नीट यूजी पेपर लीक मामले को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) द्वारा की जा रही है और सरकार चाहती है कि इस घोटाले में शामिल सभी आरोपियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए। धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि अब तक गिरफ्तार किए गए लोगों की आपराधिक भूमिका की पूरी जांच होनी चाहिए, उनके खिलाफ मुकदमे दर्ज किए जाएं, अदालत में त्वरित सुनवाई हो और उन्हें उदाहरणात्मक सजा मिले ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।
धर्मेंद्र प्रधान की छात्रों से अपील
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेद्र प्रधान ने 21 जून को आयोजित होने जा रही है नीट (NEET UG) परीक्षा से पहले कहा, “मैं छात्रों से अनुरोध करूंगा और उनके अभिभावकों से कहना चाहूंगा कि हम आपको आश्वस्त करते हैं कि हम त्रुटि शून्य नीट परीक्षा आपको देंगे। इस बार परीक्षा के नतीजे सटीक समय में ले आएंगे ताकि बच्चों के सीखने के समय का नुकसान न हो। बच्चों से अनुरोध है कि आप पढ़ाई पर ध्यान दें और आप निर्भीक तरीके से परीक्षा दें”
CBI कर रही है पूरे मामले की जांच
शिक्षा मंत्री ने स्पष्ट किया कि नीट यूजी पेपर लीक मामले की जांच फिलहाल सीबीआई के पास है। उन्होंने कहा कि जांच एजेंसी को यह पता लगाना चाहिए कि इस पूरे नेटवर्क में कौन-कौन शामिल था और किस स्तर तक इसकी पहुंच थी। उन्होंने कहा कि सरकार चाहती है कि दोषियों को कानून के तहत कठोर दंड मिले और परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता को फिर से मजबूत किया जाए।
अनुबंध का उल्लंघन करने वालों पर भी कार्रवाई संभव
धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि जिन संस्थाओं या पक्षों के साथ समझौते किए गए थे, उन्हें अपनी जिम्मेदारियां निभानी थीं, लेकिन उन्होंने अपने दायित्वों का उल्लंघन किया। उन्होंने बताया कि इस पहलू की कानूनी समीक्षा के लिए मामला राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) को भेजा गया है। NTA यह जांच कर रही है कि संबंधित पक्षों के खिलाफ सिविल लायबिलिटी के तहत कानूनी कार्रवाई की जा सकती है या नहीं। इसके लिए कानूनी विशेषज्ञों से सलाह ली जा रही है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद कर रहे हैं निगरानी
केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं इस मामले पर नजर बनाए हुए हैं। सरकार परीक्षा प्रणाली में हुई कमियों को दूर करने के लिए आवश्यक कदम उठा रही है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जो गलतियां हुई हैं, उन्हें सुधारा जाएगा और भविष्य में परीक्षाओं का संचालन अधिक पारदर्शी और सुरक्षित तरीके से किया जाएगा।
नीट पेपर लीक विवाद क्यों बना बड़ा मुद्दा?
नीट यूजी देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा है, जिसके माध्यम से एमबीबीएस, बीडीएस और अन्य मेडिकल पाठ्यक्रमों में प्रवेश मिलता है। पेपर लीक के आरोप सामने आने के बाद लाखों छात्रों और अभिभावकों के बीच परीक्षा की निष्पक्षता को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए थे। मामले ने राष्ट्रीय स्तर पर राजनीतिक और सामाजिक बहस को भी जन्म दिया, जिसके बाद केंद्र सरकार ने जांच CBI को सौंप दी थी।
