PCS Success Story: इंजीनियरिंग के बाद 8 हजार की नौकरी पर लोग मारते थे ताना, पहले प्रयास में ही पास किया PCS एग्जाम

PCS Success Story: इलेक्ट्रॉनिक्स और कम्युनिकेशन में बी.टेक पूरा करने के बाद, ओसीन जोशी ने मैनेजमेंट के क्षेत्र में जाने के बारे में सोचा और कैट एग्जाम में भाग भी लिया।

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बैक-टू-बैक विफलताओं के बाद वह निराश थी लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी।

PCS Success Story: ओसीन जोशी का जन्म उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में हुआ। उनके पिता एनटीपीसी में जनरल मैनेजर थे और उनकी मां एक हाउस वाइफ थी। उनका एक छोटा भाई भी है। 10 वीं कक्षा की पढ़ाई पूरी करने के बाद, ओसीन IIT JEE की तैयारी के लिए कोटा चली गईं। जहां पढ़ते हुए 11वीं कक्षा में उन्हें केवल 50 प्रतिशत नंबर मिले थे। उसके बाद वे वापस देहरादून चली आई जहां उन्होंने अपनी 12 वीं कक्षा की पढ़ाई पूरी की। 12 वीं कक्षा के बाद, उन्होंने एसआरएम यूनिवर्सिटी गाजियाबाद में पढ़ाई की।

इलेक्ट्रॉनिक्स और कम्युनिकेशन में बी.टेक पूरा करने के बाद, ओसीन जोशी ने मैनेजमेंट के क्षेत्र में जाने के बारे में सोचा और सीएटी एग्जाम में हिस्सा भी लिया। हालांकि, रिजल्ट उसके पक्ष में नहीं गए इसके बाद उन्होंने सेना, वायु सेना और बैंकों में नौकरी के लिए भी कई एग्जाम दिये लेकिन इन एग्जाम में भी उन्हें असफलता ही हाथ आई। बैक-टू-बैक विफलताओं के बाद वह निराश थी लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी।

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असफलताओं के बाद, ओसीन अपने होम टाउन दोबारा वापस चली गईं और एक एनजीओ में काम करना शुरू कर दिया। इस दौरान, उन्होंने टीचिंग करने की सोची उसके बाद वे एक स्कूल में पढ़ाने लगीं। हालांकि, आसपास के लोग हमेशा बी.टेक पूरा करने के बाद 8,000 रुपये की नौकरी करने के लिए लोग उन्हें ताने मारते थे। उन्होंने 2016 में UPSC की तैयारी शुरू की और 2016 में अपने पहले ही प्रयास में पीसीएस मेन्स को पास करने में सफल रही। ओसीन ने इस एग्जाम में 10वीं रैंक हासिल की थी।

हालांकि, आगे की राह उसके लिए आसान नहीं थी, उन्होंने अपने दादा को इस बीच खो दिया। इंटरव्यू के दौरान उनसे उनके एनजीओ के काम के अनुभवों के बारे में सवाल पूछे गए थे।

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