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UGC, AICTE, NCTI की छुट्टी! ये हैं नई शिक्षा नीति में बड़े कदम

नई शिक्षा नीति के तहत 2030 तक देश के 100 प्रतिशत बच्‍चों को स्‍कूली शिक्षा में नामांकन कराने का लक्ष्‍य रखा गया है। अभी भी गरीब और पिछड़े वर्ग के बच्‍चे बेसिक शिक्षा से वंचित हैं जिन तक शिक्षा का प्रसार बेहद जरूरी है।

hrd ministry live news, Education Policy 2020Education Policy 2020: भारत दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी शिक्षा प्रणाली है जिसमें 1028 विश्‍वविद्यालय, 45 हजार कॉलेज, 14 लाख स्‍कूल तथा 33 करोड़ स्‍टूडेंट्स शामिल हैं।

बुधवार को मंजूर की गई नई शिक्षा नीति में स्‍कूली शिक्षा में आमूलचूल बदलाव का खाका तैयार किया गया है जिसमें बोर्ड परीक्षा को सरल बनाने और छात्रों पर से पाठ्यक्रम का बोझ कर करने पर जोर दिया जाएगा। उच्च शिक्षा सचिव अमित खरे ने बताया कि उच्च शिक्षा में यूजीसी, एआईसीटीई, एनसीटीई की जगह एक नियामक होगा। भारतीय उच्चतर शिक्षा परिषद (HECI) में विभिन्न भूमिकाओं को पूरा करने के लिए कई कार्यक्षेत्र होंगे। स्‍कूली पाठ्यक्रम को अब 10+2 की जगह 5+3+3+4 की नई पाठ्यक्रम संरचना लागू की जाएगी। भारत दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी शिक्षा प्रणाली है जिसमें 1028 विश्‍वविद्यालय, 45 हजार कॉलेज, 14 लाख स्‍कूल तथा 33 करोड़ स्‍टूडेंट्स शामिल हैं। देश में तीन दशक के इंतजार के बाद नई शिक्षा नीति लागू हो रही है।

Education Policy 2020 LIVE: Check Updates

नई शिक्षा नीति के तहत 2030 तक देश के 100 प्रतिशत बच्‍चों को स्‍कूली शिक्षा में नामांकन कराने का लक्ष्‍य रखा गया है। अभी भी गरीब और पिछड़े वर्ग के बच्‍चे बेसिक शिक्षा से वंचित हैं जिन तक शिक्षा का प्रसार बेहद जरूरी है। केन्‍द्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि नई शिक्षा नीति देश के लिए बेहद जरूरी थी। नई नीति के लागू होने के बाद अब शिक्षा के क्षेत्र में क्‍या बड़े बदलाव होने वाले हैं, इसकी पूरी जानकारी के लिए छात्र इस पेज पर बने रहें।

Live Blog

Highlights

    13:57 (IST)31 Jul 2020
    New Education Policy 2020: क्‍या है थ्री-लैंग्‍वेज पॉलिसी

    राजनीतिक दलों द्वारा विरोध के बाद, थ्री-लैंग्‍वेज फार्मूले के बारे में NEP के मसौदे में हिंदी और अंग्रेजी के संदर्भ को अंतिम नीति दस्तावेज से हटा दिया गया है। नीति में कहा गया है, "बच्चों द्वारा सीखी जाने वाली तीन भाषाएं राज्यों, क्षेत्रों और छात्रों की पसंद होंगी, इसके लिए तीन में से कम से कम दो भाषाएं भारतीय मूल की होनी चाहिए।"

    13:25 (IST)31 Jul 2020
    New Education Policy 2020: मातृभाषा या लोकल लैंग्वेज में होगी पढ़ाई

    स्कूलों में शिक्षा के माध्यम पर, शिक्षा नीति में कहा गया है, “जहां भी संभव हो, निर्देश का माध्यम कम से कम ग्रेड 5 तक, मातृभाषा / स्थानीय भाषा / क्षेत्रीय भाषा होगी। इसके बाद, स्थानीय भाषा को जहाँ भी संभव हो भाषा के रूप में पढ़ाया जाता रहेगा। यह नियम सार्वजनिक और निजी दोनों तरह के स्कूल में लागू होंगे।"

