उत्तर प्रदेश बीएड संयुक्त प्रवेश परीक्षा 2026 रविवार को राज्यभर के 72 जिलों में बनाए गए 1,011 परीक्षा केंद्रों पर सफलतापूर्वक आयोजित की गई। राज्य सरकार की ओर से जारी बयान के मुताबिक, परीक्षा में पंजीकृत 4,44,958 अभ्यर्थियों में से लगभग 90 प्रतिशत उम्मीदवार शामिल हुए।

इस वर्ष परीक्षा का आयोजन बुंदेलखंड विश्वविद्यालय, झांसी द्वारा दो पालियों में कराया गया। परीक्षा के पहले चरण में सामान्य ज्ञान और भाषा विषय का प्रश्नपत्र आयोजित किया गया, जबकि दूसरे चरण में अभिरुचि परीक्षण और विषय दक्षता परीक्षा कराई गई।

उच्च शिक्षा मंत्री ने जताई संतुष्टि

उत्तर प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने परीक्षा के सफल आयोजन पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि परीक्षा पूरी तरह निष्पक्षता, पारदर्शिता और शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न हुई।

उन्होंने कहा, “मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश देश में पारदर्शी, नकलमुक्त और तकनीक आधारित परीक्षाओं का मॉडल बनकर उभरा है।”

इतने अभ्यर्थियों ने कराया था पंजीकरण

राज्य सरकार के अनुसार परीक्षा के लिए कुल 4,44,958 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था। इनमें 2,72,659 महिला अभ्यर्थी, 1,72,297 पुरुष अभ्यर्थी और 2 ट्रांसजेंडर अभ्यर्थी शामिल थे।

इन जिलों में सबसे ज्यादा रही उपस्थिति

परीक्षा में कासगंज और पीलीभीत जिलों में सबसे अधिक 95 प्रतिशत उपस्थिति दर्ज की गई। वहीं गाजियाबाद और गौतमबुद्ध नगर में 84 प्रतिशत उपस्थिति रही।

AI और बायोमेट्रिक तकनीक से निगरानी

परीक्षा की निगरानी के लिए बुंदेलखंड विश्वविद्यालय, झांसी में अत्याधुनिक इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (ICCC) स्थापित किया गया था। यहां से राज्यभर के सभी परीक्षा केंद्रों की लाइव मॉनिटरिंग की गई। इसके लिए 22,000 CCTV कैमरे और 5,651 बायोमेट्रिक मशीनें लगाई गई थीं।

परीक्षा के दौरान AI आधारित फेस रिकग्निशन तकनीक, फिंगरप्रिंट बायोमेट्रिक सत्यापन और रीयल-टाइम अटेंडेंस सिस्टम का उपयोग किया गया ताकि केवल वास्तविक अभ्यर्थी ही परीक्षा में शामिल हों।

पहली बार इस्तेमाल हुए GPS आधारित बॉडी-वॉर्न कैमरे

इस वर्ष परीक्षा की पारदर्शिता बढ़ाने के लिए पहली बार जीपीएस आधारित बॉडी-वॉर्न कैमरों का इस्तेमाल किया गया। विश्वविद्यालय प्रतिनिधियों को दिए गए इन कैमरों के जरिए उनकी लाइव लोकेशन, परीक्षा केंद्र निरीक्षण और गोपनीय सामग्री से जुड़ी गतिविधियों की निगरानी कंट्रोल रूम से की गई। 29 और 30 मई को आयोजित बैठकों का लाइव प्रसारण भी विश्वविद्यालय स्तर पर देखा गया।

युवाओं के भविष्य से समझौता नहीं: मंत्री

योगेंद्र उपाध्याय ने कहा कि प्रदेश सरकार युवाओं के भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं करेगी और आगे भी परीक्षाओं को नकलमुक्त, पारदर्शी और तकनीक-सक्षम बनाने के लिए सख्त कदम उठाए जाएंगे।