यूपी में कक्षा 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं 18 फरवरी 2026 से शुरू हुई थीं और यह एग्जाम 12 मार्च 2026 तक चलेंगे। इस दौरान इंटरमीडिएट की बोर्ड परीक्षाओं में करीब 25 लाख स्टूडेंट्स शामिल होंगे। उन सभी स्टूडेंट्स के लिए राज्य सरकार इस साल से एक नई सुविधा शुरू करने जा रही है जो एकेडमिक लिहाज से 12वीं की परीक्षा देने वाले बच्चों के लिए काफी अहम होगी। दरअसल, उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद इस साल से इम्प्रूवमेंट एग्जाम की सुविधा शुरू करने जा रहा है। बोर्ड के अधिकारियों ने राज्य सरकार के पास एक प्रस्ताव भेजा था जिसे मंजूरी प्रदान हो गई है और अब कुछ औपचारिक प्रक्रियाएं पूरी होनी बाकी हैं।
5 में से किसी एक सब्जेक्ट के लिए कर सकते हैं अप्लाई
बोर्ड के इस प्रयास के बाद इस साल यूपी बोर्ड 12वीं की परीक्षा में शामिल होने वाले स्टूडेंट्स रिजल्ट घोषित होने के बाद इंप्रूवमेंट के लिए अप्लाई कर सकेंगे। इस साल लगभग 24,79,352 स्टूडेंट्स ने 12वीं की बोर्ड परीक्षा के लिए रजिस्ट्रेशन कराया है। इंप्रूवमेंट की सुविधा लागू हो जाने के बाद स्टूडेंट्स 5 विषयों में से किसी भी एक में अपना स्कोर बढ़ाने के लिए आवेदन कर पाएंगे। UPMSP क्लास 12 इम्प्रूवमेंट एग्जाम के लिए एप्लीकेशन प्रोसेस जल्द ही शुरू किया जाएगा।
इंप्रूवमेंट सिस्टम को ऐसे समझिए
यूपी बोर्ड कक्षा 12वीं के लिए पहली बार इंप्रूवमेंट की सुविधा लागू करेगा। अभी तक यह नियम बस 10वीं क्लास के लिए था। 12वीं के स्टूडेंट्स को सिर्फ कंपार्टमेंट का ही विकल्प मिलता था, लेकिन अब स्टूडेंट इंप्रूवमेंट के लिए अप्लाई कर पाएंगे। इसके लिए आवेदन अप्रैल में शुरू होने की संभावना है।
इम्प्रूवमेंट के विकल्प में छात्रों को पांच में से किसी एक सब्जेक्ट में अपने मार्क्स बढ़वाने का मौका मिलेगा। फॉर्म भरने के बाद छात्रों को उस विषय की परीक्षा दोबारा देनी होगी और फिर बाद में आने वाले मार्क्स को ही फाइनल माना जाएगा।
इंप्रूवमेंट और कंपार्टमेंट परीक्षा में क्या है अंतर?
कम्पार्टमेंट और इम्प्रूवमेंट एग्जाम में काफी बड़ा अंतर है। कम्पार्टमेंट की परीक्षा तब दी जाती है जब आप किसी विषय में फेल हो जाएं। फेल होने के बाद उस विषय की दोबारा परीक्षा देने का जो मौका मिलता है उसे कंपार्टमेंट कहते हैं। वहीं इम्प्रूवमेंट परीक्षा तब दे सकते हैं जब आपको लगे कि किसी विषय में आपके उम्मीद के मुताबिक नंबर नहीं आए हैं और उसमें बेहतर नंबर लाने के लिए आप दोबारा उस विषय की परीक्षा को दें। कई बार तबीयत बिगड़ जाने या किसी और कारण से अच्छी तैयारी के बावजूद नंबर कम आ जाते हैं। ऐसे में इंप्रूवमेंट परीक्षा दी जा सकती है।