    12:55 (IST)31 Jul 2020
    New Education Policy 2020: प्रैक्टिकल एग्‍जाम्स का होगा अधिक महत्‍व

    बोर्ड परीक्षा के नंबरों का महत्‍व अब कम होगा जबकि कॉन्‍सेप्‍ट और प्रैक्टिकल नॉलेज का महत्‍व ज्‍यादा होगा। सभी छात्रों को किसी भी स्कूल वर्ष के दौरान दो बार बोर्ड परीक्षा देने की अनुमति दी जाएगी। एक मुख्य परीक्षा और एक सुधार के लिए। छात्र दूसरी बार परीक्षा देकर अपने नंबर सुधार भी सकेंगे।

    12:32 (IST)31 Jul 2020
    New Education Policy 2020: ग्रेजुएशन करने जा रहे छात्रों के लिए जानकारी

    स्नातक में प्रवेश लेने के बाद तीन साल पढ़ाई करना अनिवार्य नहीं होगा। नई शिक्षा निति लागू होने के बाद स्नातक 3 से 4 साल तक होगा। इस बीच किसी भी तरह से अगर बीच में छात्र पढ़ाई छोड़ता है तो उसका साल खराब नही होगा। एक साल तक पढ़ाई करने वाले छात्र को प्रमाणपत्र, दो साल पढ़ाई करने वाले को डिप्लोमा और कोर्स की पूरी अवधि करने वाले को डिग्री प्रदान की जाएगी।

    12:10 (IST)31 Jul 2020
    New Education Policy 2020: डिग्री के दौरान ब्रेक ले सकेंगे छात्र

    नई शिक्षा नीति के लागू होने के बाद छात्रों को आजादी होगी की अगर वे किसी कोर्स को बीच में छोड़कर दूसरे कोर्स में प्रवेश लेना चाहते हैं तो वे पहले कोर्स से एक निश्चित समय का ब्रेक ले सकते हैं।

    11:49 (IST)31 Jul 2020
    New Education Policy 2020: स्कूल शिक्षा में ये सुधारअर्ली चाइल्ड

    हुड केयर एवं एजुकेशन के लिए कैरिकुलम एनसीईआरटी द्वारा तैयार होगा। इसमें 3 से 6 वर्ष के बच्चों के लिए विकसित किया जाएगा। बुनियाद शिक्षा (6 से 9 वर्ष के लिए) के लिए फाउंडेशनल लिट्रेसी एवं न्यूमेरेसी पर नेशनल मिशन शुरु किया जाएगा। पढ़ाई की रुपरेखा 5+3+3+4 के आधार पर तैयारी की जाएगी। इसमें अंतिम 4 वर्ष 9वीं से 12वीं शामिल हैं।

    11:23 (IST)31 Jul 2020
    New Education Policy 2020: 2030 तक पूरा करना है ये लक्ष्‍य

    इस नई शिक्षा नीति का लक्ष्य 3 से 18 आयु वर्ग के सभी बच्चों को 2030 तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करना है। नई शिक्षा निति में अब जीडीपी का छह प्रतिशत शिक्षा में खर्च किया जाएगा। इससे पहले जीडीपी का 4.43 प्रतिशत शिक्षा में खर्च होता था।

    10:27 (IST)31 Jul 2020
    New Education Policy 2020: हायर एजुकेशन में जोड़ी जाएंगी इतनी सीटें

    उच्च शिक्षा में 3.5 करोड़ नई सीटों को जोड़ा जाएगा। वहीं Gross Enrolment Ratio को 2035 तक पचास फीसदी करने का लक्ष्य है। 2018 के आकड़ों के अनुसार Gross Enrolment Ratio 26.3 प्रतिशत था।

    09:10 (IST)31 Jul 2020
    New Education Policy 2020: बोर्ड परीक्षाओं में होना है ये बदलाव

    10वीं और 12वीं कक्षओं के लिए बोर्ड परीक्षाएं जारी रहेंगी मगर कोचिंग कक्षाओं की आवश्यकता को समाप्त करने के लिए बोर्ड और प्रवेश परीक्षाओं की मौजूदा प्रणाली में सुधार किया जाएगा। छात्रों के समग्र विकास को प्रोत्साहित करने के लिए बोर्ड परीक्षा को फिर से डिज़ाइन किया जाएगा। छात्र अब नई नीति के अनुसार उन विषयों का खुद चुनाव कर सकेंगे जिनके लिए वे बोर्ड परीक्षा देना चाह रहे हैं।

