देश की स्कूली शिक्षा व्यवस्था से जुड़ी दो प्रमुख संस्थाओं एनसीईआरटी और सीबीएसई में बड़ी संख्या में पद खाली पड़े हैं। संसद की एक समिति ने इन रिक्तियों पर चिंता जताते हुए जल्द और समयबद्ध तरीके से भर्ती करने की जरूरत बताई है। समिति की यह रिपोर्ट ऐसे समय सामने आई है जब सीबीएसई से संबद्ध स्कूलों और छात्रों की संख्या लगातार बढ़ रही है।
NCERT इतने पद खाली
संसद की Estimates Committee की 2026-27 की रिपोर्ट के अनुसार, अक्टूबर 2025 तक एनसीईआरटी में कुल 2,844 पद स्वीकृत थे। इनमें से केवल 1,248 पदों पर कर्मचारी कार्यरत थे, जबकि 1,596 पद खाली थे। यानी एनसीईआरटी के स्वीकृत पदों में आधे से ज्यादा रिक्त हैं।
रिक्त पदों में 145 अकादमिक, 131 स्कूल-शिक्षण, 916 मंत्रालयिक और 404 सहायक पद शामिल हैं। समिति ने कहा कि NCERT देशभर में शिक्षा के स्वरूप और दिशा को प्रभावित करने वाली शीर्ष संस्था है, इसलिए इतने बड़े स्तर पर रिक्तियां तत्काल ध्यान देने योग्य हैं।
CBSE में इतने पद खाली
समिति ने सीबीएसई में स्थायी कर्मचारियों की कमी पर भी गंभीर चिंता जताई है। रिपोर्ट के मुताबिक सीबीएसई में कुल 2,117 स्वीकृत पदों में से 933 पद खाली हैं। यह कुल स्वीकृत पदों का करीब 44 फीसदी है।
सीबीएसई में सबसे ज्यादा कमी ग्रुप-C सपोर्ट स्टाफ के स्तर पर बताई गई है, जहां 595 पद रिक्त हैं। समिति के अनुसार बोर्ड अपने रोजमर्रा के काम के लिए अस्थायी और संविदा कर्मचारियों पर निर्भर है।
परीक्षा व्यवस्था पर भी पड़ सकता है असर
संसदीय समिति ने कहा कि सीबीएसई में स्थायी कर्मचारियों की कमी से राष्ट्रीय स्तर की बोर्ड परीक्षाओं की सुरक्षा, गुणवत्ता और सुचारु संचालन प्रभावित होने का जोखिम है। समिति ने सीबीएसई से संवेदनशील परीक्षा संबंधी कार्यों के लिए अस्थायी संविदा कर्मचारियों पर निर्भरता कम करने और खाली पदों को फास्ट-ट्रैक एवं समयबद्ध भर्ती के जरिए भरने की सिफारिश की है।
CBSE से जुड़े स्कूल और छात्रों की संख्या बढ़ी
रिपोर्ट में सीबीएसई के बढ़ते दायरे का भी उल्लेख किया गया है। सीबीएसई से संबद्ध स्कूलों की संख्या 1992-93 में 3,787 से बढ़कर 2024-25 में 31,234 हो गई। बोर्ड ने छात्रों की बढ़ती संख्या की जरूरतों को पूरा करने के लिए अपने क्षेत्रीय और उप-क्षेत्रीय कार्यालयों का भी विस्तार किया है।
रिपोर्ट के अनुसार 2025 तक सीबीएसई से जुड़े कक्षा 12 के छात्रों की संख्या 17 लाख से अधिक और कक्षा 10 के छात्रों की संख्या 23.8 लाख से अधिक थी। ऐसे में समिति ने स्थायी स्टाफ को मजबूत करने को जरूरी बताया है।
खाली पदों पर क्या कहा समिति ने?
संसदीय समिति ने केंद्र सरकार और संबंधित संस्थाओं से रिक्त पदों को जल्द भरने की दिशा में गंभीर प्रयास करने को कहा है। एनसीईआरटी के मामले में समिति ने शिक्षा मंत्रालय से विभिन्न श्रेणियों के खाली पदों को भरने के लिए तत्काल कदम उठाने की बात कही है। वहीं CBSE में संवेदनशील परीक्षा कार्यों के लिए स्थायी कर्मचारियों की पर्याप्त संख्या सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया है।
| संस्था | स्वीकृत पद | खाली पद | रिक्तियों का प्रतिशत |
| एनसीईआरटी | 2,844 | 1,596 | 56% से अधिक |
| सीबीएसई | 2,117 | 933 | करीब 44% |
एनसीईआरटी और सीबीएसई में बड़े पैमाने पर रिक्तियां ऐसे समय सामने आई हैं जब देश की स्कूली शिक्षा व्यवस्था में इन दोनों संस्थाओं की जिम्मेदारियां लगातार बढ़ रही हैं। संसदीय समिति ने अब इन पदों को समयबद्ध तरीके से भरने और खासकर CBSE की परीक्षा व्यवस्था के लिए पर्याप्त स्थायी स्टाफ सुनिश्चित करने की जरूरत बताई है।
