देशभर में 21 जून को आयोजित होने वाले नीट यूजी री एग्जाम को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने यह कहते हुए सुनवाई को स्थगित कर दिया कि इस मामले को अदालत की नई बेंच देखेगी और अब इस मामले को जुलाई में देखा जाएगा। बता दें कि स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय (DGHS) की पूर्व असिस्टेंट डायरेक्टर जनरल डॉ. मंगला कोहली की ओर से दाखिल की गई याचिका पर चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया सूर्यकांत और जस्टिस वी मोहना की बेंच ने सुनवाई की, लेकिन उन्होंने इस मामले को जस्टिस नरसिम्हा की बेंच के सामने रेफर कर दिया जो अब जुलाई में इसे देखेगी।
याचिका में क्या की गई थी मांग?
इस याचिका में एनटीए के उस फैसले को चुनौती दी गई थी जिसमें 03 मई को देशभर में आयोजित की गई नीट यूजी परीक्षा को रद्द करके 21 जून को दोबारा एग्जाम कराने का फैसला किया गया था। मंगला कोहली ने अपनी याचिका में एनटीए के उसी फैसले को चुनौती देते हुए मांग की है कि दोबारा परीक्षा की प्रक्रिया पर तब तक रोक लगाई जाए जब तक इस मामले से जुड़ी याचिकाओं पर फैसला नहीं हो जाता।
जांच के बिना री एग्जाम नहीं हो- याचिकाकर्ता
याचिका में यह मांग की गई है कि 03 मई को जो परीक्षा आयोजित हुई थी उसे पेपर लीग की वजह से रद्द किया गया था ऐसे में जब तक गड़बड़ी के आरोपों की गंभीरता से जांच नहीं हो जाती तब तक री एग्जाम नहीं होना चाहिए। याचिका में कहा गया है कि पूरी परीक्षा को एक साथ कैंसिल करने से उन हजारों छात्रों के भविष्य पर बहुत बुरा असर पड़ा है और वह चाहते हैं कि पेपर लीक कैसे हुआ?
13 जुलाई से रेगुलर सुनवाई करेगा सुप्रीम कोर्ट
बता दें कि अब इस याचिका पर जुलाई में जस्टिस नरसिम्हा की जो बेंच सुनवाई करेगी उसके समक्ष पहले से ही नीट यूजी पेपर और नीट यूजी री एग्जाम से जुड़ी कई अन्य याचिकाएं लंबित हैं। जुलाई में अब कोर्ट रेगुलर सुनवाई करेगा जहां इस मामले को सुना जाएगा। सुप्रीम कोर्ट 13 जुलाई से रेगुलर सुनवाई शुरू करने वाला है, जिसके बाद इस मामले पर जस्टिस नरसिम्हा की बेंच सुनवाई करेगी। संभावना है कि जुलाई में ही कुछ फैसला इस याचिका पर दिया जाएगा।