    08:29 (IST)31 Jul 2020
    New Education Policy 2020: नई शिक्षा नीति के तहत ये रखा गया है लक्ष्‍य

    नई शिक्षा नीति के तहत 2030 तक देश के 100 प्रतिशत बच्‍चों को स्‍कूली शिक्षा में नामांकन कराने का लक्ष्‍य रखा गया है। अभी भी गरीब और पिछड़े वर्ग के बच्‍चे बेसिक शिक्षा से वंचित हैं जिन तक शिक्षा का प्रसार बेहद जरूरी है।

    07:57 (IST)31 Jul 2020
    New Education Policy 2020: 3 या 4 साल का होगा स्‍नातक

    स्नातक में प्रवेश लेने के बाद तीन साल पढ़ाई करना अनिवार्य नहीं होगा। नई शिक्षा निति लागू होने के बाद स्नातक 3 से 4 साल तक होगा। इस बीच किसी भी तरह से अगर बीच में छात्र पढ़ाई छोड़ता है तो उसका साल खराब नही होगा। एक साल तक पढ़ाई करने वाले छात्र को प्रमाणपत्र, दो साल पढ़ाई करने वाले को डिप्लोमा और कोर्स की पूरी अवधि करने वाले को डिग्री प्रदान की जाएगी।

    07:18 (IST)31 Jul 2020
    New Education Policy 2020: रिसर्च को बढ़ावा देने के लिए होगा ये बदलाव

    अभी लागू शिक्षा नीति के अनुसार किसी छात्र को शोध करने के लिए स्नातक, एमफिल और उसके बाद पी.एचडी करना होता था। परंतु नई शिक्षा नीति के लागू होने के बाद जो छात्र शोध क्षेत्र में जाना चाहते हैं वे चार साल के डिग्री प्रोग्राम के बाद सीधे पीएचडी या डीफिल में प्रवेश ले सकते हैं। वहीं जो छात्र नौकरी करना चाहते हैं उनके लिए वही डिग्री कोर्स तीन साल में पूरा हो जाएगा। वहीं शोध को बढ़ृावा देने के लिए और गुणवत्ता में सुधार के लिए नेशनल रिसर्च फाउनंडेशन की भी स्थापना की जाएगी।

    06:55 (IST)31 Jul 2020
    New Education Policy 2020: 2030 तक पूरा करना है ये लक्ष्‍य

    इस नई शिक्षा नीति का लक्ष्य 3 से 18 आयु वर्ग के सभी बच्चों को 2030 तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करना है। नई शिक्षा निति में अब जीडीपी का छह प्रतिशत शिक्षा में खर्च किया जाएगा। इससे पहले जीडीपी का 4.43 प्रतिशत शिक्षा में खर्च होता था।

    06:31 (IST)31 Jul 2020
    New Education Policy 2020: के कस्‍तूरीरंगन की अध्‍यक्षता में तैयार किया गया मसौदा

    इससे पहले राजीव गांधी के कार्यकाल में 1986 में नई शिक्षा नीति को लागू किया गया था। जिसमें 1992 में कुछ संशोधन किए गये थे। इस हिसाब से 34 साल बाद भारत देश में नई शिक्षा नीति लागू हो रही है। इस नई शिक्षा नीति का मसौदा इसरो के प्रमुख के कस्तूरीरंगन की अध्यक्षता में विशेषज्ञों ने तैयार किया है।

    22:29 (IST)30 Jul 2020
    New Education Policy 2020: वैश्विक मंचों पर नेतृत्व का समर्थन

    नई शिक्षा नीति में बदलाव करते हुए हाईयर एजुकेशन और व्यापक शिक्षा तक सबकी पहुंच सुनिश्चित की गई है। इसके जरिए भारत का लगातार विकास सुनिश्चित होगा साथ ही वैश्विक मंचों पर आर्थिक विकास, सामाजिक विकास, समानता और पर्यावरण की देख-रेख, वैज्ञानिक उन्नति और सांस्कृतिक संरक्षण के नेतृत्व का समर्थन करेगा।

