अफगानिस्तान के विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति का समाधान होगा

भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद (आइसीसीआर) ने अगस्त-सितंबर में कोर्स पूरा करने वाले अफगानिस्तान के 400 छात्रों की छात्रवृत्ति संबंधी चिंताओं के समाधान को लेकर हरसंभव मदद का भरोसा दिया है।

भारत में पढ़ाई कर रहे अफगानी छात्र-छात्राएं। फाइल फोटो।

भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद (आइसीसीआर) ने अगस्त-सितंबर में कोर्स पूरा करने वाले अफगानिस्तान के 400 छात्रों की छात्रवृत्ति संबंधी चिंताओं के समाधान को लेकर हरसंभव मदद का भरोसा दिया है। हालांकि आइसीसीआर ने कहा है कि इसके लिए इन छात्रों को परिषद से मंजूर किसी कोर्स में दाखिला लेना होगा।

आइसीसीआर के महानिदेशक डीके पटनायक ने बताया, ‘आइसीसीआर के माध्यम से विभिन्न कोर्स में 2142 छात्र पढ़ाई कर रहे हैं। इनमें 400 छात्रों ने अगस्त-सितंबर में कोर्स पूरा कर लिया है। इसके अलावा करीब 300 छात्र ऐसे हैं जिन्होंने कोर्स में दाखिला लिया, लेकिन वे अफगानिस्तान से (कोविड-19 के कारण) आॅनलाइन माध्यम से पढ़ाई कर रहे हैं।’ उन्होंने कहा कि नयी परिस्थिति में (अफगानिस्तान में तालिबान के आने के बाद) छात्रवृत्ति के तहत आॅनलाइन माध्यम से पढ़ाई कर रहे 300 छात्र भारत आना चाहते हैं। जबकि कोर्स पूरा करने वाले 400 छात्र अपने देश लौटना नहीं चाहते हैं ।

पटनायक ने कहा कि हमने कोर्स पूरा करने वाले छात्रों से कहा है कि हम उनकी मदद करना चाहते हैं, लेकिन जब तक वे आइसीसीआर से मंजूर किसी कोर्स में दाखिला नहीं लेते, तब तक छात्रवृत्ति नहीं दे पाएंगे। उन्होंने कहा, ‘इन छात्रों (कोर्स पूरा करने वाले) को आगे छात्रवृत्ति के लिए परिषद से मंजूर किसी कोर्स में दाखिला लेना होगा।’ आइसीसीआर के महानिदेशक ने कहा कि जहां तक अफगानिस्तान से आॅनलाइन माध्यम से पढ़ाई करने वाले छात्रों का सवाल है, हमने उनसे कहा है कि वे किसी दूसरे देश के जरिए भारत आएं और पढ़ाई पूरी करे। आइसीसीआर के तहत छात्रवृत्ति प्राप्त छात्रों के वीजा बढ़ाने संबंधी आग्रह पर एक सवाल के जवाब में पटनायक ने कहा कि हमने उनके आग्रह को गृह मंत्रालय तक पहुंचा दिया है जिसे इस संबंध में फैसला करना है।

गौरतलब है कि पिछले महीने अफगानिस्तान पर तालिबान के कब्जे के बाद आइसीसीआर से छात्रवृत्ति के तहत भारत में पढाई करने वाले वहां के छात्रों द्वारा विभिन्न मंचों से छात्रवृत्ति एवं वीजा बढ़ाने के आग्रह को लेकर खबरें आई थीं। आइसीसीआर के महानिदेशक ने बताया कि परिषद ने भारतीय संस्कृति के प्रचार प्रसार के लिए छोटा कोर्स तैयार किया है जो एक सप्ताह की अवधि का है। उन्होंने बताया कि इसके तहत भारत के ग्रामीण परिवेश, त्योहार, वेशभूषा, खानपान सहित अन्य विशेषताओं से दूसरे देश के छात्रों को रूबरू कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि नव नालंदा महाविहार की स्थापना दिवस पर आयोजित होने वाले कार्यक्रमों के तहत 19-20 नवंबर को महाविहार परिसर में ‘अंतरराष्ट्रीय बौद्ध सम्मेलन 2021’ आयोजित किया जाएगा।

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