नीट यूजी परीक्षा 2026 के रद्द होने से 22 लाख से अधिक बच्चों का भविष्य दांव पर है। एनटीए ने कहा है कि परीक्षा दोबारा आयोजित की जाएगी, जिसकी डेट 7-10 दिन के भीतर घोषित कर दी जाएगी। माना जा रहा है कि रीएग्जाम जून के लास्ट में या जुलाई के शुरुआत में हो सकता है। नीट यूजी परीक्षा के रद्द होने से छात्रों में भारी गुस्सा है और ये गुस्सा परीक्षा को आयोजित करने वाली एजेंसी एनटीए के खिलाफ है। जहां एक तरफ एनटीए की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में है तो वहीं दूसरी तरफ शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का बतौर केंद्रीय शिक्षा मंत्री कार्यकाल भी सवालों के घेरे में है।

शिक्षा मंत्री के कार्यकाल में सामने आए परीक्षा विवाद

नीट पेपर लीक और फिर परीक्षा रद्द होने के बाद से लेकर अब तक शिक्षा मंत्री ने इस मामले पर कुछ नहीं बोला है। विपक्ष भी शिक्षा मंत्री की चुप्पी को लेकर लगातार हमलावर है। विपक्ष ने तो उनके इस्तीफे की मांग तक कर दी है। धर्मेंद्र प्रधान के कार्यकाल में ये कोई पहला मामला नहीं है जब पेपर लीक हुआ है या फिर पेपर रद्द किया गया है। 2021 से केंद्रीय शिक्षा मंत्री का कार्यभार संभाल रहे धर्मेंद्र प्रधान के कार्यकाल में पहले भी कई प्रमुख परीक्षाओं में पेपर लीक या फिर गंभीर गड़बड़ियों के आरोप लगे हैं। आइए हम आपको उनके कार्यकाल के ऐसे मामलों से अवगत कराते हैं:-

नीट यूजी रीएग्जाम की डेट कब होगी जारी? जानें कब आयोजित हो सकती है परीक्षा

JEE Main 2021

धर्मेंद्र प्रधान के कार्यकाल में सबसे पहले साल 2021 सितंबर में आयोजित हुई जेईई मेन परीक्षा विवादों में आई थी। इस परीक्षा को लेकर पेपर लीक से ज्यादा बड़ा विवाद ऑनलाइन परीक्षा में धांधली और चीटिंग रैकेट का था। इस एग्जाम को लेकर आरोप लगे थे कि एक प्राइवेट एजुकेशन कंपनी ने कुछ छात्रों के लिए परीक्षा सिस्टम को हैक/मैनिपुलेट किया।

आरोप था कि हरियाणा के सोनीपत के एक सेंटर से रिमोट एक्सेस के जरिए सवाल हल कराए जा रहे थे। इसके बदले छात्रों से 12–15 लाख रुपये लेने की बात सामने आई थी। इस मामले की जांच CBI ने की थी। इस परीक्षा को पूरी तरह रद्द न करके कई सेंटर्स पर दोबारा पेपर आयोजित कराया गया था। CBI ने दिल्ली-NCR, पुणे, बेंगलुरु, जमशेदपुर समेत 19–20 जगहों पर छापे मारे थे। जांच में लैपटॉप, कंप्यूटर, पोस्ट-डेटेड चेक और कई दस्तावेज बरामद हुए। कुछ लोगों को गिरफ्तार भी किया गया था। इसके अलावा 20 स्टूडेंट्स को 3 साल के लिए डिबार कर दिया गया था।

CUET UG 2022

धर्मेंद्र प्रधान के कार्यकाल में ही नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने सीयूईटी यूजी एग्जाम की शुरुआत साल 2022 में की थी। पहली बार यह परीक्षा अगस्त 2022 में ही आयोजित हुई थी। पहली ही बार में NTA को 53 से ज्यादा परीक्षा केंद्रों पर CUET UG परीक्षा स्थगित करनी पड़ी। इसकी वजह थी — सर्वर डाउन, क्वेश्चन पेपर अपलोड नहीं होना और कई सेंटर्स पर कंप्यूटर ही खराब होना। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक एक दिन में ही 50 हजार से अधिक छात्र परीक्षा नहीं दे पाए थे क्योंकि कई सेंटरों पर पेपर लोड नहीं हुए या परीक्षा शुरू ही नहीं हो सकी।

NEET UG Paper Leak: कौन है शुभम खैरनार? 10 लाख में खरीदकर 15 में बेचा था लीक पेपर

