UPSC: बचपन से नेत्रहीन प्रांजल ने बिना कोचिंग के पास किया यूपीएससी एग्जाम

2017 सिविल सेवा परीक्षा में 124वीं रैंक हासिल करने के बाद, उन्हें 2018 में एर्नाकुलम, केरल में सहायक कलेक्टर के रूप में तैनात किया गया था।

Pranjal Patil, visually challenged IAS officer, IAS officer Pranjal Patil, UPSC exams, IAS, IAS success stories
महाराष्ट्र के उल्हासनगर की रहने वाली प्रांजल का जन्म कमजोर दृष्टि के साथ हुआ था और 6 साल की उम्र में उन्होंने अपनी दृष्टि पूरी तरह से खो दी थी। (फोटो सोर्स – The Indian Express)

UPSC: देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक – संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) या जिसे आमतौर पर सिविल सेवा परीक्षा कहा जाता है – को क्रैक करने में वर्षों की मेहनत और लगन लगती है। इसके लिए उम्मीदवार कड़ी मेहनत करते हैं। आज हम आपके बता रहे हैं प्रांजल पाटिल की कहानी, जो अपनी तमाम मुश्किलों से ऊपर उठकर भारत की पहली दृष्टिबाधित महिला आईएएस अधिकारी बनीं। उनकी सफलता की कहानी प्रेरणा से भरी हुई है ।

प्रांजल दो बार यूपीएससी परीक्षा में शामिल हुईं – एक बार 2016 में और एक बार 2017 में। 2016 में उनका रैंक 744 था, लेकिन अपने दूसरे प्रयास में, उन्होंने AIR 124 हासिल किया। महाराष्ट्र के उल्हासनगर की रहने वाली प्रांजल का जन्म कमजोर दृष्टि के साथ हुआ था और 6 साल की उम्र में उन्होंने अपनी दृष्टि पूरी तरह से खो दी थी।

UPSC: तीन प्रयास के बाद दिल्ली के जयंत ने पूरा किया सपना, इस तरह पाई सिविल सेवा परीक्षा में 50वीं रैंक

उन्होंने नेत्रहीनों के लिए मुंबई के कमला मेहता दादर स्कूल से अपनी स्कूली शिक्षा की और राजनीति विज्ञान में सेंट जेवियर्स कॉलेज से स्नातक की पढ़ाई की। उन्होंने दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय से इंटरनेशनल रिलेशन में पोस्ट ग्रेजुएट किया और फिर एम.फिल और पीएचडी के लिए गईं।

UPSC: बिहार के प्रवीण कुमार ने तीसरे प्रयास में पाई कामयाबी, परीक्षा के लिए देते हैं यह सलाह

प्रांजल ने कभी भी IAS की तैयारी के लिए कोचिंग नहीं ली। उसने एक विशेष सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल किया जो किताबों को ज़ोर से सुनाता था। भले ही उनकी आंखे नहीं थी, लेकिन उन्होंने अपनी कान की क्षमता का फायदा उठाया।

UPSC: सिविल सेवा परीक्षा के लिए छोड़ दी बैंक की नौकरी, दिव्यांशु चौधरी ने दूसरे प्रयास में ऐसे पाई 30वीं रैंक

2017 सिविल सेवा परीक्षा में 124वीं रैंक हासिल करने के बाद, उन्हें 2018 में एर्नाकुलम, केरल में सहायक कलेक्टर के रूप में तैनात किया गया था। दृष्टिबाधित होने के कारण उन्हें भारतीय रेलवे लेखा सेवा में नौकरी देने से मना कर दिया गया था।

पढें एजुकेशन समाचार (Education News). हिंदी समाचार (Hindi News) के लिए डाउनलोड करें Hindi News App. ताजा खबरों (Latest News) के लिए फेसबुक ट्विटर टेलीग्राम पर जुड़ें।

Next Story
दुनिया में सबसे पहले स्‍टॉकहोम और टैलिन में आएगा 5G नेटवर्क, 2018 में होगी शुरुआतSwedish telecom operator, TeliaSonera, Ericsson, Stockholm, Tallinn, 5G, स्‍वीडन, स्‍टॉकहोम, टैलिन, 5जी नेटवर्क, gadget news in hindi
अपडेट