NMC Medical Students Leave Ban: नीट यूजी 2026 री-एग्जाम से पहले राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) ने देशभर के मेडिकल कॉलेजों और चिकित्सा संस्थानों के लिए महत्वपूर्ण एडवाइजरी जारी की है। आयोग ने परीक्षा की निष्पक्षता, पारदर्शिता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से मेडिकल कॉलेज प्रशासन को अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। साथ ही छात्रों को किसी भी प्रकार की अनुचित या गैरकानूनी गतिविधि से दूर रखने के लिए विशेष जागरूकता अभियान चलाने को कहा गया है।

परीक्षा की विश्वसनीयता बनाए रखने पर जोर

एनएमसी द्वारा जारी सार्वजनिक सूचना में कहा गया है कि पिछले वर्षों में कुछ मेडिकल छात्रों के परीक्षा संबंधी अनियमितताओं में शामिल होने के मामले सामने आए थे, जिससे परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े हुए थे। इसी पृष्ठभूमि में आयोग ने सभी मेडिकल कॉलेजों को निर्देश दिया है कि वे परीक्षा अवधि के दौरान अपने छात्रों की गतिविधियों पर नजर रखें और उन्हें परीक्षा के नियमों एवं कानूनी प्रावधानों की जानकारी दें।

आयोग ने स्पष्ट किया है कि नकल, पेपर लीक, प्रश्नपत्रों की अवैध खरीद-फरोख्त या परीक्षा प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ गंभीर अपराध की श्रेणी में आती है। ऐसे मामलों में शामिल पाए जाने वाले छात्रों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सकती है।

20 और 21 जून को छुट्टियां देने से बचें कॉलेज

एनएमसी की एडवाइजरी का सबसे अहम हिस्सा छात्रों की छुट्टियों से जुड़ा है। आयोग ने सभी मेडिकल कॉलेजों और संस्थानों को निर्देश दिया है कि 20 और 21 जून को सामान्य परिस्थितियों में छात्रों को अवकाश न दिया जाए। केवल अत्यंत आवश्यक और उचित कारण होने पर ही छुट्टी स्वीकृत की जाए। आयोग का मानना है कि इस कदम से परीक्षा के दौरान संभावित दुरुपयोग की आशंकाओं को कम किया जा सकेगा और परीक्षा प्रक्रिया की निष्पक्षता बनाए रखने में मदद मिलेगी।

शिक्षा मंत्रालय के निर्देशों के बाद जारी हुई एडवाइजरी

यह एडवाइजरी शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग द्वारा जारी निर्देशों के अनुपालन में जारी की गई है। मंत्रालय ने भी नीट यूजी 2026 री-परीक्षा की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए संबंधित संस्थानों को सभी आवश्यक एहतियाती कदम उठाने के लिए कहा है।

गौरतलब है कि पिछले कुछ वर्षों में विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित पेपर लीक और अनियमितताओं के आरोपों के बाद परीक्षा एजेंसियों पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और पारदर्शिता बढ़ाने का दबाव लगातार बढ़ा है।

अभिभावकों और छात्रों ने फैसले का किया स्वागत

शिक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि परीक्षा प्रणाली में भरोसा बनाए रखने के लिए ऐसे सख्त कदम जरूरी हैं। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि नियमों के पालन के दौरान ईमानदार छात्रों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए। कई अभ्यर्थियों और अभिभावकों ने NMC के इस फैसले का स्वागत किया है। उनका मानना है कि परीक्षा की सुरक्षा और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए इस तरह के कदम आवश्यक हैं और इससे छात्रों का भरोसा मजबूत होगा।

21 जून को होगी NEET UG 2026 री-परीक्षा

देशभर के लाखों अभ्यर्थी 21 जून को आयोजित होने वाली NEET UG 2026 री-परीक्षा में शामिल होंगे। परीक्षा को लेकर प्रशासनिक तैयारियां तेज कर दी गई हैं। उम्मीद की जा रही है कि कड़ी निगरानी, सुरक्षा उपायों और सख्त नियमों के बीच परीक्षा शांतिपूर्ण एवं निष्पक्ष तरीके से संपन्न होगी।

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जब परीक्षा का पेपर लीक होने की खबर सामने आती है तो सबसे गहरी चोट उस छात्र को लगती है जिसने ईमानदारी और समर्पण के साथ तैयारी की होती है। खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें

(यह खबर कल्याणी चौधरी द्वारा लिखी गयी है। कल्याणी जनसत्ता डिजिटल के साथ इंटर्न के तौर पर जुड़ी हैं।)