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चायवाले के बेटे को कनाडा से आया एक करोड़ का ऑफर, फिर भी भारत में चाह रहा जॉब

सनवाल की एक बहन है जो 12 वीं कक्षा में पढ़ती है और उसने मेडिकल का विकल्प चुना है। वह मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी कर रही है।

उन्हें पासपोर्ट मिल गया है और अभी तक वीजा जारी नहीं हुआ है। यह चार लोगों के उनके परिवार में से किसी की भी पहली विदेश यात्रा होगी।

इंजीनियरिंग से ग्रेजुएट, इक्कीस वर्षीय सचिन सनवाल को CAD -1,24,900 (1 करोड़ रुपये के बराबर) के पैकेज पर कनाडा की एक फर्म से जॉब ऑफर मिला है, जो किसी ड्रीम जॉब से कम नहीं है। बिरला इंस्टीट्यूट ऑफ एप्लाइड साइंस (BIAS) -Bhimtal में बीटेक इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्‍यूनिकेशंस इंजीनियरिंग के अंतिम वर्ष के छात्र सनवाल को एक आईटी डेवलपर की जॉब की पेशकश की गई है। लेकिन सनवाल इसके बजाय बहुत कम पैकेज में एक भारतीय फर्म में नौकरी पर विचार कर रहे हैं।

एक चाय बेचने वाले के बेटे, सनवाल ने indianexpress को बताया, “मैं लिंक्डइन के माध्यम से सर्फिंग कर रहा था और कनाडा की एक फर्म में नौकरी नज़र आई। मैंने अपने कई दोस्तों के साथ उसी एक जॉब के लिए आवेदन किया, हालांकि, केवल मेरा फिर रिज्‍यूम सेलेक्‍ट किया गया। मेरे ऑनलाइन के साथ-साथ टेलिफोनिक इंटरव्यू राउंड हुए, जिसके बाद मुझे मेरा जॉब ऑफर मिला।” उन्हें पासपोर्ट मिल गया है और अभी तक वीजा जारी नहीं हुआ है। यह चार लोगों के उनके परिवार में से किसी की भी पहली विदेश यात्रा होगी।

सनवाल के पिता भीमताल, उत्तराखंड में एक चाय विक्रेता हैं और उनकी माँ एक गृहिणी हैं। सचिन ने बताया कि वह अपने परिवार में पहले स्नातक हैं और एक बहुत बड़ा पैकेज मिलने के बाद पूरा परिवार अभिभूत है। सनवाल ने कहा, “मेरे पिता ने बहुत संघर्ष किया है, उन्होंने एक चाय की दुकान से शुरुआत की और अब हमारे पास अपना खुद का एक छोटा सा रेस्तरां है। उन्होंने हमेशा हमारी शिक्षा पर जोर दिया और कभी भी हमें उनके संघर्षों का एहसास नहीं कराया। अब जब मैं पीछे मुड़कर देखता हूं तो मुझे एहसास होता है कि मेरे और मेरी बहन दोनों को मैनेज करना उसके लिए कितना मुश्किल रहा है।” सनवाल की एक बहन है जो 12 वीं कक्षा में पढ़ती है और उसने मेडिकल का विकल्प चुना है। वह मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी कर रही है।

सनवाल आगे कहते हैं, “हम खुश हैं लेकिन मुझे विदेश में मिल रहे ऑफर की वजह से चिंता है। मुझे यकीन नहीं है कि चीजें कैसे काम करेंगी। मैं अपने बड़े चचेरे भाइयों से मार्गदर्शन मांग रहा हूं जो पहले विदेश जा चुके हैं। मैंने अपने प्लेसमेंट प्रभारी से अनुरोध किया था कि वे मुझे अन्य प्लेसमेंट के लिए भी अपियर होने की इजाज़त दें। मैं टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) में नौकरी के लिए आया था और वहां भी मुझे चुना गया था।”

सनवाल ने अच्छी अंग्रेजी बोलने और कम्‍यूनिकेशंस स्क्ल्सि विकसित करने के लिए भी कड़ी मेहनत की। उन्होंने कहा, “यदि आपके बेसिक्‍स मजबूत हैं और अंग्रेजी का बुनियादी ज्ञान है, तो नौकरी के लिए इंटरव्यू क्रैक करना कोई मुश्किल काम नहीं है।”

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