देश में इस वक्त नया शैक्षणिक सत्र शुरू होने का समय है। फरवरी-मार्च महीने में जहां-जहां बोर्ड परीक्षाएं आयोजित की गईं उनके रिजल्ट अब जारी किए जा रहे हैं। बोर्ड एग्जाम में 12वीं पास करने के बाद स्टूडेंट्स मेडिकल और इंजीनियरिंग जैसी फील्ड में जाने के लिए आगे नीट और जेईई जैसी परीक्षाएं देंगे। नीट और जेईई परीक्षा देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक हैं। इन एग्जाम की तैयारी करने वाले स्टूडेंट्स इस बात को समझ लें कि वह देश की सबसे कठिन परीक्षा के लिए कितने तैयार हैं?
देश की सबसे कठिन परीक्षाएं कौन सी हैं?
वैसे देश में सबसे कठिन परीक्षाओं में नीट या जेईई सबसे पहले नंबर पर भी नहीं है तो फिर पहले स्थान पर कौन सा एग्जाम आता है? इस आर्टिकल में हम आपको भारत की टॉप 5 सबसे कठिन परीक्षाओं के बारे में बता रहे हैं। साथ ही उनको देने की पात्रता के बारे में भी बताएंगे।
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ये हैं देश की 5 सबसे कठिन परीक्षाएं
1. UPSC यूपीएससी (CSE)
IAS-IPS की भर्ती के लिए होती है परीक्षा
देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में पहले स्थान पर यूपीएससी की सिविल सेवा परीक्षा (CSE) है। प्रशासनिक सेवाओं के लिए योग्य उम्मीदवारों का चयन करने के लिए संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) हर साल इस परीक्षा को आयोजित करता है। इस परीक्षा के जरिए आयोग IAS, IPS, IFS और दूसरे बड़े पदों के लिए उम्मीदवारों की भर्ती करता है। इस भर्ती की पूरी चयन प्रक्रिया ही काफी कठिन मानी जाती है।
कौन कर सकता है आवेदन?
सबसे पहले कैंडिडेट को प्रीलिम्स देना होता है। इसके बाद प्रीलिम्स पास करने वाले मेन्स में उपस्थित होते हैं और जो मेन्स भी क्लियर कर लेता है उसे सबसे आखिर में इंटरव्यू राउंड के गुजरना होता है जो देश का सबसे कठिन इंटरव्यू माना जाता है। यूपीएससी की CSE परीक्षा के लिए हर साल लगभग 10 लाख लोग अप्लाई करते हैं, लेकिन इसका सक्सेस रेट 1 फीसदी से भी कम है। इस एग्जाम के लिए आवेदन करने वाले कैंडिडेट किसी भी मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएट (स्नातक) होने चाहिए। इसके अलावा उम्र सीमा, राष्ट्रीयता, प्रयासों की संख्या जैसी पात्रताएं भी जरूरी हैं।
2. JEE जेईई (Joint Entrance Examination)
12वीं के बाद इंजीनियरिंग करने वाले स्टूडेंट्स को देश के टॉप IIT संस्थानों में एडमिशन चाहिए होता है और इसके लिए JEE (Joint Entrance Examination) परीक्षा आयोजित होती है। देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में ये एग्जाम दूसरे स्थान पर है। JEE परीक्षा के दो चरण होते हैं। पहले मेन्स और फिर एडवांस्ड होता है। जेईई एडवांस्ड IITs का गेटवे है, जिसे भारत में दूसरा सबसे मुश्किल एग्जाम और दुनिया भर में सबसे मुश्किल एग्जाम में से एक माना जाता है। जेईई एडवांस्ड में जेईई मेन के टॉप स्कोरर ही बैठते हैं। इस एग्जाम का भी सक्सेस रेट 2 फीसदी के आसपास है।
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2.5 लाख बच्चे ही दे सकते हैं जेईई एडवांस्ड
जेईई परीक्षा में हर साल लाखों छात्र उपस्थित होते हैं। इस एग्जाम की तैयारी में स्टूडेंट 11वीं में आने के साथ ही लग जाते हैं। 11वीं और 12वीं के बाद 2-3 साल की लगातार मेहनत करने वाले स्टूडेंट ही इस परीक्षा को पास कर पाते हैं। जेईई मेन पहला चरण है और इसमें बैठने के लिए स्टूडेंट्स को 12वीं फिजिक्स, केमेस्ट्री और मैथ जैसे विषयों के साथ पास होना जरूरी है। 12वीं पास करने के 3 साल के अंदर स्टूडेंट्स इस एग्जाम को दे सकते हैं। जेईई मेन्स में टॉप स्कोर (2.5 लाख बच्चे) करने वाले स्टूडेंट ही जेईई एडवांस्ड दे सकते हैं। आप लगातार 2 साल ही जेईई एडवांस्ड दे सकते हैं।