    21:44 (IST)30 Jul 2020
    सभी कॉलेजों में पढ़ाए जाएंगे संगीत, कला और साहित्य समेत ये विषय

    भाषा, साहित्य, संगीत, फिलॉसफी, कला, नृत्य, रंगमंच, शिक्षा, गणित, स्टैटिक्स, प्योर एंड अप्लाईड साइंस, समाजशास्त्र, अर्थशास्त्र, खेल, अनुवाद और व्याख्या, आदि विभागों को सभी उच्च शिक्षा संस्थानों में स्थापित और जोर दिया जाएगा।

    21:01 (IST)30 Jul 2020
    New Education Policy 2020: स्कूल शिक्षा में ये सुधार

    अर्ली चाइल्डहुड केयर एवं एजुकेशन के लिए कैरिकुलम एनसीईआरटी द्वारा तैयार होगा। इसमें 3 से 6 वर्ष के बच्चों के लिए विकसित किया जाएगा। बुनियाद शिक्षा (6 से 9 वर्ष के लिए) के लिए फाउंडेशनल लिट्रेसी एवं न्यूमेरेसी पर नेशनल मिशन शुरु किया जाएगा। पढ़ाई की रुपरेखा 5+3+3+4 के आधार पर तैयारी की जाएगी। इसमें अंतिम 4 वर्ष 9वीं से 12वीं शामिल हैं।

    20:08 (IST)30 Jul 2020
    New Education Policy 2020: 'निशंक' ने शेयर किया नीति पर एक्टर पवन कल्याण का video

    भारतीय सिनेमा जगत के जाने माने एक्टर पवन कल्याण ने नई शिक्षा नीति 2020 के बारे में कुछ बाते कहीं और वीडियो पोस्ट की है। उस वीडियो को एचआरडी मंत्री रमेश पोखरियाल ने अपने ट्विटर अकाउंट पर शेयर किया है।

    19:22 (IST)30 Jul 2020
    New Education Policy 2020: टीचर्स की भी ट्रेनिंग

    नई नीति में, शिक्षकों को उच्च-गुणवत्ता की सामग्री और शिक्षाशास्त्र में प्रशिक्षण की आवश्यकता होगी। जैसे-जैसे कॉलेज / विश्वविद्यालय बहु-विषयक बनने की दिशा में आगे बढ़ते हैं, उनका लक्ष्य बीएड, एमएड, और पीएचडी की पेशकश करने वाले उत्कृष्ट शिक्षा विभागों को भी पूरा करना होगा।

    18:26 (IST)30 Jul 2020
    New Education Policy 2020: रिसर्च में किया गया ये बदलवा

    जो रिसर्च में जाना चाहते हैं उनके लिए 4 साल का डिग्री प्रोग्राम होगा. जबकि जो लोग नौकरी में जाना चाहते हैं वो तीन साल का ही डिग्री प्रोग्राम करेंगे. लेकिन जो रिसर्च में जाना चाहते हैं वो एक साल के एमए (MA) के साथ चार साल के डिग्री प्रोग्राम के बाद पीएचडी (PhD) कर सकते हैं. इसके लिए एमफिल (M.Phil) की जरूरत नहीं होगी।

    17:56 (IST)30 Jul 2020
    New Education Policy 2020: कक्षा 6 से कोडिंग, स्ट्रीम में कोई विभाजन नहीं

    मैथमेटिकल थिंकिंग, साइंटिफिक टेंपर कोर्स का हिस्सा होंगे। खेल, व्यावसायिक, कला, वाणिज्य, विज्ञान जैसे सह-पाठ्यक्रम विषय समान स्तर पर होंगे। छात्र अपनी पसंद के अनुसार पाठ्यक्रम चुन सकते हैं। कक्षा 6 से छात्रों को कोडिंग की अनुमति दी जाएगी।

    17:36 (IST)30 Jul 2020
    New Education Policy 2020: निगरानी और देखरेख करेगा NAC

