UPSC: कानपुर की रहने वाली गुंजन ने असफलता के सामने नहीं मानी हार, तीसरे प्रयास में ऐसे किया टॉप

UPSC: दो बार असफल होने के बावजूद भी गुंजन ने हार नहीं मानी और केवल सिविल सेवा परीक्षा के लिए पढ़ाई करती रहीं।

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गुंजन ने अपने तीसरे प्रयास में न केवल यह कठिन परीक्षा पास की बल्कि 16वीं रैंक के साथ टॉप भी किया।

UPSC: गुंजन सिंह उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले की रहने वाली हैं। उन्होंने स्कूली शिक्षा पूरी करने के बाद जेईई की परीक्षा दी और सफलता प्राप्त करने के बाद आईआईटी रुड़की में दाखिला ले लिया। फिर यहां से उन्होंने बैचलर्स की डिग्री प्राप्त की है। ग्रेजुएशन के ही दौरान गुंजन को एक इंटर्नशिप में गांव की जिंदगी और वहां की कठिनाइयों से रूबरू होने का अवसर मिला। इस घटना के बाद ही गुंजन को सिविल सेवा परीक्षा देने का विचार आया। जिससे वह गरीब और कमजोर लोगों के लिए कुछ बेहतर कर सकें।

ग्रेजुएशन के बाद ही गुंजन की एक अच्छी कंपनी में नौकरी भी लग गई थी। फिर सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी के लिए उन्होंने नौकरी छोड़ना उचित समझा। गुंजन पूरी तरह से पढ़ाई में जुट गई थीं। जब उन्होंने सिविल सेवा परीक्षा का पहला प्रयास दिया तो वह प्रीलिम्स भी नहीं पास कर पाई थीं। हालांकि, अपने दूसरे ही प्रयास में उन्होंने काफी अच्छा प्रदर्शन किया और इंटरव्यू राउंड तक पहुंची भी लेकिन मेरिट लिस्ट में जगह नहीं बना पाईं। दो बार असफल होने के बावजूद भी गुंजन ने हार नहीं मानी और केवल सिविल सेवा परीक्षा के लिए पढ़ाई करती रहीं। आखिरकार, साल 2019 में गुंजन ने अपने तीसरे प्रयास में न केवल यह कठिन परीक्षा पास की बल्कि 16वीं रैंक के साथ टॉप भी किया।

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अपने इस सफर के बारे में गुंजन का कहना है कि कहीं न कहीं मेहनत में कमी थी इसलिए वह चूक जाती थीं। उनका मानना है कि अपने दूसरे प्रयास में आंसर राइटिंग की प्रैक्टिस न करने के कारण ही मेन्स में उनके कम अंक आए थे। हालांकि, गुंजन ने अपनी गलतियों से सीख ली और सुधार भी किया तब जाकर उनको यह मुकाम हासिल हुआ। इस कठिन समय के दौरान गुंजन की मां ने भी कदम कदम पर उनका साथ दिया। उनके प्रोत्साहन और सानिध्य से ही गुंजन ने अपने जीवन में कामयाबी हासिल की है।

सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी को लेकर गुंजन का मानना है कि सभी को अपने अनुसार एक अच्छी रणनीति बनानी चाहिए। अगर बिना रणनीति के तैयारी करेंगे तो समय भी कम पड़ेगा और सिलेबस भी कवर नहीं हो पाएगा। पढ़ाई के साथ ही यह भी जरूरी है कि तैयारी के दौरान अपने आप को प्रोत्साहित रखें और गलतियों से सीख लेते रहें।

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