देश के चर्चित युवा साइबर सुरक्षा रिसर्चर निसर्ग अधिकारी को भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान कानपुर (IIT Kanpur) के प्रतिष्ठित C3iHub में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिली है। उन्हें OSINT (Open-Source Intelligence) और Threat Intelligence Engineer के पद पर नियुक्त किया गया है। यह नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब वे हाल ही में शिक्षा क्षेत्र की डिजिटल प्रणाली को लेकर चर्चा में आए थे।

CBSE OSM सिस्टम विवाद के बाद सुर्खियों में आए थे निसर्ग अधिकारी

निसर्ग अधिकारी उस समय राष्ट्रीय सुर्खियों में आए जब उन्होंने कथित तौर पर सीबीएसई की ऑन स्क्रीन मार्किंग (OSM) प्रणाली में सुरक्षा खामियों और तकनीकी समस्याओं को उजागर किया। ओएसएम सिस्टम को परीक्षा मूल्यांकन को डिजिटल बनाने के लिए लागू किया गया था, जिसमें उत्तर पुस्तिकाओं की स्कैनिंग कर ऑनलाइन मूल्यांकन किया जाता है।

हालांकि, इसके शुरुआती चरण में कई शिक्षकों और छात्रों ने तकनीकी गड़बड़ियों, मूल्यांकन में असंगतियों और सिस्टम की विश्वसनीयता पर सवाल उठाए थे।

C3iHub में क्या होगी निसर्ग की भूमिका?

IIT कानपुर के C3iHub में निसर्ग अधिकारी का कार्य मुख्य रूप से साइबर सुरक्षा और थ्रेट इंटेलिजेंस से जुड़ा होगा। यह सेंटर देश में साइबर रिसर्च और डिजिटल सुरक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है और सरकारी व तकनीकी परियोजनाओं पर काम करता है।

संस्थान के अनुसार, यह भूमिका उन्हें अपने तकनीकी कौशल को और विकसित करने का अवसर देगी, साथ ही राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा प्रयासों में योगदान करने का मंच भी प्रदान करेगी।

IIT कानपुर डायरेक्टर का बयान

आईआईटी कानपुर के निदेशक प्रो. मनींद्र अग्रवाल ने कहा कि निशार्ग अधिकारी ने कम उम्र में ही असाधारण तकनीकी क्षमता दिखाई है। उन्होंने कहा कि संस्थान को विश्वास है कि C3iHub में काम करते हुए वे अपनी क्षमताओं को और निखारेंगे और साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।