UGC fake universities list February 2026: प्रवेश सत्र 2026-27 से पहले विश्वविद्यालय अनुदान आयोग(UGC) ने देशभर में संचालित हो रहे फर्जी विश्वविद्यालयों की अपडेटेड सूची (फरवरी 2026) जारी कर दी है। इस सूची में 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 32 संस्थान शामिल हैं, जिसमें सबसे ज्यादा 12 फर्जी विश्वविद्यालय दिल्ली में पाए गए हैं।
यूजीसी जो कि केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के अधीन एक वैधानिक निकाय है, ने छात्रों और अभिभावकों को कड़ी चेतावनी दी है कि इन संस्थानों द्वारा जारी की गई डिग्रियां कानूनी रूप से मान्य नहीं हैं। ऐसी डिग्री का उपयोग न तो सरकारी नौकरी, न ही निजी क्षेत्र में रोजगार और न ही उच्च शिक्षा में प्रवेश के लिए किया जा सकता है।
UGC Fake Universities State Wise List 2026
राज्यवार फर्जी विश्वविद्यालयों की सूची में सबसे ज्यादा संस्थान दिल्ली से हैं, नीचे राज्यवार सूची दी गई है।
दिल्ली के फर्जी संस्थान
ऑल इंडिया इंस्टिट्यूट ऑफ़ पब्लिक एंड फिजिकल हेल्थ साइंसेज (AIIPHS) स्टेट गवर्नमेंट यूनिवर्सिटी
कमर्शियल यूनिवर्सिटी लिमिटेड, दरियागंज
यूनाइटेड नेशंस यूनिवर्सिटी, दिल्ली
वोकेशनल यूनिवर्सिटी, दिल्ली
ADR-सेंट्रिक ज्यूरिडिकल यूनिवर्सिटी, राजेंद्र प्लेस
इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ साइंस एंड इंजीनियरिंग, नई दिल्ली
विश्वकर्मा ओपन यूनिवर्सिटी फॉर सेल्फ-एम्प्लॉयमेंट
आध्यात्मिक विश्वविद्यालय (स्पिरिचुअल यूनिवर्सिटी), रोहिणी
वर्ल्ड पीस ऑफ़ यूनाइटेड नेशंस यूनिवर्सिटी (WPUNU), पीतमपुरा
इंस्टीट्यूट ऑफ़ मैनेजमेंट एंड इंजीनियरिंग, कोटला मुबारकपुर
उत्तर प्रदेश के फर्जी संस्थान
गांधी हिंदी विद्यापीठ, प्रयाग, इलाहाबाद
नेताजी सुभाष चंद्र बोस यूनिवर्सिटी (ओपन यूनिवर्सिटी), अलीगढ़
भारतीय शिक्षा परिषद, लखनऊ
महामाया टेक्निकल यूनिवर्सिटी, नोएडा
आंध्र प्रदेश के फर्जी संस्थान
क्राइस्ट न्यू टेस्टामेंट डीम्ड यूनिवर्सिटी
बाइबल ओपन यूनिवर्सिटी ऑफ़ इंडिया, विशाखापत्तनम
पश्चिम बंगाल के फर्जी संस्थान
इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ अल्टरनेटिव मेडिसिन, कोलकाता
इंस्टीट्यूट ऑफ अल्टरनेटिव मेडिसिन एंड रिसर्च, डायमंड हार्बर रोड
महाराष्ट्र के फर्जी फर्जी संस्थान
राजा अरबी विश्वविद्यालय, नागपुर
पुडुचेरी के फर्जी संस्थान
श्री बोधि उच्च शिक्षा अकादमी, पुडुचेरी
कर्नाटक (पूर्व सूची – 2022)
बदगांववी सरकार वर्ल्ड ओपन यूनिवर्सिटी एजुकेशन सोसाइटी, बेलगाम
केरल (पूर्व सूची – 2022)
सेंट जॉन्स विश्वविद्यालय, किशनपट्टम
इस वर्ष हरियाणा, राजस्थान, झारखंड और अरुणाचल प्रदेश नए राज्यों के रूप में सूची में जोड़े गए हैं।
UGC Act 1956 क्या कहता है?
University Grants Commission Act के अनुसार, केवल वे संस्थान डिग्री प्रदान कर सकते हैं, जो संसद या राज्य विधानमंडल के अधिनियम से स्थापित हों या जिन्हें UGC द्वारा धारा 3 के तहत “Deemed to be University” का दर्जा मिला हो। इन मानकों के बाहर डिग्री देने वाला कोई भी संस्थान अवैध माना जाएगा, चाहे उसका नाम, वेबसाइट या ब्रांडिंग कितनी भी आकर्षक क्यों न हो।
छात्रों के लिए जरूरी सलाह
UGC की आधिकारिक वेबसाइट पर विश्वविद्यालय की मान्यता जांचें और NAAC ग्रेडिंग और AICTE/PCI/NMC जैसी नियामक संस्थाओं की मान्यता भी देखें। किसी भी संस्थान में प्रवेश से पहले संस्थान की स्थापना अधिनियम और मान्यता पत्र की कॉपी मांगें।
“Deemed”, “Open”, “International” जैसे शब्दों से भ्रमित न हों और संदेह होने पर UGC हेल्पलाइन या ईमेल के माध्यम से पुष्टि करें।
क्यों खतरनाक हैं फर्जी विश्वविद्यालय?
फर्जी संस्थान छात्रों के करियर और समय दोनों का नुकसान करते हैं, जिसमें फीस की ठगी और कानूनी कार्रवाई का जोखिम, विदेश या सरकारी नौकरी में डिग्री अमान्य और उच्च शिक्षा (PG/PhD) में प्रवेश से वंचित जैसे खतरे पैदा होते हैं।
UGC ने संबंधित राज्यों के उच्च शिक्षा विभागों और प्रमुख सचिवों को पत्र लिखकर इन संस्थानों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने को कहा है।
