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Chowkidar के बेटे प्रियांशु को हाईस्कूल में मिली 9वीं रैंक, अभिनंदन की तरह बनना चाहते हैं विंग कमांडर

यूपी बोर्ड की हाईस्कूल की परीक्षा में एक चौकीदार के बेटे ने भी कमाल किया है। उन्होंने बोर्ड की ओर से जारी 10वीं की मेरिट लिस्ट में 9वीं रैंक हासिल की है। बात हो रही है कानपुर शहर में रहने वाले प्रियांशु की, जो विंग कमांडर अभिनंदन से काफी ज्यादा प्रभावित हैं और उनकी तरह एयर फोर्स ज्वॉइन करना चाहते हैं।

हाईस्कूल में 9वीं रैंक हासिल करने वाले प्रियांशु गुप्ता। फोटो सोर्स : स्थानीय

UP Board 10th Result: यूपी बोर्ड की हाईस्कूल की परीक्षा में एक चौकीदार के बेटे ने भी कमाल किया है। उन्होंने बोर्ड की ओर से जारी 10वीं की मेरिट लिस्ट में 9वीं रैंक हासिल की है। बात हो रही है कानपुर शहर में रहने वाले प्रियांशु की, जो विंग कमांडर अभिनंदन से काफी ज्यादा प्रभावित हैं और उनकी तरह एयर फोर्स ज्वॉइन करना चाहते हैं। प्रियांशु ने अपनी सफलता का श्रेय अपने बड़े भाई और टीचर्स को दिया है।

फीस चुकाने के भी नहीं होते थे पैसे : प्रियांशु कानपुर के बर्रा थाना क्षेत्र स्थित विश्व बैंक में रहते हैं। उनके पिता जगदीश चंद्रा गुप्ता चौकीदारी करते हैं। परिवार में मां शिव देवी और बड़े भाई हिमांशु गुप्ता हैं। प्रियांशु ओंकारेश्वर विद्या निकेतन में पढ़ते हैं। बचपन से गरीबी देखने वाले प्रियांशु के पैरेंट्स के पास जब उनकी फीस जमा करने के पैसे नहीं होते थे तो मामा फीस जमा करते थे। आज बेटे की सफलता पर पूरा परिवार खुशियां मना रहा है।

उधार लेकर जमा की फीस : प्रियांशु के पिता जगदीश ने बताया, ‘‘मैं सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी करता हूं। इस नौकरी से मिलने वाले पैसे से ही परिवार का पालन-पोषण करता हूं। आर्थिक तंगी की वजह से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होती थी तो मैं उधार लेकर उनकी फीस जमा करता था। प्रियांशु ने प्रदेश में 9वीं रैंक हासिल करके परिवार का नाम रोशन किया है। वह जो बनना चाहेगा, मैं उसे जरूर बनाऊंगा।’’

परिवार और टीचर्स ने किया सपोर्ट : प्रियांशु ने बताया कि मेरी इस सफलता के पीछे पूरे परिवार और स्कूल के टीचर्स का सपोर्ट है। मेरे पास कोचिंग के पैसे नहीं थे। ऐसे में मैंने कोचिंग नहीं की। मेरे बड़े भाई मुझे घर पर ही पढ़ाते थे और वह ही मेरा मार्गदर्शन करते थे। प्रियांशु ने बताया कि वह अभिनंदन की तरह विंग कमांडर बनना चाहते हैं। जिस तरह अभिनंदन ने देश का नाम रोशन किया। उसी तरह मैं भी कुछ करना चाहता हूं। मुझे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सबसे अच्छे नेता लगते हैं और मैं उन्हें अपना आइडियल मानता हूं।

यह था पढ़ाई का मॉडल : प्रियांशु के मुताबिक, वह रोजाना करीब 6 घंटे पढ़ाई करते थे। सभी विषयों को रूटीन के साथ पढ़ते थे। उनका कहना है कि कोई भी सब्जेक्ट छोटा-बड़ा नहीं समझना चाहिए। मुझे इस बात का अहसास था कि मेरे पैरेंट्स मुझे बहुत ही मुश्किल से पढ़ा रहे हैं। मेरे पिता पूरी रात गार्ड की नौकरी करते हैं। ऐसे में मेरे मन में सिर्फ एक ही बात थी कि मुझे अपने परिवार के लिए कुछ करना है।

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