नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने कांग्रेस पार्टी के राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह की अध्यक्षता में बनी पार्लियामेंट्री कमेटी के सामने कहा है कि 03 मई को आयोजित नीट परीक्षा लीक नहीं हुई थी बल्कि जो भी सवाल सोशल मीडिया और स्टूडेंट्स के बीच घूम रहे थे वह ‘गेस पेपर’ था। एनटीए ने इस कमेटी के सामने यह कहा है कि उनके सिस्टम से कोई लीक नहीं हुआ था। वहीं पार्लियामेंट्री पैनल ने एनटीए से यह रिक्वेस्ट की है कि ‘पेपर लीक’ की सही परिभाषा समझाएं और 2018 के बाद से कोई पेपर लीक हुआ है या नहीं ये भी बताएं।

PTI की एक रिपोर्ट के मुताबिक, पार्लियामेंट्री पैनल ने एनटीए से यह रिक्वेस्ट की है कि वह “पेपर लीक” की साफ परिभाषा बताएं और यह भी बताएं कि 2018 के बाद हुए एग्जाम में कोई पेपर लीक हुआ है या नहीं। यह जांच NTA अधिकारियों के हाल ही में पैनल के सामने पेश होने के बाद हो रही है, जिसमें उन्होंने कहा था कि उनके सिस्टम से कोई लीक नहीं हुआ है। उन्होंने दावा किया कि जो भी प्रश्न सर्कुलेट हुए थे वह सिर्फ ‘गेस पेपर’ से हैं।

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बता दें कि दिग्विजय सिंह की लीडरशिप में एजुकेशन, महिला, बच्चे, युवा और खेल मामलों की पार्लियामेंट्री कमेटी NEET पेपर लीक और सीबीएसई के ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम (OSM) से जुड़े विवाद से जुड़े मामलों की जांच कर रही है। कमेटी ने इस जांच के लिए NTA और CBSE दोनों के सीनियर अधिकारियों को बुलाया है।

इस पैनल ने OSM सिस्टम के बारे में CBSE से और नीट पेपर लीक के बारे में NTA से लिखित जवाब मांगा है। पैनल ने एनटीए से पूछा है कि CBI की जांच के अलावा नीट पेपर लीक के आरोपों की कोई जांच की जा रही है? इसके अलावा कमेटी ने NTA से पिछले तीन सालों में उसके स्टाफ की संख्या और 2022 के बाद से हुई किसी भी नई भर्ती के बारे में पूछा। उन्होंने पिछले तीन सालों की हायर एजुकेशन डिपार्टमेंट को दी गई NTA की सालाना रिपोर्ट भी मांगी।

इसके अलावा, उन्होंने राधाकृष्णन कमेटी रिपोर्ट की 101 सिफारिशों में से हर एक पर एक डिटेल्ड रिपोर्ट और हर सिफारिश के जवाब में NTA द्वारा की गई कार्रवाई की मांग की। बता दें कि पूर्व ISRO चीफ के. राधाकृष्णन की अध्यक्षता में एक्सपर्ट्स की हाई-लेवल कमेटी NTA के जरिए परीक्षाओं की ट्रांसपेरेसी, आसान और निष्पक्ष संचालन के लिए उपायों की सिफारिश करने के लिए जून 2024 में केंद्र द्वारा बनाई गई थी। इसमें एजेंसी के स्ट्रक्चर, कामकाज, परीक्षा प्रक्रिया में सुधार और डेटा सिक्योरिटी प्रोटोकॉल में सुधार के बारे में सिफारिशें शामिल हैं।

CBSE को पैनल के सवालों का जवाब 8 जून तक देने को कहा गया है, जबकि NTA को 10 जून तक अपने लिखकर जवाब देने होंगे। सूत्रों के मुताबिक, दोनों एजेंसियों ने अभी तक जवाब नहीं दिया है।