नीट पेपर लीक मामले को लेकर देश में दिख रहे छात्रों के आक्रोश के बीच सीबीएसई का ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) सिस्टम सवालों के घेरे में है। दरअसल, जब से दिल्ली के एक छात्र ने सोशल मीडिया पर बोर्ड की तरफ से उसे री इवैल्यूएशन प्रक्रिया के तहत गलत कॉपी रिसीव होने की शिकायत उठाई है तब से बोर्ड के पास 11 लाख से अधिक री इवैल्यूएशन के आवेदन आ चुके हैं यानी कि हर चौथा बच्चा अब री इवैल्यूएशन के लिए आवेदन कर रहा है और कई बच्चों ने रिजल्ट को लेकर अपनी शिकायत दर्ज कराई है। इस हिसाब से 18 लाख से अधिक बच्चों का भविष्य दांव पर है। बच्चों की तरफ से लगातार यह शिकायतें उठाई जा रही हैं कि रिजल्ट में उन्हें कमी नजर आ रही है।
राहुल गांधी ने निकाली उस कंपनी की पूरी कुंडली
छात्रों की इस परेशानी के बीच कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) सिस्टम चलाने वाली कंपनी COEMPT की पूरी कुंडली निकालते हुए मोदी सरकार पर कड़ा प्रहार किया है। दरअसल, उन्होंने बुधवार को एक वीडियो रिलीज कर COEMPT कंपनी का पूरा इतिहास स्टूडेंट्स के समक्ष रखा। उन्होंने बताया कि यह कंपनी 2019 से लेकर 2023 के बीच तेलंगाना में Globarena के नाम से रिजल्ट का प्रोसेस देख चुकी है और वहां इस कंपनी को बैन कर दिया गया था। राहुल गांधी ने सरकार से सवाल पूछा कि इस कंपनी का CBSE को कॉन्ट्रैक्ट क्यों दिया गया।
COEMPT को क्यों दिया गया कॉन्ट्रैक्ट?
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि इस साल CBSE क्लास 12वीं के एग्जाम रिजल्ट में “बड़े पैमाने पर छेड़छाड़” हुई है जिसकी वजह से देशभर के स्टूडेंट्स परेशान हैं। उन्होंने सवाल किया कि COEMPT – को CBSE कॉन्ट्रैक्ट क्यों दिया गया? इस कंपनी ने प्रोसेस के दौरान नियमों और प्रोसीजर को नजरअंदाज किया गया होगा। उन्होंने इस मामले में एक इंडिपेंडेंट ज्यूडिशियल जांच और SIT जांच की भी मांग की।
तेलंगाना में 30 स्टूडेंट्स की सुसाइड से जुड़े थे तार
राहुल गांधी ने बताया कि COEMPT साल 2019 में ‘Globarena’ नाम से काम करती थी और तेलंगाना में यह कंपनी विवादों में रही थी। उन्होंने कहा कि कंपनी का बैकग्राउंड सबके सामने था और भारत सरकार को इसकी जानकारी थी। राहुल गांधी ने सवाल किया कि इस कंपनी का बैकग्राउंड चेक क्यों नहीं किया गया? राहुल गांधी ने अपने 30 सेकंड के वीडियो में बताया कि इस कंपनी ने जब 2019 से 2023 के बीच तेलंगाना में बोर्ड एग्जाम के रिजल्ट पर काम किया तो उस दौरान कई स्टूडेंट्स ने रिजल्ट के बाद आत्महत्या की थी। वीडियो में दिए गए डेटा के मुताबिक, इस दौरान 23 स्टूडेंट्स ने सुसाइड किया था।
राहुल गांधी के आरोपों को सीबीएसई बोर्ड ने किया खारिज
राहुल गांधी के इन आरोपों को बोर्ड ने सिरे से खारिज कर दिया है। बोर्ड ने जवाब देते हुए कहा है कि COEMPT को कॉन्ट्रैक्टर दिए जाने को लेकर जो आरोप लगे हैं वह पूरी तरह से गुमराह करने वाले और तथ्यों पर आधारित नहीं हैं। CBSE ने कहा कि एजेंसी को कॉन्ट्रैक्ट देने में जनरल फाइनेंशियल रूल्स प्रोटोकॉल का पूरी तरह से पालन किया है। CBSE ने 28 मई को सेंट्रल पब्लिक प्रोक्योरमेंट पोर्टल पर बोर्ड एग्जाम 2026 के लिए आंसर बुक के डिजिटल इवैल्यूएशन के लिए RFP जारी किया और क्वालिफाइड बिडर को कॉन्ट्रैक्ट दिया।
