नीट यूजी पेपर लीक मामले पर शुक्रवार को देश की सर्वोच्च अदालत में अहम सुनवाई हुई। इस दौरान नीट परीक्षा आयोजित कराने वाली एजेंसी एनटीए ने सुप्रीम कोर्ट के समक्ष एक अहम जानकारी रखी। दरअसल, एनटीए ने बताया कि अगले साल यानी 2027 से नीट यूजी परीक्षा को पेन-पेपर मोड की जगह ऑनलाइन मोड में आयोजित कराया जाएगा। एनटीए ने कहा कि अगले साल से NEET-UG परीक्षा कंप्यूटर आधारित टेस्ट (CBT) मोड में आयोजित होगी। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट की जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे की बेंच इस मामले को देख रही है।
FAIMA और UDF की याचिकाओं पर SC में सुनवाई
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में एक हलफनामा दाखिल किया, जिसमें बताया कि 2027 से नीट यूजी परीक्षा को ऑनलाइन मोड में आयोजित कराया जाएगा। शीर्ष अदालत फिलहाल NEET-UG पेपर लीक मामले और 3 मई को हुई परीक्षा रद्द किए जाने से जुड़ी याचिकाओं पर सुनवाई कर रही है। यह याचिका FAIMA और UDF ने दाखिल की है। इन याचिकाओं में यह मांग की गई है कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) को भंग किया जाए और पेपर को सीबीटी मोड में आयोजित कराया जाए। साथ ही एक उच्च स्तरीय कमेटी द्वारा जांच की जाए।
हलफनामे में NTA ने क्या बताया?
एनटीए ने सुप्रीम कोर्ट में जो हलफनामा दाखिला किया है उसमें कहा है कि एक उच्च स्तरीय विशेषज्ञ समिति ने नीट यूजी को सीबीटी मोड में आयोजित कराने की सिफारिश की थी। एजेंसी ने बताया कि नीट यूजी परीक्षा ही एकमात्र बड़ी परीक्षा थी, जो अब तक पेन-पेपर मोड में कराई जा रही थी, जबकि NTA की बाकी प्रमुख परीक्षाएं पहले से ऑनलाइन मोड में ही आयोजित होती हैं।
एजेंसी ने बताया कि नीट यूजी प्रश्नपत्र तैयार करने और उसकी जांच के लिए नई स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) लागू की गई है। इसके अलावा पेपर सेंटर्स, ट्रांसलेटर्स और मॉडरेटर्स की नियुक्ति में रैंडमाइजेशन और रोटेशन पॉलिसी को अपनाया जा रहा है। NTA ने यह भी बताया है कि ट्रांसलेशन के काम के लिए अधिक से अधिक AI आधारित टूल्स की मदद ली जाए ताकि मानवीय हस्तक्षेप कम हो और पेपर लीक जैसी घटनाएं न घटें।
