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सिविल सेवा में घटेगी उम्र सीमा, 30 के बजाय 27 साल करने की सिफारिश

नीति आयोग ने शिक्षा पर जीडीपी बढ़ाने की नसीहत देते हुए कहा है कि साल 2022 तक शिक्षा पर जीडीपी का प्रतिशत दोगुना कर कम से कम छह फीसदी किया जाना चाहिए।

प्रतीकात्मक चित्र।

सरकार की थिंक टैंक मानी जाने वाली नीति आयोग ने सिविल सर्विसेज की परीक्षाओं को लेकर कई तरह के बदलावों की सिफारिश की है। नीति आयोग ने सिविल सर्विसेज की परीक्षा देने वाले जनरल कैटेगरी के अभ्यर्थियों के लिए अधिकतम आयु सीमा को कम करने की सिफारिश की है। अपनी सिफारिश में आयोग ने कहा है कि सिविल सर्विसेज की परीक्षाओं में शामिल होने वाले जनरल कैटेगरी के परीक्षार्थियों की वर्तमान आयु सीमा 30 से घटाकर 27 वर्ष की जानी चाहिए।

नीति आयोग ने साल 2022-23 से इस नियम को लागू करने की सिफारिश भी की है। आयोग ने अपनी रिपोर्ट ‘स्ट्रैटजी फॉर न्यू इंडिया75’ में एक और सुझाव देते हुए कहा है कि केंद्रीय और राज्य स्तर पर अभी 60 से अधिक अलग-अलग सिविल सर्विसेज सेवाओं को कम करने की जरुरत है। आयोग ने कहा है कि सिविल सर्विसेज में भर्तियां सेंट्रल टैलेंट पूल के आधार पर ही होनी चाहिए। नीति आयोग ने नौकरशाही में उच्च स्तर पर विशेषज्ञों की लेटरल इंट्री किये जाने की सिफारिश भी की है।

नीति आयोग ने शिक्षा पर जीडीपी बढ़ाने की नसीहत देते हुए कहा है कि साल 2022 तक शिक्षा पर जीडीपी का प्रतिशत दोगुना कर कम से कम छह फीसदी किया जाना चाहिए। एक खास बात यह भी है कि नीति आयोग ने अपनी सिफारिश में शिक्षकों के लिए कठिन योग्यता जांच के लिए समिति गठित करने की बात भी कही है।

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