नीट यूजी 2026 का रिजल्ट जारी होने के बाद टॉपर्स की सक्सेस स्टोरी नए छात्रों को मोटिवेट कर रही हैं। पंजाब के आर्यन गुप्ता ने इस एग्जाम में ऑल इंडिया रैंक में प्रथम स्थान हासिल किया है। वहीं हरियाणा के पांशुल बंसल को दूसरा स्थान मिला है। इनके अलावा कुल 19 स्टूडेंट ऐसे हैं जिन्हें 700 प्लस नंबर मिले हैं। इन्हीं स्टूडेंट में से एक हैं महाराष्ट्र के बारामती जिले की श्रावणी कुदले जिन्हें 720 में से 710 नंबर मिले हैं और उन्हें ऑल इंडिया लेवल पर पांचवीं रैंक मिली है। 18 साल की श्रावणी टॉप 5 में इकलौती लड़की भी हैं।

एम्स दिल्ली में चाहती हैं एडमिशन

श्रावणी कुदले को इस एग्जाम में उनकी सालों की तैयारी, कड़ी मेहनत और स्कूल के दिनों में मजबूती से तैयार की गई बुनियादी समझ की वजह से यह उपलब्धि हासिल हुई है। टॉपर्स में अपनी जगह बनाने के बाद श्रावणी बेहद उत्साहित है। उनकी इसी लगन ने उन्हें चिकित्सा के क्षेत्र में करियर बनाने के अपने सपने को साकार करने में मदद की है। श्रावणी का कहना है कि उनके लिए यह उपलब्धि हासिल करना एक सपने जैसा है। श्रावणी अब एम्स दिल्ली में दाखिला लेना चाहती हैं।

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‘9वीं क्लास से ही शुरू कर दी थी तैयारी’

श्रावणी ने अपनी उपलब्धि पर बात करते हुए कहा है, “मैं बहुत खुश हूं। ऐसा लग रहा है जैसे मेरा सपना सच हो गया है। मैं स्कूल के दिनों से ही नीट में शामिल होने का लक्ष्य लेकर चल रही थी। जब में कक्षा 9वीं में थी, तभी से मैने इस परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी थी। जब में नीट में शामिल हुईं तब तक मेरी तैयारी काफी मजबूत हो चुकी थी।”

श्रावणी के माता-पिता बेटी की उपलब्धि से खुश

श्रावणी के पिता जो कि पेशे से शिक्षक उनके पिता ने कहा कि परिवार को अच्छे परिणाम की उम्मीद थी, लेकिन यह कभी नहीं सोचा था कि वह राष्ट्रीय स्तर पर इतनी ऊंची रैंक हासिल करेंगी। उन्होंने कहा, “हमें विश्वास था कि वह अच्छा प्रदर्शन करेगी, लेकिन यह उम्मीद नहीं थी कि वह इतनी बड़ी उपलब्धि हासिल करेगी। उसकी कड़ी मेहनत, समर्पण और शिक्षकों के मार्गदर्शन का ही यह परिणाम है। माता-पिता होने के नाते हमें उस पर बेहद गर्व है।”

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डॉक्टर बनने का ही शुरू से था लक्ष्य

श्रावणी ने कहा कि वह शुरू से ही चिकित्सक बनना चाहती थीं और इसी लक्ष्य को ध्यान में रखकर लगातार मेहनत करती रहीं। नीट-यूजी देशभर के स्नातक चिकित्सा पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए आयोजित परीक्षा है। यह देश की सबसे बड़ी स्नातक प्रवेश परीक्षाओं में से एक है, जिसमें हर वर्ष लगभग 25 लाख अभ्यर्थी शामिल होते हैं।

नीट प्रश्नपत्र लीक के मामले के बारे में पूछे जाने पर श्रावणी ने कहा, “पहली नीट परीक्षा, जिसे बाद में रद्द कर दिया गया, उसमें भी मेरा प्रदर्शन अच्छा था। मैंने पुनर्परीक्षा को और बेहतर अंक हासिल करने के दूसरे अवसर के रूप में लिया। हालांकि, पहली परीक्षा की तुलना में दूसरी नीट परीक्षा अधिक कठिन थी।”