सीबीएसई की ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) मूल्यांकन प्रणाली में अनियमितताओं के आरोपों के बीच कांग्रेस की स्टूडेंट विंग NSUI ने शनिवार को सीबीएसई मुख्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। NSUI के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ के नेतृत्व में छात्रों और संगठन के कार्यकर्ताओं ने इस प्रदर्शन में भाग लिया और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ नारेबाजी की। इस दौरान उन्होंने मूल्यांकन प्रणाली में पारदर्शिता की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रदर्शनकारी छात्रों ने आरोप लगाया कि कई छात्रों को परीक्षा में उनके प्रदर्शन के अनुरूप अंक नहीं मिले हैं। प्रदर्शनकारियों का दावा था कि मूल्यांकन प्रक्रिया में विसंगतियों के कारण छात्रों और अभिभावकों में चिंता बढ़ी है।

इन मांगों को लेकर था NSUI का प्रदर्शन

NSUI का यह प्रदर्शन सीबीएसई के अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की मांग को लेकर भी था। प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगों में मौजूदा OSM सिस्टम को खत्म करना, पारदर्शी और छात्र-अनुकूल पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया लागू करना तथा छात्रों के शैक्षणिक हितों और मानसिक स्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित करना शामिल है। सभा को संबोधित करते हुए जाखड़ ने आरोप लगाया कि मूल्यांकन प्रक्रिया के कारण छात्रों के साथ अन्याय हुआ है और बोर्ड से सुधारात्मक कदम उठाने की मांग की।

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‘छात्रों की समस्या नहीं सुलझी तो आंदोलन और तेज होगा’

इस दौरान NSUI अध्यक्ष ने कहा कि देशभर में हजारों छात्र एक लापरवाह और असंवेदनशील मूल्यांकन प्रणाली की वजह से परेशान हैं। सीबीएसई की इस मूल्यांकन प्रणाली के बीच छात्रों में भ्रम, अन्याय और अविश्वास की स्थिति पैदा हो चुकी है। उन्होंने मूल्यांकन प्रक्रिया में अधिक पारदर्शिता की मांग करते हुए चेतावनी दी कि यदि छात्रों की चिंताओं का समाधान नहीं किया गया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

बता दें कि यह आंदोलन OSM सिस्टम को लेकर चल रहे बड़े राजनीतिक विवाद के बीच हो रहा है। विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने हाल ही में CBSE के COEMPT Educate को टेंडर देने के फैसले पर भी सवाल उठाया था। यह कंपनी पहले 2019 के तेलंगाना बोर्ड परीक्षा विवाद में शामिल थी। राहुल गांधी के आरोपों का शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने जवाब भी दिया था।

बता दें कि CBSE की मूल्यांकन प्रणाली पर सवाल उस वक्त खड़े हुए थे जब दिल्ली के एक छात्र वेदांत ने यह शिकायत की थी कि उसे बोर्ड की ओर से गलत आंसर शीट दे दी गई। वेदांत का दावा था कि जो आंसर शीट उसे मिली थी वह किसी और छात्र की थी। उसके बाद से तो वेदांत के जैसे कई स्टूडेंट्स ने ऐसी शिकायत दर्ज की थी।