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Rajinikanth: कभी 750 रुपये महीना थी सैलरी, आज इतने करोड़ के मालिक, जानिए क्या है संडे स्कूल जहां से की पढ़ाई

Rajinikanth news in Hindi: रजनीकांत ने विवेकानंद बालक संघ के बाद, अपने एक दोस्त की मदद से तमिलनाडु के M.G.R Film and Television Institute से एक्टिंग में डिप्लोमा किया था।

Author Updated: December 29, 2020 1:43 PM
Rajinikanth, Rajinikanth news, Rajinikanth news in hindi, Rajinikanth health updateबॉलीवुड एक्टर रजनीकांत। (फोटो सोर्स- इंस्टाग्राम @rajinikanth.official)

रजनीकांत, भारतीय सिनेमा के सबसे प्रभावशाली फिल्म सितारों में से एक हैं। भारतीय सिनेमा में उनके योगदान के लिए उन्हें भारत का तीसरा सर्वोच्च सम्मान, पद्म भूषण मिला। अभिनय के अलावा, रजनीकांत ने पटकथा लेखक, फिल्म निर्माता और एक प्लेबैक सिंगर के रूप में भी काम किया। उनकी लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि दक्षिण भारत में उनके फिल्म के पोस्टर तक को दूध से नहलाया जाता है। रजनीकांत के तौर-तरीके, डायलॉग डिलवरी, चलने का अंदाज और जिंदादिल शख्सियत की वजह से फैंस उन्हें भगवान की तरह पूजते हैं। लेकिन इस मुकाम तक पहुंचने के लिए उन्होंने कड़ी मेहनत की है। बस कंडक्टरी के दौरान उनकी महीने की सैलरी मात्र 750 रुपये थी और स्कूलिंग ‘संडे स्कूल’ से हुई थी।

दरअसल, रजनीकांत का जन्म शिवाजी राव गायकवाड़ के रूप में कर्नाटक, भारत में एक मराठी परिवार में हुआ था। उनके पूर्वज तमिलनाडु के कृष्णागिरि जिले के नाचिकुप्पम गांव के रहने वाले हैं। वह अपनी माता जीजाबाई और पिता रामोजीराव गायकवाड़, जोकि एक पुलिस कांस्टेबल थे, उनकी चौथी संतान थे। 5 साल की उम्र में रजनीकांत ने अपनी मां को खो दिया था। उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा बसावनगुड़ी, बैंगलोर में आचार्य पाठशाला में और फिर विवेकानंद बालका संघ में की।

विवेकानंद बालक संघ एक संस्था है जिसे अप्रैल 1953 में गरीब लड़कों की शिक्षा के लिए खोला गया था। इसकी स्थापना भारत के बैंगलोर में स्वामी यतिस्वरानंद ने की थी। रामकृष्ण मठ स्कूल के अध्यक्ष यतिस्वरानंद रविवार के स्कूलों से प्रेरित थे, जिन्हें उन्होंने संयुक्त राज्य अमेरिका में देखा था। संडे स्कूल एक चर्च द्वारा आयोजित एक वर्ग है जिसे कुछ बच्चे ईसाई धर्म के बारे में जानने के लिए रविवार को जाते हैं। रॉबर्ट राईक्स और थॉमस स्टॉक ने पहली बार 1780 में ग्लॉसेस्टर में गरीबों और अनाथों के लिए एक संडे स्कूल की स्थापना की थी।

स्वामी यतिस्वरानंद इस बात से प्रभावित थे कि कैसे उन्होंने अपनी नियमित शिक्षा के साथ बच्चों के नैतिक और नैतिक विकास को बढ़ावा दिया। जब वे भारत लौटे, तो स्वामी विवेकानंद की दृष्टि के अनुरूप, यतिस्वरानंद ने बच्चों के आध्यात्मिक और नैतिक विकास के लिए एक प्लान तैयार किया। जिसके बाद विवेकानंद बालका संघ शुरू हुआ। संस्था के पहले छात्र स्थानीय स्कूली बच्चे थे। आज विवेकानंद बालक संघ, रामकृष्ण मठ स्कूल का हिस्सा है, जिसमें 9 साल से अधिक उम्र के लड़कों के लिए एक सांस्कृतिक संगठन के रूप में कार्य करता है। यहां छात्रों को वैदिक मंत्रोच्चारण और भजन जप सिखाया जाता है, और भारत की सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत से अवगत कराया जाता है।

रजनीकांत ने विवेकानंद बालक संघ के बाद, अपने एक दोस्त की मदद से तमिलनाडु के M.G.R Film and Television Institute से एक्टिंग में डिप्लोमा किया था। अबतक रजनीकांत ने करीब 190 फिल्मों में एक्टिंग की है, जिनमें तमिल, कन्नड़, तेलुगु, मलयालम, हिंदी, अंग्रेजी और बंगाली फिल्में शामिल हैं। उन्होंने फिल्म ‘अंधा कानून’ के साथ बॉलीवुड में कदम रखा। कभी बस कंडक्टर की नौकरी में 750 रुपये महीना सैलरी कमाने वाले सुपरस्टार थलाईवा रजनीकांत 50 मिलियन डॉलर यानी करीब 350 करोड़ रुपये के मालिक हैं।

बता दें कि, सुपरस्टार रजनीकांत को हाल ही में हैदराबाद के अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया गया था। ब्लड प्रेशर के उतार-चढ़ाव और थकावट के कारण अभिनेता को भर्ती कराया गया था। लेकिन अब घबराने वाली कोई बात नहीं है। अपोलो अस्पताल के प्रवक्ता के मुताबिक, वे अब ठीक हो रहे हैं, उनकी COVID-19 Test की रिपोर्ट भी नेगेटिव आई है।

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