Swati Subramanya scores 99.60 percentile in JEE Main 2026 Session 1: जेईई मेन 2026 सेशन 1 में पहली बार परीक्षा देकर 99.60 पर्सेंटाइल हासिल करना 17 वर्षीय स्वाति सुब्रमण्य के लिए किसी सपने से कम नहीं था। कर्नाटक की रहने वाली स्वाति ने अपनी सफलता का श्रेय निरंतर अभ्यास, संतुलित दिनचर्या और सकारात्मक माहौल को दिया है। स्वाति ने बताया कि उन्होंने कभी भी पर्सेंटाइल या रैंक के बारे में ज्यादा नहीं सोचा। उनका फोकस केवल तैयारी पर था। उन्होंने कहा, “मैंने परिणाम के बारे में ज्यादा नहीं सोचा। मैं सिर्फ इस पर ध्यान देती थी कि मैं क्या बेहतर कर सकती हूं,”

परिवार का मिला पूरा सहयोग

स्वाति के माता-पिता दोनों सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं। उन्होंने बताया कि परिवार ने कभी भी उन पर इंजीनियरिंग करने का दबाव नहीं डाला।

स्वाति ने कहा, “मेरे माता-पिता ने हमेशा मेरा साथ दिया और कभी भी किसी विशेष करियर के लिए मजबूर नहीं किया। इंजीनियरिंग के प्रति मेरा जुनून स्वाभाविक रूप से आया,”

केमिस्ट्री रही कमजोर कड़ी, ऐसे पाई मजबूती

स्वाति ने स्वीकार किया कि फिजिक्स और मैथ्स की तुलना में केमिस्ट्री उन्हें ज्यादा कठिन लगती थी। “केमिस्ट्री में काफी कुछ याद करना पड़ता है। मैंने नियमित रिवीजन और मॉक टेस्ट के जरिए इसे मजबूत किया,” उन्होंने बताया।

स्वाति ने NCERT पुस्तकों पर खास फोकस किया और नियमित रूप से मॉक पेपर हल किए। साथ ही शिक्षकों के मार्गदर्शन को अपनी सफलता में अहम बताया।

संतुलित पढ़ाई से मिली सफलता

जहां कई छात्र रोज 12-14 घंटे पढ़ाई करते हैं, वहीं स्वाति ने संतुलित रूटीन अपनाया और स्कूल में ही ज्यादातर पढ़ाई पूरी करने के साथ घर पर लगभग 3 घंटे अतिरिक्त अध्ययन किया जिसमें रेगुलर टेस्ट और रिवीजन शामिल थे।

सोशल मीडिया से दूरी

स्वाति का मानना है कि निरंतरता ही सफलता की कुंजी है न कि अत्यधिक पढ़ाई।

JEE Advanced 2026 पर फोकस

अब स्वाति का लक्ष्य JEE Advanced 2026 है। वह विशेष रूप से केमिस्ट्री में अपनी पकड़ मजबूत करने और छोटी-छोटी गलतियों को खत्म करने पर ध्यान दे रही हैं। स्वाति के अनुसार, “ऐसा सुरक्षित माहौल होना जरूरी है जहां असफलता का डर न हो। इससे आत्मविश्वास बढ़ता है।”

IIT Bombay का सपना, विदेश में पढ़ाई भी विकल्प

स्वाति की पहली पसंद IIT Bombay का कंप्यूटर साइंस प्रोग्राम है। हालांकि, वह अन्य इंजीनियरिंग ब्रांच के लिए भी खुला दृष्टिकोण रखती हैं। विदेश में पढ़ाई के सवाल पर उन्होंने कहा कि यह भी उनके विकल्पों में शामिल है। वह खासतौर पर ऑस्ट्रेलिया की RMIT University को संभावित गंतव्य के रूप में देख रही हैं।

सफलता का मंत्र

स्वाति का मानना है कि सफलता के लिए जरूरी है:

परिणाम की चिंता छोड़कर तैयारी पर ध्यान

नियमित अभ्यास

शिक्षकों पर भरोसा

सोशल मीडिया से दूरी

मजबूत मानसिक संतुलन

पहले प्रयास में सफलता हासिल करने वाली स्वाति की कहानी उन लाखों छात्रों के लिए प्रेरणा है जो जेईई मेन और जेईई एडवांस की तैयारी कर रहे हैं।

Jansatta Education Expert Conclusion

जेईई मेन 2026 सेशन 1 में 99.60 पर्सेंटाइल हासिल करने वाली स्वाति सुब्रमण्य ने साबित किया कि संतुलित तैयारी, निरंतर अभ्यास और सकारात्मक सोच से बड़ा लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। अब सबकी नजरें उनके जेईई एडवांस 2026 के प्रदर्शन पर टिकी हैं।