जून में होने वाली राष्ट्रीय योग्यता परीक्षा (नेट) में परीक्षार्थियों को ‘स्क्रॉलिंग’ की समस्या का सामना नहीं करना पड़ेगा। इस परीक्षा को आयोजित करने वाली राष्ट्रीय परीक्षा एजंसी (एनटीए) ने इस परेशानी का हल निकाल लिया है और इसे जून में लागू किया जाएगा। ऑनलाइन आयोजित होने वाली इस परीक्षा में कई बार गद्यांश इतने बड़े दे दिए जाते हैं कि इसे पढ़ने के लिए न सिर्फ बार-बार ऊपर-नीचे करना पड़ता है बल्कि दाएं-बाएं भी करना पड़ता है।
एनटीए के प्रमुख विनीत जोशी ने बताया कि पिछली नेट परीक्षा के बाद हमें कई जगह से ‘स्क्रॉलिंग’ की समस्या के संबंध में शिकायतें मिली थीं। इस समस्या को दूर करने के लिए विशेषज्ञों को लगाया गया और समाधान निकाला गया। जून में होने वाली परीक्षा के दौरान परीक्षार्थियों को इस समस्या का सामना नहीं करना पड़ेगा। इसके लिए सबसे पहले तो दाएं से बाएं या बाएं से दाएं ‘स्क्रॉलिंग’ को खत्म किया गया है। हालांकि ऊपर से नीचे या नीचे से ऊपर किसी प्रश्न में ‘स्क्रॉलिंग’ करनी पड़ सकती है। इसके अलावा प्रश्नपत्र तैयार करने वाले विशेषज्ञों से कहा गया है कि वे गद्यांश इतना बड़ा नहीं दें कि उसको पढ़ने के लिए परीक्षार्थियों को बार-बार ‘स्क्रॉलिंग’ करना पड़े।
परीक्षा केंद्र प्रभारियों को दिया जाएगा प्रशिक्षण
जोशी ने बताया कि सभी तरह की परीक्षाओं के लिए बनाए जाने वाले परीक्षा केंद्रों के प्रभारियों को एनटीए प्रशिक्षण देगा। इसमें उन्हें परीक्षार्थियों से बात करने का तरीका बताया जाएगा, जिससे विवाद न हो सके। इसके अलावा प्रभारियों को धार्मिक निशान, पहनावे आदि से भी रूबरू कराया जाएगा, क्योंकि परीक्षा केंद्रों पर कई बार हिजाब, दुपट्टे या पगड़ी को लेकर विवाद हो जाता है। इसके अलावा एनटीए परीक्षा केंद्र प्रभारियों के लिए निर्देशों का एक मानक वक्तव्य तैयार कर रही है। इस मानक वक्तव्य को ही प्रभारी परीक्षार्थियों के सामने पढ़ेगा और इसे केंद्र के बाहर भी लगाया जाएगा।