    एक 'मेटा-मान्यता प्राप्त निकाय' होगी, जिसे राष्ट्रीय प्रत्यायन परिषद (NAC) कहा जाता है। संस्थानों का प्रत्यायन मुख्य रूप से बुनियादी मानदंडों, सार्वजनिक स्व-प्रकटीकरण, सुशासन, और परिणामों पर आधारित होगा, और इसे (NAC) द्वारा निगरानी और देखरेख करने वाले मान्यता प्राप्त संस्थानों के एक स्वतंत्र पारिस्थितिकी तंत्र द्वारा किया जाएगा।

    16:56 (IST)30 Jul 2020
    New Education Policy 2020: उच्च शिक्षा में UGC, AICTE, NCTI की जगह एक नियामक

    नई शिक्षा नीति में उच्च शिक्षा को लेकर कई बड़े बदलाव किए गए हैं। उच्च शिक्षा सचिव अमित खरे ने बताया कि उच्च शिक्षा में यूजीसी, एआईसीटीई, एनसीटीई की जगह एक नियामक होगा। कॉलेजों को स्वायत्ता (ग्रेडेड ओटोनामी) देकर 15 साल में विश्वविद्यालयों से संबद्धता की प्रक्रिया को पूरी तरह से खत्म कर दिया जाएगा। भारतीय उच्चतर शिक्षा परिषद (HECI) में विभिन्न भूमिकाओं को पूरा करने के लिए कई कार्यक्षेत्र होंगे।

    16:23 (IST)30 Jul 2020
    New Education Policy 2020: एक्टर अनिल कपूर क्या कहते हैं, जानें

    बॉलीवुड एक्टर अनिल कपूर ने नई शिक्षा नीति का समर्थन करते हुए सरकार को बधाई दी है। उन्होंने ट्विट किया कि, 'मैं भारत सरकार को देश को एक ऐसी शिक्षा नीति देने के लिए बधाई देता हूं जो केवल उनके परीक्षा के अंकों पर निर्णय लेने के बजाय एक बच्चे की रचनात्मक और यूनिक एबिलिटी को बढ़ावा देगी।'

    15:46 (IST)30 Jul 2020
    New Education Policy 2020: क्षेत्रीय भाषाओं में ई-पाठ्यक्रम

    टेक शिक्षा योजना, शिक्षण, मूल्यांकन, शिक्षक, स्कूल और छात्र प्रशिक्षण का हिस्सा होना चाहिए। ई-सामग्री क्षेत्रीय भाषाओं में उपलब्ध होना चाहिए। हिंदी और अंग्रेजी में उपलब्ध ई-पाठ्यक्रमों में शामिल होने के लिए 8 प्रमुख भाषाओं - कन्नड़, ओडिया, बंगाली के साथ शुरू करना है।

    15:03 (IST)30 Jul 2020
    New Education Policy 2020: ज्यादा फीस लेने वालों पर लगेगी लगाम!

    सार्वजनिक और निजी एचईआई के लिए, सामान्य मानदंड दिए जाएंगे। इसका मतलब यह है कि शुल्क नियामक ढांचे के भीतर तय किया जाएगा और कैप से ज्यादा कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा।

    14:17 (IST)30 Jul 2020
    New Education Policy 2020: 10+2 की जगह 5+3+3+4 व्‍यवस्‍था होगी लागू

    बुधवार को मंजूर की गई नई शिक्षा नीति में स्‍कूली शिक्षा में आमूलचूल बदलाव का खाका तैयार किया गया है जिसमें बोर्ड परीक्षा को सरल बनाने और छात्रों पर से पाठ्यक्रम का बोझ कर करने पर जोर दिया जाएगा। स्‍कूली पाठ्यक्रम को अब 10+2 की जगह 5+3+3+4 की नई पाठ्यक्रम संरचना लागू की जाएगी।

    13:49 (IST)30 Jul 2020
    New Education Policy 2020: 2030 तक पूरा करना है ये लक्ष्‍य

    इस नई शिक्षा नीति का लक्ष्य 3 से 18 आयु वर्ग के सभी बच्चों को 2030 तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करना है। नई शिक्षा निति में अब जीडीपी का छह प्रतिशत शिक्षा में खर्च किया जाएगा। इससे पहले जीडीपी का 4.43 प्रतिशत शिक्षा में खर्च होता था।

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