UPSC Success Story: पहली कोशिश में हुईं फेल लेकिन नहीं मानी हार, फिर यूपीएससी में पाई ऑल इंडिया 23वीं रैंक, आज IFS अधिकारी हैं सदफ चौधरी

सदफ चौधरी ने घर पर ही सिविल सेवा की तैयारी की। वह मानती हैं कि तैयारी के लिए खुद के द्वारा तैयार किया गया माहौल काफी मायने रखता है।

Sadaf Chaudhary
सदफ ने जब सिविल सेवा की पहली बार प्री परीक्षा दी थी तो वह फेल हो गई थीं। फोटो- सदफ चौधरी (Video Screenshot Of Youtube/Drishti IAS:English)

यूपीएससी परीक्षा को पास करना एक स्टूडेंट के लिए काफी मायने रखता है। इसके पीछे सालों की कड़ी तपस्या और मेहनत होती है। बहुत कम स्टूडेट्स होते हैं जो इस परीक्षा में सफल हो पाते हैं। लेकिन जो ऐसा कर लेते हैं, वे दूसरों के लिए प्रेरणा बन जाते हैं।

कुछ ऐसी ही सक्सेज स्टोरी आईएफएस (Indian Foreign Services) अधिकारी सदफ चौधरी की है। वह मूल रूप से रुड़की के मोहितपुर गांव की रहने वाली हैं। ऐसे में ये बात तो साफ है कि उनके पास संसाधनों का अभाव था। फिर भी उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और अपनी लगन से ये मुकाम हासिल किया।

सदफ चौधरी ने घर पर ही सिविल सेवा की तैयारी की। वह मानती हैं कि तैयारी के लिए खुद के द्वारा तैयार किया गया माहौल काफी मायने रखता है। आपके दोस्त, आपकी संगति हर चीज आपकी तैयारी कि दिशा को तय करती है।

सदफ चौधरी एक छोटे से गांव में अपनी पढ़ाई कर रही थीं, ऐसे में सिविल सर्विस के लिए उन्हें सही गाइडेंस मिलना बड़ा मुश्किल था। फिर भी वह साल 2018 से 2 साल तक कड़ी मेहनत करती रहीं।

सदफ ने जब सिविल सेवा की पहली बार प्री परीक्षा दी थी तो वह फेल हो गई थीं। इस बात ने उन्हें निराश नहीं किया, बल्कि उन्होंने अपनी तैयारी को और मजबूत बनाने की ठान ली। फिर सदफ ने ऑल इंडिया 23वीं रैंक हासिल की।

सदफ का कहना है कि सिविल सेवा की तैयारी के लिए रणनीति बनाना बहुत जरूरी है। बिना रणनीति के स्टूडेंट्स को काफी मुश्किल होगी। इसलिए नोट्स बनाएं और अपनी तैयारी के प्रति ईमानदार रहें।

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