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NEET के अंकों के आधार पर काउंसलिंग नहीं कर सकेंगे प्राइवेट कॉलेज, सुप्रीम कोर्ट ने लिया फैसला

सुप्रीम कोर्ट के अपने फैसले में कहा कि अब से प्राइवेट मेडिकल कॉलेज NEET के अंकों के आधार पर काउंसलिंग नहीं कर सकेंगे

Author नई दिल्ली | September 23, 2016 6:56 PM
NEET के अंकों के आधार पर अब प्राइवेट कॉलेज काउंसलिंग नहीं कर सकेंगे

सुप्रीम कोर्ट ने NEET के स्कोर के आधार पर प्राइवेट कॉलेज में काउंसलिंग पर बैन लगा दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि नेशनल एजिटिबिलिटी एग्जामिनेशन टेस्ट मेडिकल कॉलेजों में दाखिले के लिए सिंगल विंडो एग्जाम टेस्ट है और अब से प्राइवेट मेडिकल कॉलेज के NEET के अंकों के आधार पर MBBS और BDS के कोर्स के लिए काउंसलिंग नहीं कर सकेंगे। अबसे दाखिले सिर्फ केंद्रीय काउंसलिंग द्वारा होंगे। साथ ही कोर्ट ने राज्य सरकारों को आदेश दिए कि एक हफ्ते के अंदर प्राइवेट और सरकारी दोनों काउंसलिंग की तैयारी पूरी करे। पांच जजों की संवैधानिक बेंच के इस फैसले में कहा गया कि यदि कोई प्राइवेट कॉलेज अपनी काउंसलिंग के जरिए एडमिशन लेता है तो एडमिशन निरस्त कर दिया जाएगा। राज्य सरकार द्वारा ही संचालित की गई काउंसलिंग के जरिए ही MBBS और BDS कोर्स में हुए एडमिशन्स ही मान्य होंगे। नेशनल एजिटिबिलिटी एग्जामिनेशन टेस्ट के पहले चरण में 600,000 से ऊपर अभ्यर्थी शामिल हुए थे।

नेशनल एजिटिबिलिटी एग्जामिनेशन टेस्ट- पीजी डिप्लोमा के लिए 86 सेंटर पर परीक्षा आयोजित की जाएगी। ये 86 सेंटर देश के 41 अलग-अलग शहरों में होंगे। NEET-MDS पोस्ट ग्रैजुएट डेंटल कोर्स के लिए सिंगल विंडो परीक्षा है। नेशनल एजिटिबिलिटी एग्जामिनेशन टेस्ट में वो अभ्यर्थी शामिल होते हैं जो MBBS, BDS, MD/MS कोर्स करना चाहते हैं। इस टेस्ट अंकों के आधार पर ही परीक्षार्थी सरकारी या प्राइवेट कॉलेज में एडमिशन ले पाते हैं। नेशनल एजिटिबिलिटी एग्जामिनेशन टेस्ट 2016 दो चरणों में आयोजित किया गया था। जो अभ्यर्थी इस परीक्षा के दूसरें चरण में शामिल हुए थे उनकी शिकायत थी कि फिजिक्स और केमेस्ट्री के पेपर उम्मीद से कहीं ज्यादा कठिन थे। नेशनल एजिटिबिलिटी एग्जामिनेशन टेस्ट 2016 कई विवादों से जुड़ा रहा था। उत्तराखंड पुलिस व्यापम घोटाले के खिलाफ आवाज उठाने वालों से संपर्क साधकर नेशनल एजिटिबिलिटी एग्जामिनेशन टेस्ट के दूसरे चरण के पेपर लीक मामले की तह तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। पेपर लीक का यह मामला से जुड़ा केस उत्तराखंड के हाईकोर्ट में चल रहा है।

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