CBSE Marking Controversy: राष्ट्रसंत तुकडोजी महाराज नागपुर विश्वविद्यालय (RTMNU) के एक परीक्षा प्रबंधन टेंडर को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। इस मामले में एक आधिकारिक पत्र से खुलासा हुआ है कि विश्वविद्यालय द्वारा नियुक्त जांच पैनल ने जब इस मामले की जांच शुरू की तो उससे महीनों पहले ही यूनिवर्सिटी प्रशासन ने आरोपी कंपनी ‘कोएम्प्ट एडु टेक प्राइवेट लिमिटेड’ को क्लीन चिट दे दी थी। बता दें कि यह वहीं कंपनी है, जो कि सीबीएसई के मार्किंग विवाद के चलते सवालों के घेरे में है।
दरअसल, नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) के अजीत सिंह ने 7 फरवरी को यूनिवर्सिटी के परीक्षा विभाग के एक ई-टेंडर को लेकर शिकायत दर्ज कराई थी। इस शिकायत में टेंडर पाने वाली कंपनी की योग्यता और पात्रता पर गंभीर सवाल उठाए गए थे। इसको लेकर काफी विवाद हो गया है।
NSUI की इस शिकायत के जवाब में 30 मार्च 2026 को परीक्षा और मूल्यांकन बोर्ड के निदेशक मनीष जोडपे ने NSUI को एक पत्र भेजा। इस पत्र में यूनिवर्सिटी ने शिकायत के हर आरोप का बिंदुवार खंडन किया और टेंडर कमेटी द्वारा कंपनी को तकनीकी रूप से योग्य ठहराने के फैसले को बिल्कुल सही बताया।
कंपनी पर क्या थे आरोप?
NSUI का आरोप था कि यह कंपनी साल 2019 में तेलंगाना राज्य माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (TSBIE) के बड़े परीक्षा विवाद में शामिल थी। तब इस कंपनी का नाम ‘ग्लोबरेना टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड’ (Globarena Technologies) था। आरोप के मुताबिक, विवाद के बाद इस फर्म को ब्लैकलिस्ट कर दिया गया था, जिससे बचने के लिए कंपनी ने बाद में अपना नाम बदल लिया।
यूनिवर्सिटी ने बचाव में क्या दलील दी?
यूनिवर्सिटी प्रशासन ने अपने पत्र में कंपनी का बचाव करते हुए दो मुख्य बातें कहीं है। इसमें पहली बात नाम बदलने को लेकर है। कंपनी ने कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय (MCA) द्वारा 30 अक्टूबर 2019 को जारी किया गया वैध सर्टिफिकेट दिखाया है। इससे साबित होता है कि कंपनी का नाम कानूनी तौर पर ग्लोबरेना टेक्नोलॉजीज से बदलकर कोएम्प्ट एडु टेक किया गया था।
इसके अलावा दूसरा मामला ब्लैकलिस्टिंग से संबंधित है। यूनिवर्सिटी का कहना है कि कंपनी ने टेंडर भरते समय ‘अनुलग्नक-2’ (Annexure-2) के तहत एक स्व-घोषणा (Self-Declaration) पत्र जमा किया था, जिसमें लिखा था कि कंपनी ब्लैकलिस्टेड या प्रतिबंधित नहीं है। यूनिवर्सिटी ने इसी घोषणा को पर्याप्त मानकर उसे टेंडर के लिए योग्य मान लिया।
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केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) की मूल्यांकन प्रक्रिया पर उठे सवालों के बाद जो बवाल खड़ा हुआ है वह अभी थमता नहीं दिख रहा क्योंकि बोर्ड ने ‘पोस्ट-रिजल्ट सर्विस पोर्टल’ से जुड़े कुछ आंकड़े शेयर किए हैं, जिनको लेकर घमासान और बढ़ सकता है। पढ़िए पूरी खबर…
