NEET UG 2027: मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस समेत अन्य यूजी मेडिकल कोर्स में दाखिले के लिए होने वाली नीट यूजी परीक्षा के ऑनलाइन यानी कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट (CBT) मोड में जाने की तैयारी तेज हो गई है। शिक्षा मंत्रालय देशभर में बड़े पैमाने पर परीक्षा आयोजित करने के लिए नई नेशनल एग्जामिनेशन-ग्रेड सीबीटी इंफ्रास्ट्रक्चर स्ट्रैटेजी तैयार कर रहा है। इसका उद्देश्य पर्याप्त कंप्यूटर आधारित टेस्ट सेंटर तैयार करना और उनके इंफ्रास्ट्रक्चर को एक समान बनाना है।

फिलहाल, नीट यूजी परीक्षा पेन-पेपर और ओएमआर शीट के जरिए होती है। हालांकि, सरकार की योजना इसे ऑनलाइन करने की है। एनटीए के महानिदेशक अभिषेक सिंह भी सितंबर में कह चुके हैं कि नीट को जल्द सीबीटी मोड में ले जाने पर काम चल रहा है। उन्होंने सीबीटी को भविष्य की परीक्षा प्रणाली बताया था।

लेकिन अभी उम्मीदवारों को यह समझना जरूरी है कि अगली नीट परीक्षा का अंतिम पैटर्न, शिफ्ट, सेंटर और अन्य डिटेल एनटीए के आधिकारिक नोटिफिकेशन से ही तय मानी जाएगी। प्रस्तावित बदलाव पर अंतिम निर्णय हाई-पावर्ड टास्क फोर्स की सिफारिशों और संबंधित मंत्रालयों की सहमति के बाद होना है।

NEET UG को ऑनलाइन करने की तैयारी क्यों हो रही है?

नीट यूजी देश की सबसे बड़ी अंडरग्रेजुएट प्रवेश परीक्षाओं में से एक है। हर साल करीब 25 लाख उम्मीदवार इसमें शामिल होते हैं। इतने बड़े स्तर पर परीक्षा को सीबीटी में बदलना सिर्फ प्रश्नपत्र को कंप्यूटर स्क्रीन पर उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है। इसके लिए देशभर में पर्याप्त संख्या में सुरक्षित और परीक्षा-स्तरीय कंप्यूटर सेंटर तैयार करने होंगे।

शिक्षा मंत्रालय की प्रस्तावित रणनीति में मुख्य रूप से देशभर में CBT सेंटर की संख्या बढ़ाने, परीक्षा केंद्रों के इंफ्रास्ट्रक्चर को मानकीकृत करने, पर्याप्त कंप्यूटर और तकनीकी संसाधन उपलब्ध कराने, विश्वसनीय कनेक्टिविटी सुनिश्चित करने, परीक्षा सुरक्षा के लिए जरूरी सिस्टम तैयार करना, ग्रामीण और कम कनेक्टिविटी वाले क्षेत्रों की समस्या को ध्यान में रखना
बड़े पैमाने पर परीक्षा आयोजित करने की क्षमता तैयार करना जैसे बिंदुओं पर काम किया जा रहा है।

NEET UG 2027 में क्या बदल सकता है?

अगर नीट यूजी को सीबीटी मोड में लागू किया जाता है, तो उम्मीदवारों को ओएमआर शीट पर गोला भरने के बजाय कंप्यूटर स्क्रीन पर प्रश्न हल करने होंगे। हालांकि, सटीक सीबीटी इंटरफेस, प्रश्नों की संख्या, टाइमिंग, शिफ्ट और मार्किंग स्कीम में कोई बदलाव होगा या नहीं, इसकी सही जानकारी एनटीए के आधिकारिक सूचना बुलेटिन से ही होगी।

क्या जेईई और सीयूईटी की तरह सीबीटी मोड में आएगा नीट?

एनटीए पहले से कई बड़ी परीक्षाएं सीबीटी मोड में आयोजित करता है। इनमें जेईई मेन, सीयूईटी यूजी, सीयूईटी पीजी, यूजीसी नेट और सीएसआईआर यूजीसी नेट जैसी परीक्षाएं शामिल हैं। नीट यूजी अभी एनटीए की प्रमुख पेन-पेपर परीक्षाओं में अलग है।

एनटीए के डीजी अभिषेक सिंह ने भी कहा था कि नीट को सीबीटी में ले जाने पर काम किया जा रहा है और भविष्य में एजेंसी की परीक्षाओं को ज्यादा से ज्यादा कंप्यूटर आधारित बनाने की दिशा में काम होगा।

कितने CBT सेंटर चाहिए?

यही इस बदलाव की सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक है क्योंकि हर साल नीट में करीब 25 लाख उम्मीदवार शामिल होते हैं। इतनी बड़ी संख्या को एक साथ या सीमित शिफ्ट में कंप्यूटर पर परीक्षा दिलाने के लिए मौजूदा सीबीटी नेटवर्क को काफी बढ़ाना होगा।

इसी दिशा में एनटीए, ने सरकारी संस्थानों को संभावित परीक्षा केंद्रों के रूप में इस्तेमाल करने की संभावनाएं भी तलाशनी शुरू की हैं। सितंबर की एक रिपोर्ट के मुताबिक एनटीए ने एआईसीटीई से सरकारी तकनीकी और उच्च शिक्षा संस्थानों में उपलब्ध कंप्यूटर सुविधाओं और खाली जगह से जुड़ी जानकारी जुटाने को कहा था।

गांव और छोटे शहरों के छात्रों के लिए क्या होगा?

नीट को सीबीटी में बदलने की सबसे महत्वपूर्ण चुनौतियों में से एक समान अवसर और सेंटर की उपलब्धता है। सरकार की रणनीति में ग्रामीण क्षेत्रों, महिला उम्मीदवारों और कम इंटरनेट कनेक्टिविटी वाले जिलों पर पड़ने वाले प्रभाव को भी देखा जा रहा है।

हालांकि, सीबीटी परीक्षा के लिए हर छात्र को अपने घर से इंटरनेट के जरिए परीक्षा नहीं देनी होगी। प्रस्तावित व्यवस्था परीक्षा केंद्रों पर कंप्यूटर आधारित टेस्ट की होगी। इसलिए परीक्षा केंद्रों की उपलब्धता और वहां की तकनीकी सुविधाएं महत्वपूर्ण होंगी।

क्या बदल जाएगा नीट सिलेबस?

सिर्फ सीबीटी मोड में जाने से सिलेबस बदलना जरूरी नहीं है। फिलहाल उपलब्ध जानकारी मुख्य रूप से परीक्षा के मोड को पेन-पेपर से कंप्यूटर आधारित बनाने पर केंद्रित है। नीट 2027 का अंतिम सिलेबस, परीक्षा पैटर्न, प्रश्नों की संख्या, मार्किंग स्कीम और अन्य नियम एनटीए के आधिकारिक सूचना बुलेटिन में क्लियर होंगे। इसलिए छात्रों को फिलहाल किसी अनौपचारिक वेबसाइट पर दिए गए संभावित पैटर्न को अंतिम मानकर तैयारी में बड़ा बदलाव नहीं करना चाहिए।

क्या 2027 में नीट नॉर्मलाइजेशन लागू होगा?

अगर परीक्षा अलग-अलग शिफ्ट में सीबीटी मोड में आयोजित की जाती है, तो नॉर्मलाइजेशन की जरूरत पड़ सकती है लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि यह व्यवस्था निश्चित रूप से लागू होगी। अलग-अलग शिफ्ट में परीक्षा होने की स्थिति में प्रश्नपत्रों की कठिनाई में अंतर को कैसे संभाला जाएगा, इसका फैसला NTA की अंतिम परीक्षा नीति पर निर्भर करेगा।