नीट यूजी री-एग्जाम 2026 रिजल्ट जारी होने के बाद नया विवाद सामने आया है, जिसमें कई अभ्यर्थियों ने आरोप लगाया है कि उनके घोषित अंकों और ओएमआर शीट के आधार पर मिलने वाले अंकों में बड़ा अंतर है। इस बीच सोशल मीडिया पर तीन वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिनमें कानपुर की आर्या सिंह, अयोध्या की आरुषि पटेल और अभय यादव ने अपने-अपने रिजल्ट को लेकर सवाल उठाए हैं।

इन दावों के बाद सोशल मीडिया पर #NEETReExam और #NEETResult ट्रेंड करने लगे हैं। हालांकि, राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने कम से कम एक मामले में आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि उसके रिकॉर्ड में किसी प्रकार की कोई गड़बड़ी नहीं मिली है।

वायरल वीडियो 1: कानपुर की आर्या सिंह ने क्या दावा किया?

कानपुर की अभ्यर्थी आर्या सिंह ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर दावा किया कि उनकी OMR शीट के अनुसार उन्हें 609 अंक मिलने चाहिए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि जब NEET Re-Exam का परिणाम जारी हुआ तो पोर्टल पर पहले 540 अंक दिखाई दिए, लेकिन कुछ ही घंटों बाद उनका स्कोर घटकर 167 अंक हो गया। इसके बाद उन्होंने परिणाम में गड़बड़ी का आरोप लगाया।

वायरल वीडियो 2: अयोध्या की आरुषि पटेल का दावा

अयोध्या की आरुषि पटेल ने भी वीडियो जारी कर दावा किया कि 16 जुलाई को उनके NEET री-एग्जाम के 710 अंक दिख रहे थे। उनका आरोप है कि 17 जुलाई की सुबह वही स्कोर बदलकर 155 अंक हो गया। उन्होंने परिणाम में पारदर्शिता की मांग करते हुए मामले की जांच कराने की अपील की है।

वायरल वीडियो 3: अभय यादव ने OMR और रिजल्ट में अंतर का लगाया आरोप

तीसरे वायरल वीडियो में अभय यादव ने दावा किया कि आधिकारिक उत्तर कुंजी के अनुसार उनके 634 अंक बन रहे थे, जबकि परिणाम में उन्हें केवल 164 अंक दिए गए। अभय का आरोप है कि उनकी वास्तविक OMR शीट में केवल 5 प्रश्न छोड़े गए थे, जबकि रिजल्ट के साथ दिखाई गई OMR में 45 प्रश्न अनुत्तरित दिखाए गए हैं। उन्होंने इस अंतर की जांच की मांग की है।

आर्या सिंह के आरोपों पर NTA का जवाब

आर्या सिंह (Application No. 260410434102) के मामले पर NTA ने आधिकारिक प्रतिक्रिया जारी की है।

एजेंसी के अनुसार, आर्या सिंह की मूल OMR शीट NTA के रिकॉर्ड में सुरक्षित है। OMR रिस्पॉन्स और उत्तर कुंजी चुनौती (Challenge) की अवधि के दौरान वही OMR उनके पंजीकृत ईमेल आईडी पर भेजी गई थी। सोशल मीडिया पर वायरल हो रही ओएमआर शीट डिजिटल रूप से बदली गई बताई गई है।

एनटीए का दावा है कि वायरल ओएमआर में एक इनविजिलेटर के हस्ताक्षर का समय 3:45 PM से बदलकर 2:45 PM कर दिया गया है। एजेंसी के अनुसार वायरल दस्तावेज में डिजिटल एडिटिंग के कई अन्य संकेत भी मिले हैं। एजेंसी ने कहा कि उसके रिकॉर्ड की जांच में घोषित परिणाम में कोई विसंगति नहीं पाई गई।

सोशल मीडिया पर क्यों बढ़ा विवाद?

लगातार सामने आ रहे वीडियो और छात्रों के दावों के बाद सोशल मीडिया पर कई यूजर्स नीट री-एग्जाम 2026 के परिणामों की स्वतंत्र जांच की मांग कर रहे हैं। हालांकि, अभी तक NTA ने सार्वजनिक रूप से केवल आर्या सिंह के मामले पर विस्तृत प्रतिक्रिया दी है। आरुषि पटेल और अभय यादव के दावों पर एजेंसी की ओर से कोई अलग आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।

नोट: आरुषि पटेल और अभय यादव के दावे सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में किए गए आरोपों पर आधारित हैं। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है और जनसत्ता इनमें से किसी भी दावे का समर्थन नहीं करता है। वहीं, आर्या सिंह के मामले में एनटीए ने आधिकारिक रूप से आरोपों का खंडन करते हुए अपने रिकॉर्ड को सही बताया है।