नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) ने ग्रेजुएट मेडिकल एजुकेशन रेगुलेशंस (GMER), 2023 में संशोधन का प्रस्ताव जारी किया है। प्रस्तावित बदलाव के तहत अब MBBS छात्रों को अपना कोर्स और अनिवार्य रोटेटरी मेडिकल इंटर्नशिप पूरा करने के लिए 10 साल तक का समय दिया जा सकता है। एनएमसी ने इस संबंध में ड्राफ्ट संशोधन अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड कर दिया है और सभी हितधारकों व आम जनता से 30 दिनों के भीतर सुझाव और आपत्तियां मांगी हैं।
क्या है नया प्रस्ताव?
ड्राफ्ट संशोधन के अनुसार, MBBS छात्रों को दाखिले की तारीख से लेकर कोर्स और कम्पल्सरी रोटेटरी मेडिकल इंटर्नशिप (CRMI) पूरा करने के लिए अधिकतम 10 वर्ष का समय मिलेगा। हालांकि, फर्स्ट प्रोफेशनल MBBS परीक्षा पास करने के लिए अधिकतम 4 प्रयासों की सीमा पहले की तरह बरकरार रहेगी।
ड्राफ्ट में कहा गया है कि, “किसी भी परिस्थिति में छात्र को प्रथम वर्ष (फर्स्ट प्रोफेशनल MBBS) परीक्षा के लिए चार से अधिक प्रयास नहीं दिए जाएंगे और कोई भी छात्र MBBS कोर्स में प्रवेश की तारीख से 10 वर्ष से अधिक समय तक अध्ययन जारी नहीं रख सकेगा, जिसमें रोटेटरी मेडिकल इंटर्नशिप भी शामिल होगी।”
2023 में घटाई गई थी समयसीमा
गौरतलब है कि जून 2023 में एनएमसी ने एमबीबीएस कोर्स पूरा करने की अधिकतम समयसीमा 10 साल से घटाकर 9 साल कर दी थी। अब प्रस्तावित संशोधन के जरिए इसे फिर से 10 साल करने की तैयारी की जा रही है।
छात्रों को कैसे मिलेगा फायदा?
एनएमसी के एक अधिकारी के अनुसार, यह बदलाव उन छात्रों के लिए राहत लेकर आएगा जो शैक्षणिक कठिनाइयों का सामना करते हैं और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझते हैं। इसके अलावा व्यक्तिगत या पारिवारिक आपात स्थिति से गुजरने वाले छात्र और अन्य अप्रत्याशित कारणों से पढ़ाई प्रभावित होती है। ऐसे छात्रों को अब मेडिकल शिक्षा पूरी करने के लिए अतिरिक्त समय मिलेगा और उनकी पात्रता समाप्त नहीं होगी।
FMGL नियमों के अनुरूप बदलाव
यह प्रस्ताव विदेशी चिकित्सा स्नातक लाइसेंसधारी (FMGL) विनियम, 2021 के अनुरूप लाया जा रहा है, ताकि भारतीय और विदेशी मेडिकल शिक्षा नियमों में समानता लाई जा सके।
कब लागू होगा नया नियम?
एनएमसी ने स्पष्ट किया है कि ड्राफ्ट पर प्राप्त सुझावों और आपत्तियों पर विचार करने के बाद ही अंतिम संशोधन अधिसूचित किया जाएगा।
