Deepti Gaur Mukerjee Education: केंद्र सरकार ने 1993 बैच की मध्य प्रदेश कैडर की IAS अधिकारी दीप्ति गौड़ मुखर्जी को देश की नई उच्च शिक्षा सचिव नियुक्त किया है। 10 अगस्त 2026 को जारी प्रशासनिक आदेश के बाद वह उच्च शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी संभालेंगी। इससे पहले वह केंद्र सरकार के कॉरपोरेट कार्य मंत्रालय में सचिव के पद पर कार्यरत थीं।
दीप्ति गौड़ मुखर्जी की नई जिम्मेदारी को देखते हुए उनकी प्रशासनिक पृष्ठभूमि के साथ-साथ उनकी शैक्षणिक योग्यता भी चर्चा में है। मध्य प्रदेश सरकार की आईएएस अधिकारियों की सूची में उनके नाम के सामने अर्थशास्त्र में एमए, हाउसिंग एंड अर्बन डेवलपमेंट में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा और पब्लिक मैनेजमेंट एंड गवर्नेंस में एमएससी दर्ज है।
Deepti Gaur Mukerjee की पढ़ाई कितनी है?
दीप्ति गौड़ मुखर्जी की एजुकेशनल प्रोफाइल को देखें तो उनकी उच्च शिक्षा का बड़ा हिस्सा अर्थशास्त्र, शहरी विकास और सार्वजनिक प्रबंधन जैसे विषयों से जुड़ा रहा है। यह संयोजन प्रशासन और सार्वजनिक नीति से जुड़े कार्यों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा सकता है।
उनकी उपलब्ध शैक्षणिक जानकारी इस प्रकार है।
M.A. in Economics (अर्थशास्त्र में एमए)
Post Graduate Diploma in Housing & Urban Development (हाउसिंग एवं अर्बन डेवलपमेंट में पीजी डिप्लोमा)
M.Sc. in Public Management & Governance (पब्लिक मैनेजमेंट एवं गवर्नेंस में एमएससी)
की पढ़ाई की है। मध्य प्रदेश कैडर की IAS सूची में इन योग्यताओं का उल्लेख किया गया है।
Economics में की है मास्टर्स की पढ़ाई
दीप्ति गौड़ मुखर्जी की शिक्षा में अर्थशास्त्र प्रमुख विषय रहा है। उनकी योग्यता में M.A. (Economics) दर्ज है। अर्थव्यवस्था, सार्वजनिक वित्त और विकास से जुड़े विषय प्रशासनिक निर्णयों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
यही वजह है कि उनकी अकादमिक पृष्ठभूमि को केवल सामान्य स्नातकोत्तर डिग्री तक सीमित करके नहीं देखा जा सकता। उनकी आगे की पढ़ाई भी सार्वजनिक प्रशासन और विकास से जुड़े क्षेत्रों की ओर बढ़ती दिखाई देती है।
Housing और Urban Development में भी पढ़ाई
दीप्ति गौड़ मुखर्जी की शैक्षणिक प्रोफाइल का एक खास हिस्सा आवास और शहरी विकास से संबंधित है। आईएएस कैडर रिकॉर्ड में उनके नाम के साथ इस क्षेत्र में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा दर्ज है।
हाउसिंग और शहरी विकास जैसे विषयों का संबंध शहरों की योजना, आवास, बुनियादी ढांचे और सार्वजनिक सेवाओं से होता है। इसलिए उनकी शिक्षा में यह विशेषज्ञता उनके प्रशासनिक अनुभव की एक अलग परत जोड़ती है।
Public Management और Governance में MSc
उनकी एजुकेशनल प्रोफाइल में एमएससी इन पब्लिक मैनेजमेंट एंड गवर्नेंस भी दर्ज है। यह पढ़ाई सीधे तौर पर सरकारी संस्थानों के प्रबंधन, सार्वजनिक नीति, प्रशासनिक व्यवस्था और शासन से जुड़े विषयों से संबंधित है। इस तरह उनकी अकादमिक यात्रा को मोटे तौर पर तीन क्षेत्रों अर्थशास्त्र, शहरी विकास और सार्वजनिक प्रबंधन एवं शासन में देखा जा सकता है।
पढ़ाई और प्रशासनिक करियर का कनेक्शन
दीप्ति गौड़ मुखर्जी का प्रशासनिक करियर 1993 बैच की IAS अधिकारी के रूप में शुरू हुआ। वह मध्य प्रदेश कैडर से हैं और केंद्र सरकार में भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल चुकी हैं। जनवरी 2024 में उन्हें राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (NHA) की CEO की जिम्मेदारी दी गई थी। इसके बाद अगस्त 2024 में वह केंद्र सरकार के कॉरपोरेट कार्य मंत्रालय में सचिव बनीं।
कॉरपोरेट कार्य मंत्रालय में रहते हुए वह प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना जैसे कार्यक्रमों से जुड़े मुद्दों पर भी सार्वजनिक रूप से बात कर चुकी हैं। मई 2026 में एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने भारत के शिक्षा एवं स्किलिंग सिस्टम और उद्योग की जरूरतों के बीच मौजूद अंतर पर चर्चा की थी।
Higher Education Secretary की जिम्मेदारी
अब दीप्ति गौड़ मुखर्जी को उच्च शिक्षा विभाग की कमान दी गई है, जो अब विनीत जोशी का स्थान लेंगी। उच्च शिक्षा सचिव के रूप में उनका काम विश्वविद्यालयों, उच्च शिक्षा संस्थानों और इससे जुड़ी केंद्रीय नीतियों के प्रशासनिक स्तर पर क्रियान्वयन से जुड़ा होगा।
उनकी नियुक्ति ऐसे समय हुई है जब उच्च शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े मुद्दे लगातार चर्चा में हैं। ऐसे में उनकी शिक्षा और प्रशासनिक अनुभव का इस्तेमाल उच्च शिक्षा से जुड़े नीतिगत और संस्थागत मामलों में महत्वपूर्ण हो सकता है।
कौन हैं दीप्ति गौड़ मुखर्जी?
दीप्ति गौड़ मुखर्जी 1993 बैच की IAS अधिकारी हैं और मध्य प्रदेश कैडर से संबंधित हैं। उपलब्ध कैडर रिकॉर्ड में उनकी जन्मतिथि 3 फरवरी 1969 और गृह राज्य उत्तर प्रदेश दर्ज है। केंद्र सरकार में कॉरपोरेट कार्य सचिव बनने से पहले वह स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभा चुकी हैं। राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण में CEO के रूप में उनकी नियुक्ति दिसंबर 2023 में हुई थी।
शिक्षा से प्रशासन तक बनी अलग पहचान
दीप्ति गौड़ मुखर्जी की प्रोफाइल में सबसे दिलचस्प बात उनकी पढ़ाई के विषयों का मेल है। अर्थशास्त्र की शुरुआत आवास एवं शहरी विकास और फिर सार्वजनिक प्रबंधन एवं शासन से हुई तक पहुंचने वाली उनकी अकादमिक पृष्ठभूमि प्रशासन और सार्वजनिक नीति के अलग-अलग पहलुओं से जुड़ती है।
अब जब उन्हें देश के उच्च शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी मिली है, तो उनकी यह शैक्षणिक पृष्ठभूमि भी विशेष ध्यान आकर्षित कर रही है। हालांकि, किसी अधिकारी की शिक्षा से उसके भविष्य के नीतिगत फैसलों का अनुमान लगाना उचित नहीं होगा; उनकी नई भूमिका में वास्तविक प्राथमिकताएं आने वाले समय में सामने आएंगी।
