उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET 2026) का आयोजन 2 जुलाई से 4 जुलाई तक किया जाएगा। इस बार परीक्षा को लेकर व्यापक तैयारियां की गई हैं, जिसमें लगभग 19.94 लाख अभ्यर्थियों के शामिल होने की संभावना है। परीक्षा प्रदेश के 60 जिलों में स्थित 955 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित होगी। सरकार ने पहले ही अभ्यर्थियों के लिए एडमिट कार्ड जारी कर दिए हैं और सभी जिलों में प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां तेज कर दी गई हैं।

सीएम योगी के निर्देश: इन-सर्विस शिक्षकों के लिए अलग टीईटी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने परीक्षा तैयारियों की समीक्षा बैठक के दौरान स्पष्ट निर्देश दिए कि इन-सर्विस शिक्षकों के लिए अलग से टीईटी आयोजित किया जाए, ताकि उन्हें अपनी पात्रता साबित करने के लिए पर्याप्त अवसर मिल सकें और किसी भी शिक्षक को अवसर की कमी के कारण नुकसान न हो।

सीएम योगी ने कहा कि शिक्षक पात्रता परीक्षा जैसी महत्वपूर्ण व्यवस्था में किसी भी अभ्यर्थी के साथ अन्याय नहीं होना चाहिए और सभी को समान अवसर मिलना जरूरी है।

परीक्षा में शामिल होंगे लगभग 20 लाख अभ्यर्थी

UPTET 2026 में कुल 19,94,661 अभ्यर्थियों के शामिल होने की संभावना है, जिनमें 17,67,180 अभ्यर्थी उत्तर प्रदेश से और 2,27,481 अभ्यर्थी अन्य राज्यों से शामिल होंगे। सबसे अधिक अभ्यर्थी वाले जिलों में वाराणसी, प्रयागराज, लखनऊ, गोरखपुर, कानपुर नगर, मेरठ, मऊ, मुरादाबाद, आगरा और जौनपुर शामिल हैं।

पारदर्शिता और सुरक्षा पर विशेष जोर

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि परीक्षा की पारदर्शिता, निष्पक्षता और विश्वसनीयता किसी भी स्थिति में प्रभावित न हो। उन्होंने कहा कि यह परीक्षा लाखों युवाओं के भविष्य से जुड़ी है, इसलिए इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। साथ ही, सोशल मीडिया पर फैलने वाली अफवाहों और गलत सूचनाओं पर कड़ी निगरानी रखने के निर्देश भी दिए गए हैं।

अभ्यर्थियों के लिए विशेष सुविधाएं

सरकार ने सभी परीक्षा केंद्रों पर बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित करने के आदेश दिए हैं, जिनमें पेयजल की व्यवस्था, स्वच्छ शौचालय, छायादार प्रतीक्षा स्थल, निर्बाध बिजली आपूर्ति, फायर सेफ्टी व्यवस्था, आपातकालीन चिकित्सा सुविधा शामिल हैं। इसके अलावा रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और प्रमुख ट्रांजिट पॉइंट्स पर भी विशेष व्यवस्था की जाएगी ताकि बाहर से आने वाले अभ्यर्थियों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।

परीक्षा से पहले मॉक ड्रिल और कड़े निर्देश

मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन को निर्देश दिया है कि परीक्षा से एक दिन पहले सभी व्यवस्थाओं का पूर्ण मॉक ड्रिल किया जाए और परीक्षा ड्यूटी में केवल उन्हीं अधिकारियों को लगाया जाए जिनका रिकॉर्ड पूरी तरह से स्वच्छ और भरोसेमंद हो।