Vikas Singh Panwar Success Story: कौन बनेगा करोड़पति में अपनी समझ और सामान्य ज्ञान से 50 लाख रुपये जीतकर सुर्खियों में आए विकास सिंह पंवार ने अब एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है। हिमाचल प्रदेश के शिमला जिले के एक छोटे से गांव से आने वाले विकास ने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2025 अपने पहले ही प्रयास में पास कर लिया है। उन्होंने ऑल इंडिया रैंक 159 हासिल की है। खास बात यह है कि उन्होंने यह सफलता महज 22 वर्ष की उम्र में हासिल की।
विकास की कहानी इसलिए भी खास है क्योंकि यूपीएससी की तैयारी के दौरान ही उन्होंने कौन बनेगा करोड़पति की हॉट सीट तक पहुंचकर 50 लाख रुपये की रकम जीती थी। यानी जिस युवा ने क्विज शो में अपने ज्ञान का लोहा मनवाया, उसी ज्ञान और मेहनत को आगे बढ़ाकर देश की सबसे प्रतिष्ठित प्रतियोगी परीक्षाओं में से एक में भी सफलता हासिल कर ली।
शिमला के छोटे से गांव से UPSC तक का सफर
विकास सिंह पंवार हिमाचल प्रदेश के शिमला जिले के जुबली गांव, कुपवी क्षेत्र से आते हैं। यह इलाका अपेक्षाकृत दूरदराज का माना जाता है। उनके पिता चतर पंवार दिल्ली में सरकारी स्कूल के प्रिंसिपल हैं।
विकास ने अपनी स्कूली पढ़ाई डीएवी न्यू शिमला से की और इसके बाद दिल्ली यूनिवर्सिटी के हिंदू कॉलेज से पॉलिटिकल साइंस में ग्रेजुएशन किया। यही विषय उन्होंने यूपीएससी में वैकल्पिक विषय के तौर पर भी चुना।
KBC में जीते थे 50 लाख रुपये
यूपीएससी में सफलता से पहले विकास तब देशभर में चर्चा में आए जब उन्होंने लोकप्रिय क्विज शो कौन बनेगा करोड़पति (KBC) में हिस्सा लिया। शो में उन्होंने अपनी जानकारी और शांत दिमाग का शानदार प्रदर्शन करते हुए 50 लाख रुपये जीते।
विकास एक करोड़ रुपये के सवाल तक भी पहुंचे थे। हालांकि जवाब को लेकर पूरी तरह आश्वस्त नहीं होने के कारण उन्होंने गेम छोड़ने का फैसला किया। दिलचस्प बात यह है कि बाद में जिस विकल्प को उन्होंने अनुमान के तौर पर चुना था, वही सही जवाब निकला।
UPSC में पहली कोशिश में 159वीं रैंक
केबीसी की सफलता के बाद विकास ने यूपीएससी की चुनौती का सामना किया। यूपीएससी सीएसई 2025 के अंतिम परिणाम में उनका नाम सफल उम्मीदवारों की सूची में शामिल हुआ। यूपीएससी के उपलब्ध आधिकारिक अंक रिकॉर्ड के अनुसार विकास सिंह पंवार ने कुल 988 अंक हासिल किए। इसमें उन्हें मेन्स में 787 और पर्सनैलिटी टेस्ट में 201 अंक मिले। इसके साथ उन्होंने AIR 159 हासिल की।
KBC की तैयारी ने यूपीएससी में भी दिलाई मदद?
विकास की कहानी का एक दिलचस्प पहलू यह है कि केबीसी और यूपीएससी दोनों में उनकी तथ्यों को समझने, विकल्पों को परखने और दबाव में निर्णय लेने की क्षमता काम आई। एक प्रशिक्षण संस्थान को दिए इंटरव्यू में उन्होंने बताया कि यूपीएससी की तैयारी के दौरान विकसित की गई एलिमिनेशन टेक्नीक ने केबीसी के सवालों में भी उनकी मदद की। यही वजह है कि विकास की सफलता सिर्फ एक परीक्षा पास करने की कहानी नहीं है। यह दिखाती है कि लगातार पढ़ाई और व्यापक ज्ञान का फायदा अलग-अलग मंचों पर मिल सकता है।
छोटे शहर से बड़े सपने तक पहुंचने की प्रेरक कहानी
विकास पंवार की उपलब्धि उन युवाओं के लिए खास संदेश देती है जो बड़े शहरों और महंगे संस्थानों को सफलता की पहली शर्त मान लेते हैं। शिमला के दूरदराज इलाके से निकलकर दिल्ली में पढ़ाई, KBC के मंच पर पहचान और फिर UPSC में पहली कोशिश में AIR 159 हासिल करना उनके सफर को खास बनाता है।
उनकी कहानी में ज्ञान, आत्मविश्वास, धैर्य और लगातार मेहनत चारों चीजें एक साथ दिखाई देती हैं। यही वजह है कि विकास पंवार अब सिर्फ KBC के विजेता नहीं, बल्कि UPSC की सफलता की प्रेरक कहानियों में भी शामिल हो गए हैं।
