ताज़ा खबर
 

Lok Sabha Election 2019: बीजेपी के पाले में आए मायावती के 15 बड़े नेता, विपक्षी गठबंधन का यूं गणित बिगाड़ रहे अमित शाह

Lok Sabha Election 2019 (लोकसभा चुनाव 2019): लोकसभा चुनाव के लिए मतदान में एक महीने से भी कम समय बचा है। लेकिन, उत्तर प्रदेश में बीजेपी अपने प्रतिद्वंदी बसपा और सपा के नेताओं को अपने पाले में लाने की कवायद जारी रखे हुए है। बीजेपी चुनाव के अहम पड़ाव पर सेंधमारी करके गठबंधन की गणित बिगाड़ देना चाहती है।

भाजपा अध्यक्ष अमित शाह (फोटो सोर्स:PTI)

Lok Sabha Election 2019: लोकसभा चुनाव के लिए मतदान संपन्न होने में महज एक महीने से भी कम वक़्त बचा है, लेकिन महागठबंधन से नेताओं का पार्टी छोड़ने का सिलसिला जारी है। उत्तर प्रदेश में दो महीने पहले बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) द्वारा समाजवादी पार्टी (सपा) के साथ गठबंधन के ऐलान के बाद से यहां भी परिस्थितियां सही नहीं है। इस दौरान मायावती के नेतृत्व वाली पार्टी से 15 बड़े नेताओं ने नाता तोड़ बीजेपी जॉइन कर लिया है। इनमें 11 नेता ऐसे हैं जिन्होंने बीएसपी के टिकट पर लोकसभा या विधानसभा का चुनाव लड़ा है।

11 अप्रैल से शुरू होने वाला मतदान उत्तर प्रदेश में सभी सात चरणों में संपन्न होगा। लेकिन, इससे पहले ही कांग्रेस, आरएलडी और समाजवादी पार्टी के 28 नेताओं ने बीजेपी का दामन थाम लिया है। इनमें मायावती की पार्टी बीएसपी का साथ छोड़ने वाले नेताओं की तादाद अधिक है। पार्टी छोड़ने वाले नेताओं में से एक ने दबे हुए अंदाज में बताया कि उन्होंने अपने लोकसभा क्षेत्र से टिकट सुरक्षित रखने के लिए राजनीतिक पाला बदला है। बीएसपी और समाजवादी पार्टी ने जनवरी में गठबंधन पर औपचारिक मुहर लगा दी थी। सीट समझौते के तहत उत्तर प्रदेश की कुल 80 लोकसभा सीट में से मायावती की पार्टी 38 और अखिलेश यादव की पार्टी (सपा) ने 37 सीटों पर चुनाव लड़ने का ऐलान किया।

वैसे बीजेपी का कहना है कि जो भी उनके लिए ज्यादा वोट हासिल करेगा उनके लिए पार्टी का दरवाजा खुला हुआ है। लेकिन, मतदान से पहले बीएसपी के खेमें से नेताओं को अपने पाले में करना बीजेपी का यह एक गेम-प्लान है। इसके तहत वह बेहद ही खास वक़्त में बीएसपी और सपा की मजबूत गणित को बिगाड़ देना चाहती है। जिन बीएसपी नेताओं ने बीजेपी जॉइन किया है उनमें कई मंत्री और पार्टी में विशेष स्थान रखते थे। इनमें विजय प्रकाश जायसवाल भी शामिल हैं जो 12 मार्च को बीजेपी में शामिल हुए। जायसवाल ने बीएसपी के टिकट पर 2014 में वाराणसी से लोकसभा चुनाव लड़ा था।

जायसवाल ने बीजेपी के तत्कालीन पीएम उम्मीदवार नरेंद्र मोदी के खिलाफ 60,569 वोट हासिल किए थे। लेकिन, जैसे ही वाराणसी की सीट समझौते के तहत सपा के खाते में गई, उन्होंने पाला बदल लिया। जायसवाल कहते हैं, “मैंने (2014 लोकसभा चुनाव) बीएसपी की बदौलत नहीं, बल्कि व्यक्तिगत लोकप्रियता के आधार पर वोट हासिल किए थे। मेरी मौजूदगी से वाराणसी में बीजेपी को काफी मदद मिलेगी।”

आगरा से गुटियारी लाल दुबेश ने भी 12 मार्च को ही बीएसपी को अलविदा कहा था और बीजेपी का दामन थामा था। दुबेश एक दलित नेता हैं और बीएसपी से आगरा कैंट इलाके से 2012 में विधायक रह चुके हैं। इनके अलावा बीएसपी के पूर्व राष्ट्रीय प्रवक्ता उम्मेद प्रताप सिंह ने भी बीजेपी जॉइन कर लिया है। 2007 में उम्मेद सिंह बीएसपी के टिकट पर प्रतापगढ़ जिले के रामपुर खास से चुनाव लड़े, लेकिन हार गए थे। सिंह को बीएसपी का मेहनती नेता माना जाता रहा है, लेकिन प्रतापगढ़ से टिकट मांगने की उनकी जिद को पार्टी ने पूरा नहीं किया और उन्होंने बीजेपी का हाथ पकड़ लिया।

इस क्रम में बीजेपी ने तीन बार विधायक रहे छोटेलाल वर्मा (जिन्होंने, 2012 में सपा उम्मीदवार को शिकस्त दी थी) और रामहेत भारती (मायावती सरकार में मंत्री एवं सीतापुर से दलित चेहरा रहे भारती बीएसपी के तगड़े स्तंभ माने जाते थे) को अपने पाले में लाकर बीएसपी को तगड़ा झटका दे दिया है।

Hindi News के लिए हमारे साथ फेसबुक, ट्विटर, लिंक्डइन, टेलीग्राम पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News AppOnline game में रुचि है तो यहां क्‍लिक कर सकते हैं।

Next Stories
1 Election 2019: विद्यार्थियों संग राहुल गांधी के ‘संवाद’ पर तमिलनाडु सरकार ने दिए जांच के आदेश
2 Lok Sabha Election 2019: राजस्थान सीएम गहलोत के बेटे के लोकसभा टिकट पर पायलट का लगेगा ‘ब्रेक’!
3 Election 2019: दोबारा चुनाव लड़ने के मूड में नहीं परेश रावल! सीट के लिए बीजेपी नेताओं में होड़
ये पढ़ा क्या?
X