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अवसर: सातवें आसमान पर पहुंचाएं अपना करियर, जानिए क्या है क्लाउड कंप्यूटिंग

क्लाउड कंप्यूटिंग बहुत लोकप्रिय हो रही है क्योंकि तकनीक के रूप में इसके विभिन्न लाभ हैं। इसका सबसे पहला लाभ यह है कि अब कंपनियों को पहले की तरह डाटा और बैकअप रखने के लिए बड़े-बड़े सर्वर नहीं रखने पड़ते हैं क्योंकि क्लाउड कंपनियां ही स्टोरज की उस समस्या को खत्म कर देती हैं।

Author April 26, 2018 5:32 AM
प्रतीकात्मक तस्वीर।(फोटो सोर्स- यूट्यूब)

सुशील राघव

चना प्रौद्योगिकी (आइटी) क्षेत्र में भारत की दुनिया में अलग साख है। भारतीय युवाओं की भी दिलचस्पी इस क्षेत्र में रहती है। डिजिटल इंडिया जैसे कार्यक्रमों की वजह से आइटी में तेजी से विकास हो रहा है और इसी वजह से क्लाउड कंप्यूटिंग एक उभरता हुआ क्षेत्र बनकर सामने आ रहा है। बाजार में क्लाउड कंप्यूटिंग में दक्ष युवाओं की मांग तेजी से बढ़ रही है और यह मांग आने वाले समय में दोगुनी होने वाली है। यदि आप भी सूचना प्रौद्योगिकी में दिलचस्पी रखते हैं तो क्लाउड कंप्यूटिंग आपके करिअर को सातवें आसमान पर ले जा सकती है। भारत में 2005 से क्लाउड कंप्यूटिंग पर काम हो रहा है लेकिन दो-तीन सालों में जिस प्रकार इस क्षेत्र ने तेजी पकड़ी है, उसे देखकर कहा जा सकता है कि इसमें युवाओं को सफल भविष्य की गारंटी मिल सकती है। इंटरनेशनल डाटा कारपोरेशन के आंकड़ों के मुताबिक क्लाउड कंप्यूटिंग के माध्यम से सिर्फ एक कंपनी सेल्सफोर्स ही देश में साल 2022 तक 11 लाख लोगों को रोजगार देगी। और कुल मिलाकर 30 लाख से अधिक नौकरियों के अवसर उपलब्ध होंगे। आइटी के क्षेत्र में भाग्य आजमाने के इच्छुक क्लाउड कंप्यूटिंग की ओर तेजी से कदम बढ़ा सकते हैं क्योंकि इसमें काफी अच्छा भविष्य है।

क्लाउड कंप्यूटिंग क्या है: क्लाउड कंप्यूटिंग इंटरनेट आधारित प्रक्रिया और कम्प्यूटर ऐप्लीकेशन का इस्तेमाल है। गूगल ऐप्स क्लाउड कंप्यूटिंग का ही एक उदाहरण है, जो बिजनेस ऐप्लीकेशन आॅनलाइन मुहैया कराता है। वेब ब्राउजर का इस्तेमाल कर इस तक पहुंचा जा सकता है। इंटरनेट सुविधा और इनमें मौजूद अलग-अलग फीचर क्लाउड कंप्यूटिंग के माध्यम से ही काम करते हैं। वेब सर्च इंजन हो या कोई भी अन्य वेबसाइट सभी क्लाउड कंप्यूटिंग के माध्यम से ही उपयोगकर्ता तक पहुंचती हैं। गूगल सर्च हो या याहू मेल या फिर फोटो शेयर करने वाली वेबसाइट, क्लाउड कंप्यूटिंग के बिना कुछ भी संभव नहीं है।

इसलिए बढ़ी मांग: क्लाउड कंप्यूटिंग बहुत लोकप्रिय हो रही है क्योंकि तकनीक के रूप में इसके विभिन्न लाभ हैं। इसका सबसे पहला लाभ यह है कि अब कंपनियों को पहले की तरह डाटा और बैकअप रखने के लिए बड़े-बड़े सर्वर नहीं रखने पड़ते हैं क्योंकि क्लाउड कंपनियां ही स्टोरज की उस समस्या को खत्म कर देती हैं। कंपनियों को अब अपने बैकअप और डाटा के बारे में न सोचकर सिर्फ अपने कारोबार व सेवा पर ध्यान देना होता है। क्लाउड कंप्यूटिंग ने डाटा स्टोर कर लोगों के डाटा की सुरक्षा की है। अब कोई भी कहीं पर भी अपने डाटा तक पहुंच सकता है। इसके साथ ही इसने डाटा खो जाने का डर भी खत्म कर दिया है।

योग्यता: क्लाउड कंप्यूटिंग में काम पाने के लिए किसी खास डिग्री की जरूरत नहीं पड़ती, लेकिन इस फील्ड में इंजीनिरिंग की डिग्री और कंप्यूटर सांइस की डिग्री रखने वाले छात्रों को आसानी से नौकरी मिल जाती है। साथ ही आइटी और कंप्यूटर की पढ़ाई करने वाले छात्रों को भी प्राथमिकता दी जाती है। किसी भी क्लाउड कंप्यूटिंग कंपनी में काम करने वाले पेशेवरों के पास एचटीएमएल, पास (प्लेटफॉर्म एस ए सर्विस), वर्चुअलाइजेशन टेक्नोलॉजी जैसी क्लाउड कंप्यूटिंग की आधारभूत और जावा, सी प्लस प्लस, नेट जैसी प्रोग्रामिंग लैंग्वेज की जानकारी होनी चाहिए। इसके बिना वह काम नहीं कर सकता है। डाटाबेस, डाटामाइनिंग और ईआरपी (एंटरप्राइज रिसोर्स प्लानिंग) तंत्र की जानकारी होना अनिवार्य है। इंटरनेट सुरक्षा, आॅथोराइजेशन एंड सिक्योरिटी प्रोटोकॉल्स की बेहतर जानकारी हो। इसके अलावा पेशेवरों को व्यापार और वित्त की जानकारी भी रखनी पड़ती है।

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