3. NEET नीट (National Eligibility cum Entrance Test)
इंजीनियरिंग के बाद अब जो छात्र 12वीं के बाद मेडिकल की पढ़ाई करना चाहते हैं उन्हें मेडिकल एंट्रेंस परीक्षा NEET (National Eligibility cum Entrance Test) देनी पड़ती है। देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में इस एग्जाम की थर्ड पोजिशन है। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी इस परीक्षा को आयोजित करती है। देश के टॉप मेडिकल इंस्टीट्यूशन में MBBS, BDS, AYUSH (BAMS, BHMS, BUMS) और कुछ अन्य कोर्स में एडमिशन के लिए यह परीक्षा आयोजित की जाती है।
नीट परीक्षा में हर साल 20 लाख से अधिक ही छात्र उपस्थित होते हैं। इस परीक्षा में शामिल होने वाले स्टूडेंट्स Physics, Chemistry, Biology जैसे विषयों के साथ 12वीं पास होने चाहिए। इस परीक्षा को कठिन इसीलिए कहा जाता है क्योंकि इस पेपर में बहुत कॉम्पटीशन है।
4. CA (chartered accountant)
देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में सीए की परीक्षा भी आती है। 12वीं कॉमर्स स्ट्रीम से पास करने के बाद अधिकतर स्टूडेंट्स सीए की तैयारी करते हैं। 12वीं के बाद अकाउंट्स और फाइनेंस सेक्टर में जाने वाले स्टूडेंट्स इस परीक्षा को देते हैं। इस एग्जाम के सबसे कठिन होने की जो सबसे बड़ी वजह है वो ये कि इसका सक्सेस रेट बहुत कम हैं। यह एग्जाम तीन चरण का होता है। सीए की शुरुआत करने के लिए स्टूडेंट्स को फाउंडेशन कोर्स की परीक्षा देनी होती है। इसके बाद फाउंडेशन क्लियर करने वाले स्टूडेंट्स को इंटरमीडिएट कोर्स की परीक्षा पास करनी होती है और आखिर में सीए फाइनल परीक्षा क्लियर करने के बाद ही आप आधिकारिक रूप से चार्टर्ड अकाउंटेंट कहलाते हैं।
कौन कर सकता है सीए?
सीए (चार्टर्ड अकाउंटेंट) कोर्स के लिए कोई एक स्ट्रीम निर्धारित नहीं है। साइंस, कॉमर्स और आर्ट्स स्ट्रीम से किसी भी स्ट्रीम का बच्चा इस कोर्स के लिए फाउंडेशन की परीक्षा दे सकता है। इसके लिए मान्यता प्राप्त बोर्ड से 12वीं पास होना जरूरीहै। इसके बाद ICAI के माध्यम से सीए फाउंडेशन परीक्षा के जरिए इस कोर्स में प्रवेश मिलता है। वहीं ग्रेजुएशन और पोस्टग्रेजुएशन के बाद आपको फाउंडेशन परीक्षा नहीं देनी होती। उस स्थिति में आपको सीधे इंटर की परीक्षा देनी होती है।
5. GATE/CAT
देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में पांचवें नंबर पर GATE और CAT परीक्षा को रखा जा सकता है। यह दोनों ही एग्जाम अलग-अलग फील्ड के हैं। सबसे पहले GATE के बारे में जानते हैं। ग्रेजुएट एप्टीट्यूड टेस्ट इन इंजीनियरिंग (GATE) परीक्षा इंजीनियरिंग फील्ड से जुड़ी है। अधिकतर स्टूडेंट इस परीक्षा में वहीं उपस्थित होते हैं जो जेईई को पास नहीं कर पाते। यह एक राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा है जो M.Tech, ME, PhD में एडमिशन और PSU (सरकारी कंपनियों) में नौकरी दिलाती है। यह परीक्षा हर साल फरवरी में आयोजित की जाती है। इस एग्जाम का स्कोर अगले 3 साल के लिए वैलिड रहता है।
वहीं CAT (Common Admission Test) परीक्षा देश की टॉप मैनेजमेंट एंट्रेंस परीक्षा है। इसकी गिनती भी देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में होती है। यह एग्जाम देश के टॉप भारतीय प्रबंधन संस्थानों (IIMs) और अन्य प्रतिष्ठित बिजनेस स्कूलों (B-Schools) में MBA या PGDM जैसे स्नातकोत्तर प्रबंधन पाठ्यक्रमों में एडमिशन के लिए होता है। इस परीक्षा को हर साल किसी एक IIM द्वारा आयोजित किया जाता है। किसी भी विषय में ग्रेजुएशन (Bachelor’s degree) कर चुके कैंडिडेट्स इस एग्जाम को दे सकते हैं।
