधान बना दिया गया। इस शानदार उपलब्धि पर उनका कहना है कि उन्होंने कभी चुनाव लड़ने का तक नहीं सोचा था। लेकिन किस्मत चमक गई। अब वे दूसरे युवाओं से भी अधिक से अधिक वोट देने की अपील करती हैं।

गर्व का दिन था वो: अमतुल्लाह
अमतुल्लाह कहती हैं कि अचानक टिकट मिलना, पहली बार में ही खुद के लिए वोट देना और फिर जीत जाना। ये सब वाकई यादगार और गर्व करने वाला दिन था। उल्लेखनीय है कि राजस्थान में पंचायत चुनावों के लिए कम से कम आठवीं कक्षा तक पढ़ा-लिखा होना जरूरी है। इस तरह के उदाहरण कम ही देखने को मिलते हैं।

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