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परामर्शदाता की भूमिका में होंगे विद्यार्थी

मेरठ एवं सहारनपुर मंडल के उच्च शिक्षा विभाग ने महाविद्यालयों में पढ़ाई कर रहे विद्यार्थियों को सैद्धांतिक के साथ व्यवहारिक ज्ञान प्रदान करने के लिए यह अनूठी पहल की है।

Author Updated: July 31, 2019 6:06 AM
छात्र दिखेंगे बदले रंग मेंं। प्रतीकात्मक तस्वीर

आशीष दुबे

यूपी के डिग्री और स्नातकोत्तर महाविद्यालय साप्ताहिक परामर्श केंद्रों के नए कलेवर में दिखाई देंगे। जहां पर परामर्शदाता (कंसल्टेंट) की भूमिका में स्नातक या स्नातकोत्तर की पढ़ाई करने वाले छात्र-छात्राएं रहेंगे। जीएसटी पंजीकरण, आयकर रिटर्न, बीमा, सरकारी योजनाओं, बैंक से ऋण लेने की जानकारी, अकाउंटिंग की बारीकियां, साझेदारी या करार की शर्तों समेत अन्य बिंदुओं पर लोगों को पूरी और सटीक जानकारी मिलेंगी। संबंधित विषय के शिक्षक भी इन केंद्रों में मौजूद रहकर मार्गदर्शन करेंगे। जानकारों का मानना है कि इस तरह के नि:शुल्क परामर्श केंद्र मझोले कारोबारियों समेत जानकारी प्रदान करने वाले छात्र-छात्राओं के व्यवहारिक ज्ञान को बढ़ाने में भी खासा सहायक होंगे। मेरठ एवं सहारनपुर मंडल के उच्च शिक्षा विभाग ने महाविद्यालयों में पढ़ाई कर रहे विद्यार्थियों को सैद्धांतिक के साथ व्यवहारिक ज्ञान प्रदान करने के लिए यह अनूठी पहल की है। इसके तहत महाविद्यालयों में प्रत्येक संकाय में प्रत्येक शनिवार को एक घंटे के लिए नि:शुल्क परामर्श केंद्र संचालित किया जाएगा। ताकि विद्यार्थियों की योग्यता और उच्च शिक्षण संस्थानों में प्राप्त ज्ञान का समाज के सभी वर्गों द्वारा उपयोग हो सके।

क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी डॉ. राजीव कुमार गुप्ता ने बताया कि सरकारी कॉलेजों को केवल डिग्री देने तक सीमित ना रखकर विद्यार्थियों के कौशल विकास को बढ़ाने के लिए इस योजना को शुरू किया जा रहा है। मेरठ और सहारनपुर मंडल में कुल 18 सरकारी, 50 अशासकीय अनुदानित और 1002 स्ववित्त पोषित महाविद्यालय हैं। इनमें तीन लाख छात्र-छात्राएं विभिन्न विषयों में पढ़ाई कर रहे हैं। संचालित होने वाले परामर्श केंद्रों में दो विद्यार्थी स्नातकोत्तर स्तर और तीन विद्यार्थी स्नातक अंतिम वर्ष के नामित करने के लिए एक रोस्टर बनाया जाएगा। संकाय के शिक्षक भी वहां मौजूद रहकर सहयोग प्रदान करेंगे। परामर्श केंद्र पर एक रजिस्टर रखकर किए गए कार्यों का विवरण रखा जाएगा। इन परामर्श केंद्रों पर वाणिज्य संकाय के विद्यार्थी मझोले दुकानदार, आयकर, विपणन से संबंधित, स्वास्थ्य एवं विज्ञान संबंधी परामर्श विज्ञान संकाय में और मनोवैज्ञानिक, राजनैतिक, आर्थिक विषयों संबंधी परामर्श कला संकाय से प्राप्त कर लाभांवित होंगे।

डॉ. गुप्ता के मुताबिक इस योजना के अगले चरण में कॉलेजों और उद्योगों के बीच करार कराने की योजना है, ताकि उद्योग अपनी जरूरत के आधार पर विद्यार्थियों को ढाल सके और पढ़ाई के अलावा प्रायोगिक जानकारी देने अल्प अवधि वाले सत्र (शॉर्ट टर्म कोर्स) शुरू किए जाएंगे। साथ ही सरकारी विभागों के अधिकारियों को भी जानकारी साझा करने के लिए आमंत्रित किया जाएगा। मसलन बीमा, जीएसटी, भविष्य निधि, अकाउंट, शेयर, फिजियोथैरेपी जैसे विषयों में पढ़ाई कर रहे विद्यार्थियों के लिए उनके क्षेत्र में काम करने वाली कंपनियों/ कार्यालयों के साथ समझौता किया जाएगा। जो इन छात्र- छात्राओं को तीन से चार महीने अवधि के प्रशिक्षण सत्रों में प्रायोगिक जानकारी देंगे। प्रायोगिक जानकारी होने से पढ़ाई या डिग्री मिलने पर ऐसे विद्यार्थियों को नौकरी मिलने में आसानी होगी।

मेरठ और सहारनपुर मंडल के सभी राजकीय एवं अशासकीय अनुदानित महाविद्यालयों को मौजूदा शैक्षिक सत्र से साप्ताहिक नि:शुल्क परामर्श केंद्र स्थापित करने के लिए कहा गया है। स्व वित्त पोषित महाविद्यालयों में भी ऐसे केंद्र खोले जाने चाहिए। ताकि विद्यार्थियों को सैद्धांतिक के साथ व्- डॉ. राजीव कुमार गुप्ता, क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी, मेरठ एवं सहारनपुर मंडल

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