राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) के महानिदेशक (DG) अभिषेक सिंह ने नीट यूजी 2026 री-एग्जाम से पहले भारत में टेलीग्राम की पहुंच सीमित करने के फैसले का बचाव किया है। उन्होंने माना कि यह कदम पूरी तरह “फूलप्रूफ” नहीं है क्योंकि कुछ लोग वीपीएन के जरिए प्रतिबंध को दरकिनार कर सकते हैं लेकिन इससे पेपर लीक के नाम पर चल रहे फर्जीवाड़े और ठगी के नेटवर्क को बड़ा झटका लगेगा।

सामाचार एजेंसी एएनआई को दिए इंटरव्यू में अभिषेक सिंह ने कहा कि भले ही कुछ चैनल वीपीएन के जरिए संचालित होते रहें लेकिन जब छात्रों की पहुंच इन तक नहीं होगी तो उनका पूरा कारोबार खत्म हो जाएगा। इससे अभ्यर्थी नकली प्रश्नपत्र लीक और ठगी का शिकार होने से बच सकेंगे।

वीपीएन से चल सकते हैं चैनल लेकिन नहीं मिलेंगे ग्राहक

एनटीए प्रमुख ने कहा कि पेपर लीक के नाम पर कई फर्जी चैनल छात्रों से पैसे ऐंठते हैं। टेलीग्राम ब्लॉक होने के बाद ऐसे चैनलों तक छात्रों की पहुंच कम हो जाएगी, जिससे उनका “क्लाइंट बेस” खत्म हो जाएगा। उन्होंने कहा, “अगर इन चैनलों के पास ग्राहक नहीं होंगे तो धोखाधड़ी अपने आप कम हो जाएगी और छात्रों का पैसा तथा समय दोनों बचेंगे।”

लंबे समय से निगरानी में थे ऐसे चैनल

अभिषेक सिंह के मुताबिक, भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C), राज्य पुलिस, स्पेशल टास्क फोर्स और अन्य जांच एजेंसियां लंबे समय से ऐसे टेलीग्राम चैनलों की निगरानी कर रही थीं।

उन्होंने बताया कि कई बार किसी चैनल को बंद करने और उसकी पहचान करने में समय लग जाता है। इस दौरान ठग अपना काम कर लेते हैं। इतना ही नहीं, एक चैनल बंद होने पर वे नए नाम से फिर सक्रिय हो जाते हैं। इसी वजह से सरकार को व्यापक स्तर पर कार्रवाई करनी पड़ी।

सिर्फ 37 दिनों में कराना पड़ा री-एग्जाम

एनटीएन डीजी ने बताया कि सामान्य तौर पर नीट जैसी बड़ी परीक्षा की तैयारी में 5 से 6 महीने का समय लगता है लेकिन इस बार पुनर्परीक्षा केवल 37 दिनों के भीतर आयोजित करनी पड़ रही है।

उन्होंने कहा कि प्रश्नपत्र तैयार करना, प्रूफरीडिंग, 13 भाषाओं में अनुवाद, 22 लाख प्रश्नपत्रों की छपाई और देशभर में उनकी सुरक्षित ढुलाई जैसे सभी काम बेहद कम समय में पूरे किए जा रहे हैं।

वायुसेना की मदद से तेजी से पहुंचाए गए प्रश्नपत्र

अभिषेक सिंह ने बताया कि प्रश्नपत्रों की सुरक्षित और तेज ढुलाई के लिए रक्षा मंत्रालय और भारतीय वायुसेना की सहायता ली गई है। इससे परिवहन में लगने वाला समय 15-20 दिनों से घटकर सिर्फ 3-4 दिन रह गया। उन्होंने कहा कि छात्रों के हितों की रक्षा के लिए केवल चेतावनी देना पर्याप्त नहीं है, बल्कि जरूरत पड़ने पर कठोर कदम उठाना भी आवश्यक है।

नीट री-एग्जाम के लिए सुरक्षा के कई स्तर

एनटीए ने इस बार परीक्षा सुरक्षा को लेकर कई अतिरिक्त इंतजाम किए हैं। एजेंसी के अनुसार प्रश्नपत्र निर्माण, अनुवाद, प्रिंटिंग, भंडारण और परिवहन के हर चरण में बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है। इस कार्य में गृह मंत्रालय, अर्धसैनिक बल, डाक विभाग, रक्षा मंत्रालय, विदेश मंत्रालय, राज्य सरकारें, पुलिस प्रशासन और अन्य एजेंसियों को शामिल किया गया है।

5,440 परीक्षा केंद्रों पर होगी परीक्षा

एनटीए के अनुसार नीट यूजी री-एग्जाम 2026 का आयोजन भारत के 5,440 परीक्षा केंद्रों और विदेशों में 14 केंद्रों पर किया जाएगा। एजेंसी का दावा है कि इस बार परीक्षा प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए गए हैं।