जयपुर के एक सरकारी स्कूल का निरीक्षण करने गई ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ की टीम को स्थानीय लोगों द्वारा खदेड़े जाने के एक दिन बाद एक शिक्षक संगठन ने शनिवार को कहा कि राजस्थान के शैक्षणिक संस्थानों को “राजनीतिक टकराव का मैदान” नहीं बनने दिया जाएगा।

CJP ने आरोप लगाया था कि स्कूल भैंसों के तबेले में संचालित किया जा रहा है। हालांकि, अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ (एबीआरएसएम) ने कहा कि वह सरकार का बचाव नहीं कर रहा है, बल्कि ”राजनीतिक फायदे के लिए स्कूल परिसर को सियासी मुद्दा बनाने” के खिलाफ आवाज उठा रहा है।

‘सियासी फायदे के लिए शिक्षकों पर दबाव डालना स्वीकार नहीं’

जयपुर की घटना के बाद राजनीतिक दखल के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए शिक्षक महासंघ ने कहा कि कोई भी व्यक्ति स्कूल प्रमुख से औपचारिक अनुमति लेने के बाद ही स्कूल जा सकता है। संगठन ने कहा कि प्रशासनिक आदेशों का राजनीतिक फायदे के लिए इस्तेमाल करना या शिक्षकों पर दबाव डालना स्वीकार नहीं किया जाएगा।

जब CJP की टीम शुक्रवार को स्कूल की स्थिति का निरीक्षण करने के लिए रामपुरा कंवरपुरा गांव पहुंची, तो वहां स्थानीय निवासियों के साथ टीम का विवाद हो गया। CJP ने स्थानीय निवासियों पर “भाजपा के गुंडे” होने का आरोप लगाया। एक दिन बाद CJP और ग्रामीणों ने एक-दूसरे के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर मारपीट और हंगामा करने का आरोप लगाया।

‘बाहरी लोगों के प्रवेश पर रोक वाला आदेश मीडिया पर भी लागू’

एबीआरएसएम के प्रदेश उपाध्यक्ष पुरणमल नागर ने कोटा में मीडिया से बात करते हुए कहा कि “बाहरी राजनीतिक कार्यकर्ताओं” द्वारा निरीक्षण किए जाने की कोशिश के कारण स्थानीय ग्रामीणों ने कड़ा विरोध किया, जिसकी वजह से कहासुनी हुई और फिर हाथापाई हो गई।

एबीआरएसएम के राज्य मीडिया प्रकोष्ठ के सुरेश कुमार बैरागी ने कहा, ”एबीआरएसएम सरकार या मंत्री का बचाव करने के लिए नहीं है, बल्कि राजनीतिक फायदे की नीयत से स्कूल परिसर को सियासी मुद्दा बनाने के खिलाफ आवाज उठाने के लिए है।” उन्होंने कहा कि स्कूल परिसर में बाहरी लोगों के प्रवेश पर रोक लगाने वाला हालिया आदेश मीडिया पर भी लागू होता है।

यह भी पढ़ें: कॉकरोच जनता पार्टी के प्रवक्ता सौरव दास पहुंचे हाई कोर्ट, दायर किया दो करोड़ का मुकदमा

सौरव दास का आरोप है कि उनके घर की जानकारी और अन्य बातों को सार्वजनिक किया गया, इससे उनकी और उनके परिवार की सुरक्षा को खतरा हो सकता है। पूरी खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें।