नीट यूजी पेपर लीक कांड के तार राजस्थान से इस कदर जुड़े हुए थे कि सीबीआई को एक-एक करके यहां से इस मामले के कनेक्शन मिल रहे हैं। नासिक में गेस पेपर की प्रिंटिंग होने के बाद इसे राजस्थान के कई जिलों में फैला गया था। इस पेपर लीक कांड में स्टूडेंट्स तो जुड़े ही हुए थे साथ ही कई कोचिंग सेंटर्स के भी नाम इस पेपर लीक कांड में सामने आ रहे हैं। इस बीच सीकर के एक शिक्षक ने एनटीए को इस पेपर लीक की जानकारी 7 मई को एक ईमेल के जरिए भेज दी थी।
एनटीए को कैसे पता चला कि पेपर लीक के बारे में?
द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, जिस शिक्षक ने एनटीए को ईमेल भेजा था वह पहले 04 मई की रात को पुलिस में शिकायत दर्ज कराने कोटा के उद्योग नगर थाने पहुंचा था, लेकिन पुलिस ने शिकायत दर्ज नहीं की जिसके बाद उन्होंने पेपर लीक की जानकारी ईमेल के जरिए एनटीए को भेज दी।
इस ईमेल के बाद NTA ने जांच एजेंसियों को किया था अलर्ट
एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, सीकर के इस शिक्षक के ईमेल के जरिए एनटीए को पेपर लीक के बारे में जानकारी मिली। इस टीचर ने मेल में बताया था कि उनके पास एक गेस पेपर आया था जिसके सवाल असली पेपर से हुबहू मैच कर रहे थे। एनटीए को जानकारी देने वाले शिक्षक ने बताया कि इस गेस पेपर को 30 हजार रुपये से लेकर 10 लाख रुपए तक में बेचा गया था। इस ईमेल के बाद एनटीए ने जांच एजेंसियों को अलर्ट किया। इसके बाद राजस्थान SOG और उसके बाद सीबीआई ने अपनी जांच शुरू की थी।
एनटीए को पेपर लीक की जानकारी देने वाले टीचर को उन्हीं के एक सीनियर टीचर का भी साथ मिला था जो कि सीकर में ही रहते हैं। इंडियन एक्सप्रेस को इस पूरी घटना की जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि उन्होंने ‘गेस पेपर’ को ध्यान से पढ़ा था और उन्होंने ही इसकी जानकारी एनटीए को देने का तरीका बताया था।
सीनियर टीचर ने कहा, “उन्होंने मुझे ‘गेस पेपर’ के बारे में उसी समय बताया जब उन्हें पता चला था। उन्हें इसकी जानकारी एग्जाम वाले दिन शाम को करीब 6 बजे लगी थी। हमने 150 पेज वाली पीडीएफ फाइल वाला वह गेस पेपर पढ़ा। उसी समय स्टूडेंट्स अपने सवालों और एग्जाम पर बात करने के लिए हमें कॉल कर रहे थे, जो शाम 5 बजे ही खत्म हुआ था, इसलिए हमें पेपर पढ़ने में थोड़ा समय लगा।”
उन्होंने बताया कि इस गेस पेपर में कुल 135 सवाल हुबहू पेपर से मैच कर गए थे जिसमें 90 बायोलॉजी के और 45 केमिस्ट्री के प्रश्न थे। फिर हमने सीकर में कुछ जर्नलिस्ट से बात की जिन्होंने चीजें समझने की कोशिश की और हमें बताया कि अगर कोई कंप्लेंट होती है तो वे कुछ पब्लिश कर सकते हैं। इस सब में बहुत टाइम लगा और इसलिए जब तक वह पुलिस स्टेशन पहुंचे, आधी रात हो चुकी थी।
सीनियर टीचर ने बताया कि हमें इस बात का अंदाजा बहुत कम था कि कोई एक्शन लिया जाएगा। सीनियर टीचर ने बताया कि हमने एनटीए को ईमेल करने से पहले वकीलों के कॉन्टैक्ट नंबर भी खोजे ताकि हम उनसे सलाह ले सकें। आखिरकार हमने एनटीए को ईमेनल भेजने का फैसला किया। संबंधित ईमेल ID ढूंढे और 7 मई को NTA, MHA और CBI को शिकायत भेज दी।
NEET Paper Leak: CBI के हत्थे चढ़ा ‘मास्टरमाइंड’, NTA के साथ काम कर चुका है लातूर का ये प्रोफेसर
सीबीआई ने नीट-यूजी परीक्षा के पेपर लीक के कथित सरगना की पहचान कर उसे गिरफ्तार कर लिया है। वह लातूर के कैमिस्ट्री के प्रोफेसर पी.वी. कुलकर्णी है। यहां पढ़ें पूरी खबर…
