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PSEB Punjab Board 10th Result 2018: जारी हुई मेरिट लिस्ट, www.pseb.ac.in पर करें चेक

PSEB 10th Result 2018 Merit List Declared at www.pseb.ac.in: Punjab School Education Board, PSEB ने 10वीं बोर्ड परीक्षा के परिणाम जारी कर दिए हैं। छात्र-छात्राएं अपने रिजल्ट ऑनलाइन देख सकते हैं। इसके लिए आप वेबसाइट www.pseb.ac.in पर लॉगइन कर सकते हैं।

PSEB 10th Result 2018: नतीजे देखने के लिए वेबसाइट www.pseb.ac.in या www.indiaresults.com पर विजिट करें।

PSEB 10th Result 2018 at www.pseb.ac.inPunjab School Education Board, PSEB ने 10वीं बोर्ड परीक्षा के परिणाम जारी कर दिए हैं। छात्र-छात्राएं अपने रिजल्ट ऑनलाइन देख सकते हैं। इसके लिए आप वेबसाइट www.pseb.ac.in पर लॉगइन कर सकते हैं। इसके अलावा नतीजे indiaresults.com पर भी देखे जा सकते हैं। नतीजे मंगलवार दोपहर 3 बजे जारी किए गए। परीक्षा में 59.47% छात्र-छात्राएं पास हुए हैं। बता दें PSEB ने 12वीं के परिणाम 23 अप्रैल 2018 को जारी कर दिए थे। वहीं अब 10वीं के छात्रों का इंतजार खत्म हो गया है। हालांकि छात्र अपने स्कोर्स 9 मई को देख सकेंगे। बोर्ड ने आज मेरिट लिस्ट जारी की है और ऑनलाइन स्कोर्स कल यानी 9 मई को जारी किए जाएंगे।

चलिए सबसे पहले जानते हैं नतीजे चेक करने का सही तरीका। नतीजे देखने के लिए वेबसाइट www.pseb.ac.in या www.indiaresults.com पर विजिट करें। PSEB Class 10 Result 2018 लिंक पर क्लिक करें। क्लिक करने के बाद अपना रोल नंबर सब्मिट कर आप नतीजे देख सकते हैं। डाउनलोड कर प्रिंट निकाल लें। एसएमएस पर PSEB Class 10 Result 2018- रिजल्ट आप SMS से भी देख सकते हैं। इसके लिए आपको ‘PB10 <Roll no.>’ टाइप कर 5676750 पर सेंड करना होगा।

PSEB के चेयरमैन मनोहर कांत ने बताया कि परीक्षा में 3,68,295 छात्र-छात्राएं सम्मिलित हुए थे। इनमें से 2,19,034 छात्र-छात्राएं ही पास हुए हैं। लुधियाना के गुरप्रीत सिंह इस वर्ष के टॉपर हैं। गुरप्रीत ने 98% मार्क्स हासिल कर पहली रैंक हासिल की है। वहीं दूसरी रैंक कपूरथला की जसमीन कौर ने 97.85% मार्क्स और तीसरी फतेहगढ़ साहिब की पुनीत कौर ने 97.60% मार्क्स हासिल कर प्राप्त की है।

मार्क्स मोडरेशन सिस्टम समाप्त
आपको बता दें इस वर्ष PSEB ने मार्क्स मोडरेशन सिस्टम समाप्त कर दिया है। इस सिस्टम के तहत पहले छात्रों के स्कोर्स बेहतर करने के लिए उन्हें ग्रेस मार्क्स दिए जाते थे। इससे पासिंग प्रतिशत भी बढ़ जाता था।

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