नीट यूजी 2026 पेपर लीक मामले के बाद इस परीक्षा में रिफॉर्म करने में जुटी नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने अगले साल यानी 2027 में होने वाली नीट यूजी परीक्षा को लेकर कुछ बड़े बदलाव किए हैं। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, 2027 में होने वाली नीट यूजी परीक्षा 5-6 दिन में आयोजित होगी। साथ ही एनटीए एग्जाम सेंटर्स में भी कमी करेगा। रिपोर्ट के मुताबिक, नीट यूजी 2027 एग्जाम पहली बार कंप्यूटर-बेस्ड टेस्ट आधारित होगा जो कि 500 शहरों में करीब 1000 सेंटर्स पर होगा। अभी तक यह परीक्षा 1 ही दिन लगभग 5 हजार सेंटर्स पर आयोजित होती थी।

हर दिन 5 लाख कैंडिडेट्स होंगे परीक्षा में शामिल

एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, सूत्रों ने बताया है कि एनटीए 2027 से नीट यूजी परीक्षा को 5-6 दिन में आयोजित कराएगी और जिन सेंटर्स पर यह परीक्षा होगी उनमें मुख्य रूप से केंद्रीय विद्यालय जैसे सरकारी इंस्टीट्यूशन्स शामिल होंगे। हर दिन लगभग 5 लाख उम्मीदवार परीक्षा में शामिल होंगे। एक्सप्रेस की रिपोर्ट में कहा गया है कि एजेंसी बहुत जल्द इन बदलावों को लागू कर सकती है। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी नीट के अलावा अन्य दूसरे हायर एजुकेशनल इंस्टीट्यूशन्स के लिए एंट्रेंस एग्जाम कंडक्ट कराती है।

सूत्रों ने बताया है कि अगले साल के NEET-UG एग्जाम की प्लानिंग के मुताबिक, अधिकतर परीक्षा केंद्र केवी और नवोदय विद्यालय जैसे सरकारी स्कूल होंगे। एजेंसी की ओर से कुछ जाने-माने प्राइवेट संस्थानों को ही सेंटर बनाया जाएगा। NTA में प्रस्तावित बदलाव पूरा होने के बाद शिफ्ट टाइमिंग, टेस्ट शहरों की लिस्ट और दूसरी डिटेल्स के साथ एक डिटेल्ड नोटिफिकेशन जारी होने की उम्मीद है।

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एनटीए में भी होंगे बदलाव!

एजेंसी से जुड़े सूत्रों ने एक्सप्रेस को बताया है कि NTA के पूरे ऑर्गनाइजेशन को ऊपर से लेकर नीचे तक बदलने की तैयारी है। एजेंसी में यह काम इसी साल अक्टूबर से पहले पूरा किए जाने की उम्मीद है। एनटीए में लगभग 150 पोस्ट पर उम्मीदवारों का चयन होना है। बता दें कि एनटीए में और नीट यूजी एग्जाम में यह बदलाव इस साल की नीट यूजी परीक्षा के लीक होने के बाद किए जा रहे हैं। पेपर लीक की घटना को लेकर शिक्षा मंत्रालय ने ये प्रस्ताव दिए हैं। 03 मई को आयोजित हुई परीक्षा पेपर लीक की वजह से रद्द कर दी गई थी जिसको लेकर देशभर में युवाओं के अंदर आक्रोश है।

राधाकृष्णन कमेटी की सिफारिशों का दिखा असर

सूत्रों ने यह भी बताया है कि यह जो बदलाव किए जा रहे हैं यह के राधाकृष्णन की अगुवाई वाली सात सदस्यों वाली हाई-पावर्ड कमेटी की सिफारिशों पर आधारित है। इस कमेटी को केंद्र सरकार ने साल 2024 के पेपर लीक मामले के बाद गठित किया था। नीट यूजी 2026 पेपर लीक मामले के बाद शिक्षा मंत्रालय ने सबसे पहले यह घोषणा कर दी थी कि अगले साल यानी 2027 से इस पेपर को पेन एंड पेपर मोड की जगह सीबीटी मोड में आयोजित किया जाएगा। यह फैसला भी राधाकृष्णन कमेटी की सिफारिश के आधार पर ही लिया गया था।