सीयूईटी यूजी 2022 का विवाद सिर्फ परीक्षा से जुड़ा हुआ नहीं था बल्कि इसकी आंसर की और रिजल्ट भी विवादित था। आंसर की को लेकर छात्रों का यह कहना था कि आंसर की में कई खामियां थीं। छात्रों के ऑब्जेक्शन के बाद भी आंसर की में कोई सुधार नहीं हुआ था। normalization और score calculation पारदर्शी नहीं थे।

NEET UG 2024

नीट यूजी 2024 का यह विवाद शिक्षा मंत्री के कार्यकाल का सबसे बड़ा विवाद था। यह विवाद देश के सबसे बड़े परीक्षा विवादों में से एक बन गया था। यह विवाद मुख्य रूप से पेपर लीक, ग्रेस मार्क्स और असामान्य रिजल्ट को लेकर था। इस परीक्षा विवाद से भी एनटीए की कार्यशैली और शिक्षा मंत्री के कार्यकाल पर सवाल उठे थे। देशभर में छात्रों ने विरोध प्रदर्शन किए थे। यह मामला भी सुप्रीम कोर्ट पहुंचा था और सीबीआई को इसकी जांच सौंपी गई थी।

नीट यूजी 2024 का विवाद कुछ ऐसा था कि बिहार के पटना और झारखंड के हजारीबाग समेत कुछ जगहों पर पेपर लीक के आरोप लगे थे। सुप्रीम कोर्ट में भी यह बात साबित हुई थी कि पेपर लीक हुआ था।

Explained: NTA क्या है? गठन से लेकर NEET विवाद तक नेशनल टेस्टिंग एजेंसी की पूरी कहानी

इसके अलावा 1,563 छात्रों को ग्रेस मार्क्स देकर पास किया गया। इसके कारण कई छात्रों के नंबर असामान्य रूप से बढ़ गए। भारी विरोध के बाद सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में कहा था कि ग्रेस मार्क्स वापस लिए जाएंगे और ग्रेस मार्क्स पाने वाले छात्रों को दोबारा परीक्षा देनी होगी। नीट यूजी 2024 का रिजल्ट भी काफी जल्दी जारी कर दिया गया था। इसको लेकर भी विवाद हुआ था। कई राज्यों से सुप्रीम कोर्ट में याचिकाएं दाखिल हुई थीं। सरकार ने सीबीआई को जांच सौंपी थी। बाद में देशभर में कई गिरफ्तारियां भी हुई थीं।

UGC NET 2024

साल 2024 में एनटीए की एक और परीक्षा यूजीसी नेट जबरदस्त विवादों में आई थी। इस परीक्षा के विवाद ने भी शिक्षा मंत्री के कार्यकाल को सवालों के कटघरे में लाकर खड़ा कर दिया था। यूजीसी नेट परीक्षा विवाद प्रमुख रूप से पेपर लीक से जुड़ा हुआ था। यह परीक्षा 18 जून 2024 को आयोजित हुई थी, लेकिन 19 जून को शिक्षा मंत्रालय की ओर से इस एग्जाम को रद्द कर दिया गया था।

NEET UG 2026 Paper Leak: सीकर के शिक्षक की शिकायत से कैसे खुला पूरा मामला, जानें पूरी टाइमलाइन

सरकार ने कहा था कि परीक्षा की ‘पवित्रता से समझौता’ हो सकता है इसलिए इस परीक्षा को रद्द किया गया है। सरकार को पेपर लीक के इनपुट मिले थे। कहा गया था कि पेपर को टेलिग्राम जैसे प्लेटफॉर्म पर वायरल किया गया था। इस परीक्षा के रद्द होने से 10-11 लाख बच्चे प्रभावित हुए थे। इस मामले की जांच सीबीआई को सौंपी गई थी। नीट यूजी 2024 को दोबारा 21 अगस्त 2024 से 4 सितंबर 2024 के बीच आयोजित किया गया था। इस बार परीक्षा CBT (Computer Based Test) मोड में आयोजित कराई गई थी।

NEET UG 2026

पिछले 5 साल के अंदर 4 बड़ी परीक्षाओं में गड़बड़ी के बाद इस साल भी नीट यूजी एग्जाम का पेपर लीक हो गया। 03 मई को आयोजित हुई परीक्षा को एनटीए ने 12 मई 2026 को रद्द कर दिया। इस परीक्षा में 22 लाख से अधिक कैंडिडेट उपस्थित हुए जो एनटीए के इस फैसले से प्रभावित हुए हैं। एनटीए ने ऐलान किया है कि यह परीक्षा दोबारा आयोजित कराई जाएगी जिसकी तारीख 20 मई के बाद जारी किए जाने की संभावना है।