यूजीसी नेट जून 2026 परीक्षा को एक महीने से ऊपर का समय हो चुका है, लेकिन अभी तक इस एग्जाम की प्रोविजनल आंसर की जारी नहीं की गई है। इसको लेकर अब कैंडिडेट्स में नाराजगी बढ़ती जा रही है। 22 जून से लेकर 30 जून के बीच आयोजित की गई इस परीक्षा में शामिल उम्मीदवार पिछले कई दिनों से प्रोविजनल आंसर की का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन एनटीए की ओर से अभी तक न तो आंसर की जारी की गई है और न ही आंसर की से जुड़ा कोई ऑफिशियल अपडेट दिया गया है।

आंसर की जारी होने में हो रही देरी को लेकर स्टूडेंट ऑर्गनाइजेशन ने यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन (UGC) से संपर्क करना शुरू कर दिया है और परीक्षा प्रक्रिया में दखल देने की मांग की है।

JNUSU ने लिखा UGC और NTA को लेटर

स्टूडेंट ऑर्गनाइजेशन ने तुरंत दखल देने की मांग करते हुए अधिकारियों से संपर्क करना शुरू कर दिया है। जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी स्टूडेंट्स यूनियन (JNUSU) ने यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन (UGC) और NTA दोनों को लेटर लिखकर बिना किसी देरी के प्रोविजनल आंसर की और कैंडिडेट्स की रिस्पॉन्स शीट के साथ-साथ रिजल्ट भी जल्द से जल्द जारी किए जाने की बात कही है। JNUSU ने कहा है कि प्रोविजनल आंसर की के लंबे इंतजार ने PhD एडमिशन, रिसर्च के मौकों और फेलोशिप एप्लीकेशन की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स पर असर डाला है। यूनियन ने एग्जाम प्रोसेस के बारे में ट्रांसपेरेंसी रखने की भी मांग की है।

ABVP ने UGC को दिया एक मेमोरेंडम

यूजीसी नेट एग्जाम की प्रोविजनल आंसर की में हो रही देरी को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने भी UGC को एक मेमोरेंडम देकर इस मामले में दखल देने का अनुरोध किया है। UGC सेक्रेटरी श्यामा रथ को एड्रेस किए गए मेमोरेंडम में कमीशन से NTA को प्रोविजनल आंसर की जारी करने और जल्द से जल्द रिजल्ट घोषित करने का निर्देश देने की रिक्वेस्ट की गई है। ABVP ने कहा कि ऑफिशियल कम्युनिकेशन की कमी ने लाखों एस्पिरेंट्स के बीच अनसर्टेनिटी पैदा कर दी है और उनकी एकेडमिक और प्रोफेशनल प्लानिंग पर असर डाला है।

कैंडिडेट्स में क्यों बढ़ गई चिंता?

यूजीसी नेट एग्जाम की आंसर की जारी होने में हो रही देरी की वजह से कैंडिडेट्स को PhD प्रोग्राम और जूनियर रिसर्च फेलोशिप (JRF) के मौकों में एडमिशन की भी देरी का सामना करना पड़ रहा है। कैंडिडेट्स इस बात को लेकर चिंता में हैं कि अभी आसंर की आने में ही इतनी देरी हो रही है फिर रिजल्ट भी लेट आएगा और इस वजह से कहीं आगे एडमिशन के मौके न खत्म हो जाएं। बता दें कि यूजीसी नेट एग्जाम असिस्टेंट प्रोफेसर के पद के लिए एलिजिबिलिटी, PhD प्रोग्राम में एडमिशन और JRF के लिए आयोजित किया जाता है।

पिछले साइकिल में 2 हफ्ते बाद आ गई थी आंसर की

बता दें कि यह चिंता इसलिए भी है क्योंकि पिछले यूजीसी नेट एग्जाम साइकिल में प्रोविजनल आंसर की एग्जाम के दो हफ्ते बाद ही जारी हो गई थी। प्रोविजनल आंसर की जारी होने के साथ ही ऑब्जेक्शन विंडो ओपन हो जाती है, जिस पर कैंडिडेट्स की आपत्तियों को रिव्यू किया जाता है। उसके बाद फाइनल आंसर की और फिर रिजल्ट जारी होता है। हालांकि इस साल कैंडिडेट अभी भी आंसर की और देरी के लिए ऑफिशियल वजह दोनों का इंतजार कर रहे हैं।